Homeन्यूजमध्य प्रदेश में स्लीपर बसों के लिए सख्त सुरक्षा नियम जारी, 7...

मध्य प्रदेश में स्लीपर बसों के लिए सख्त सुरक्षा नियम जारी, 7 दिन में RTO को सौंपनी होगी रिपोर्ट

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MP Sleeper Bus New Rules: मध्य प्रदेश में लगातार हो रहे बस हादसों और आगजनी की घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार और परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

परिवहन विभाग ने प्रदेश में संचालित सभी स्लीपर बसों के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं।

इन नियमों का पालन न करने वाली बसों को न केवल सड़क से हटाया जाएगा, बल्कि उनके मालिकों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

क्यों पड़ी नए नियमों की जरूरत?

अक्सर देखा गया है कि निजी बस ऑपरेटर अधिक मुनाफे के चक्कर में बस के चेसिस (मूल ढांचे) को बढ़ा देते हैं या केबिन में अवैध रूप से पार्टिशन कर देते हैं।

दुर्घटना के समय ये बदलाव यात्रियों के लिए मौत का जाल बन जाते हैं।

इसी को ध्यान में रखते हुए परिवहन आयुक्त कार्यालय ने सुरक्षा मानकों को सख्त करने का निर्णय लिया है।

MP Sleeper Bus New Rules, MP Sleeper Bus, Sleeper Bus New Rules, mp news, MP Transport Department, Bus Safety Guidelines, Sleeper Bus Fire Safety, RTO MP, Bus Inspection, Bus Cabin Partition Removal, Passenger Safety, Madhya Pradesh, bus travel

प्रमुख बदलाव जो आपकी सुरक्षा बढ़ाएंगे:

  1. केबिन पार्टिशन डोर का हटना: अब तक ड्राइवर के केबिन और यात्रियों के बैठने की जगह के बीच एक मजबूत दरवाजा होता था। इमरजेंसी की स्थिति में यह दरवाजा निकासी में बाधा बनता था। अब इसे हटाना अनिवार्य कर दिया गया है।

  2. स्लाइडर और अग्निशमन यंत्र: स्लीपर बर्थ में लगे स्लाइडर (कांच या दरवाजे) को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आग लगने या पलटने की स्थिति में यात्री आसानी से बाहर निकल सकें। इसके साथ ही हर बस में कम से कम 10 किलो क्षमता का फायर एक्सटिंग्विशर होना अनिवार्य है।

  3. फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम (FDSS): बस मालिकों को एक महीने के भीतर अपनी बसों में आग का पता लगाने और उसे बुझाने वाला ऑटोमैटिक सिस्टम (FDSS) लगाना होगा। यह सिस्टम आग लगते ही सक्रिय हो जाएगा, जिससे जनहानि को रोका जा सकेगा।

  4. बॉडी और चेसिस के साथ छेड़छाड़ पर रोक: कई बस ऑपरेटर बस की लंबाई बढ़ाने के लिए चेसिस में एक्सटेंशन करवाते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी अवैध रूप से मॉडिफाई की गई बसें अब सड़कों पर नहीं चलेंगी। अब बस के पंजीयन के समय उसका पूरा लेआउट (नक्शा) देना अनिवार्य होगा।

MP Sleeper Bus New Rules, MP Sleeper Bus, Sleeper Bus New Rules, mp news, MP Transport Department, Bus Safety Guidelines, Sleeper Bus Fire Safety, RTO MP, Bus Inspection, Bus Cabin Partition Removal, Passenger Safety, Madhya Pradesh, bus travel

7 दिन का अल्टीमेटम और RTO की भूमिका

ट्रांसपोर्ट कमिश्नर किरण कुमार शर्मा ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि प्रदेश के सभी आरटीओ (RTO) को अगले 7 दिनों तक विशेष चेकिंग अभियान चलाना होगा।

इस दौरान हर स्लीपर बस की भौतिक जांच की जाएगी और इसकी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।

जो बसें मानकों पर खरी नहीं उतरेंगी, उन्हें तुरंत जब्त किया जाएगा।

MP Sleeper Bus New Rules, MP Sleeper Bus, Sleeper Bus New Rules, mp news, MP Transport Department, Bus Safety Guidelines, Sleeper Bus Fire Safety, RTO MP, Bus Inspection, Bus Cabin Partition Removal, Passenger Safety, Madhya Pradesh, bus travel

आम जनता के लिए क्या बदलेगा?

इस पहल का सबसे बड़ा फायदा आम यात्रियों को होगा।

केबिन डोर हटने से आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के लिए अधिक जगह मिलेगी।

साथ ही, फायर सिस्टम होने से बसों में शॉर्ट सर्किट या इंजन से लगने वाली आग पर फौरन काबू पाया जा सकेगा।

यात्री अब अधिक विश्वास के साथ लंबी दूरी का सफर तय कर पाएंगे।

- Advertisement -spot_img