MP UCC News: उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब मध्य प्रदेश (MP) देश का चौथा ऐसा राज्य बनने की राह पर है, जहां समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि राज्य सरकार इस दिशा में बहुत गंभीरता और तेजी से कदम आगे बढ़ा रही है।
इसके लिए बकायदा एक हाई-लेवल कमेटी का गठन भी कर दिया गया है जो समाज के हर वर्ग से बातचीत कर रही है।
आसान भाषा में समझिए: आखिर क्या है UCC?
समान नागरिक संहिता (UCC) का मतलब है कि देश या राज्य में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक जैसा पारिवारिक कानून होना।
अभी हमारे देश में क्या होता है कि शादी, तलाक, जमीन-जायदाद का बंटवारा (विरासत) और बच्चा गोद लेने जैसे मामलों के लिए अलग-अलग धर्मों के अपने अलग-अलग ‘पर्सनल लॉ’ हैं।
UCC आने के बाद ये सारे अलग-अलग नियम खत्म हो जाएंगे।
फिर चाहे कोई हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या ईसाई—सभी के लिए शादी, तलाक और संपत्ति के अधिकार से जुड़े नियम बिल्कुल एक जैसे होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि आज के दौर में धार्मिक या सामाजिक आधार पर कानूनों में अंतर रखने की कोई जरूरत नहीं है, बल्कि समाज में समानता लाने के लिए आगे बढ़ने का समय है।
मध्य प्रदेश में कैसे चल रही है तैयारी?
एमपी सरकार इस कानून को जल्दबाजी में या थोपने के अंदाज में लागू नहीं करना चाहती।
इसके लिए लोकतांत्रिक तरीका अपनाया जा रहा है:
सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अगुवाई में कमेटी: सरकार ने इस कानून का ड्राफ्ट (मसौदा) तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाई है।
इस समिति में कानून और समाज के अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं।
जिलों में जाकर ली जा रही है राय: यह कमेटी केवल दफ्तरों में नहीं बैठ रही है, बल्कि मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर रही है।
वहां हर धर्म, जाति और वर्ग के लोगों से मिलकर उनके सुझाव लिए जा रहे हैं।
विशेष वेबसाइट की शुरुआत: मुख्यमंत्री ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस मामले में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
इसके लिए एक स्पेशल वेबसाइट भी लॉन्च की गई है, जहां कोई भी नागरिक घर बैठे अपना सुझाव या विचार सरकार तक पहुंचा सकता है।
महिलाओं को कैसे मिलेगा इसका सबसे बड़ा फायदा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विशेष रूप से जिक्र किया है कि इस कानून के आने से महिलाओं के अधिकार बहुत मजबूत होंगे।
अक्सर देखा जाता है कि अलग-अलग पर्सनल लॉ होने की वजह से तलाक या भरण-पोषण (गुजारा भत्ता) के मामलों में महिलाओं को काफी दिक्कतों और विसंगतियों का सामना करना पड़ता है।
UCC आने के बाद बहनों के तलाक और गुजारे भत्ते से जुड़े नियम पूरी तरह स्पष्ट और एकसमान हो जाएंगे, जिससे उन्हें कानूनी लड़ाई लड़ने में आसानी होगी और सामाजिक न्याय मिलेगा।
मध्य प्रदेश ही क्यों चुना गया?
सीएम का मानना है कि मध्य प्रदेश का माहौल हमेशा से बहुत शांतिपूर्ण और भाईचारे वाला रहा है।
यहाँ अलग-अलग संस्कृतियों और धर्मों के लोग आपस में मिलजुल कर रहते हैं।
इसलिए, यह राज्य समान नागरिक संहिता जैसी प्रगतिशील नीति को अपनाने के लिए सबसे अनुकूल और तैयार राज्यों में से एक है।
#UCC #MadhyaPradesh #MohanYadav #UniformCivil Code #MPNews #EqualityForAll #WomenEmpowerment #MPGovernment
