MP Sleeper Bus New Rules: मध्य प्रदेश में लगातार हो रहे बस हादसों और आगजनी की घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार और परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
परिवहन विभाग ने प्रदेश में संचालित सभी स्लीपर बसों के लिए कड़े नियम लागू कर दिए हैं।
इन नियमों का पालन न करने वाली बसों को न केवल सड़क से हटाया जाएगा, बल्कि उनके मालिकों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों पड़ी नए नियमों की जरूरत?
अक्सर देखा गया है कि निजी बस ऑपरेटर अधिक मुनाफे के चक्कर में बस के चेसिस (मूल ढांचे) को बढ़ा देते हैं या केबिन में अवैध रूप से पार्टिशन कर देते हैं।
दुर्घटना के समय ये बदलाव यात्रियों के लिए मौत का जाल बन जाते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए परिवहन आयुक्त कार्यालय ने सुरक्षा मानकों को सख्त करने का निर्णय लिया है।

प्रमुख बदलाव जो आपकी सुरक्षा बढ़ाएंगे:
-
केबिन पार्टिशन डोर का हटना: अब तक ड्राइवर के केबिन और यात्रियों के बैठने की जगह के बीच एक मजबूत दरवाजा होता था। इमरजेंसी की स्थिति में यह दरवाजा निकासी में बाधा बनता था। अब इसे हटाना अनिवार्य कर दिया गया है।
-
स्लाइडर और अग्निशमन यंत्र: स्लीपर बर्थ में लगे स्लाइडर (कांच या दरवाजे) को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आग लगने या पलटने की स्थिति में यात्री आसानी से बाहर निकल सकें। इसके साथ ही हर बस में कम से कम 10 किलो क्षमता का फायर एक्सटिंग्विशर होना अनिवार्य है।
-
फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम (FDSS): बस मालिकों को एक महीने के भीतर अपनी बसों में आग का पता लगाने और उसे बुझाने वाला ऑटोमैटिक सिस्टम (FDSS) लगाना होगा। यह सिस्टम आग लगते ही सक्रिय हो जाएगा, जिससे जनहानि को रोका जा सकेगा।
-
बॉडी और चेसिस के साथ छेड़छाड़ पर रोक: कई बस ऑपरेटर बस की लंबाई बढ़ाने के लिए चेसिस में एक्सटेंशन करवाते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी अवैध रूप से मॉडिफाई की गई बसें अब सड़कों पर नहीं चलेंगी। अब बस के पंजीयन के समय उसका पूरा लेआउट (नक्शा) देना अनिवार्य होगा।

7 दिन का अल्टीमेटम और RTO की भूमिका
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर किरण कुमार शर्मा ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि प्रदेश के सभी आरटीओ (RTO) को अगले 7 दिनों तक विशेष चेकिंग अभियान चलाना होगा।
इस दौरान हर स्लीपर बस की भौतिक जांच की जाएगी और इसकी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।
जो बसें मानकों पर खरी नहीं उतरेंगी, उन्हें तुरंत जब्त किया जाएगा।

आम जनता के लिए क्या बदलेगा?
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा आम यात्रियों को होगा।
केबिन डोर हटने से आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के लिए अधिक जगह मिलेगी।
साथ ही, फायर सिस्टम होने से बसों में शॉर्ट सर्किट या इंजन से लगने वाली आग पर फौरन काबू पाया जा सकेगा।
यात्री अब अधिक विश्वास के साथ लंबी दूरी का सफर तय कर पाएंगे।


