Ujjain Train Harassment Case: उज्जैन के नागदा रेलवे स्टेशन पर रविवार की रात एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
गुजरात के दाहोद से एक परिवार अस्थियां विसर्जित करने उज्जैन जा रहा था, लेकिन रास्ते में उनके साथ जो हुआ उसने परिवार को सदमे में डाल दिया है।
विवाद की शुरुआत
मिली जानकारी के अनुसार, जब ट्रेन रतलाम स्टेशन से आगे बढ़ी, तो डिब्बे में सवार कुछ मुस्लिम युवक परिवार की युवतियों के साथ बदतमीजी करने लगे।
बताया जा रहा है कि वे युवक सिगरेट पी रहे थे और जानबूझकर धुंआ लड़कियों की तरफ छोड़ रहे थे।
जब परिवार के बुजुर्गों और युवाओं ने इसका विरोध किया, तो बात गाली-गलौज से शुरू होकर मारपीट तक पहुंच गई।
ट्रेन के अंदर का खौफनाक मंजर:
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने फोन करके खाचरोद से अपने 50-60 साथियों को बुला लिया।
जैसे ही ट्रेन नागदा पहुंचने वाली थी, ये युवक डिब्बे में घुस गए और परिवार पर हमला कर दिया।
बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों—किसी को भी नहीं बख्शा गया। पूरे कोच में चीख-पुकार मच गई।
स्टेशन पर मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक, माहौल काफी डरावना था और पीड़ित परिवार डर के मारे रोने लगा था।
स्टेशन बना अखाड़ा, पुलिस को करनी पड़ी सख्ती:
जैसे ही इस मारपीट की खबर शहर में फैली, हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में स्टेशन पहुंच गए।
दूसरी तरफ से भी भीड़ जुटने लगी, जिससे सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई।
हालात हाथ से निकलते देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा ताकि भीड़ को तितर-बितर किया जा सके।
आगे की कार्रवाई:
पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर जीआरपी (GRP) थाने में मामला दर्ज कर लिया है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने अपनी निगरानी में परिवार को निजी वाहनों से उज्जैन भिजवाया।
फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा सके।


