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नासिक केस में TCS का कड़ा एक्शन: आरोपी निदा खान सस्पेंड, कंपनी ने छीने सारे अधिकार

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Nida Khan Nashik TCS Case: महाराष्ट्र के नासिक से शुरू हुआ यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण का मामला अब देश के सबसे बड़े कॉर्पोरेट घरानों तक पहुँच चुका है।

इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान पर देश की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है।

कंपनी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से नौकरी से सस्पेंड कर दिया है।

TCS की कार्रवाई और वायरल सस्पेंशन लेटर

TCS ने 9 अप्रैल 2026 को एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए निदा खान की सेवाओं पर रोक लगा दी है।

कंपनी के एचआर हेड शेखर कांबले द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि निदा खान, जो दिसंबर 2021 से ‘प्रोसेस एसोसिएट’ के रूप में काम कर रही थीं, अब कंपनी का हिस्सा नहीं रहेंगी।

कंपनी ने कड़ा रुख अपनाते हुए निदा का नेटवर्क एक्सेस तुरंत बंद कर दिया है।

 

इसका मतलब है कि वह अब कंपनी के किसी भी सिस्टम या डेटा को नहीं देख पाएंगी।

साथ ही, उन्हें कंपनी की सभी संपत्तियां (लैपटॉप, आईडी कार्ड आदि) वापस करने और किसी भी कर्मचारी से संपर्क न करने की सख्त हिदायत दी गई है।

आज कोर्ट में क्या होगा?

आज इस मामले का सबसे निर्णायक दिन है। निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail) पर कोर्ट में सुनवाई होनी है।

अगर कोर्ट उनकी दलीलों से संतुष्ट नहीं होता है और जमानत याचिका खारिज कर देता है, तो पुलिस उन्हें किसी भी वक्त गिरफ्तार कर सकती है।

पुलिस की जांच और महिला आयोग की रिपोर्ट इस फैसले में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

महिला आयोग की जांच तेज

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य महिला आयोग की सत्यशोधन समिति पिछले तीन दिनों से नासिक में डेरा डाले हुए है।

आज जांच का तीसरा दिन है। समिति उन पीड़ितों से बात कर रही है जिन्होंने यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोप लगाए हैं।

आयोग की कोशिश है कि इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जाए।

क्या हैं आरोप?

यह मामला नासिक के एक सेंटर से जुड़ा है जहाँ युवाओं को नौकरी या अन्य प्रलोभन देकर उनका यौन शोषण करने और फिर उन पर धर्म बदलने का दबाव बनाने के आरोप लगे हैं।

निदा खान पर आरोप है कि उन्होंने अपनी स्थिति का फायदा उठाकर इस पूरी प्रक्रिया में संदिग्ध भूमिका निभाई।

जैसे ही पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की, निदा खान के खिलाफ सबूतों की कड़ियाँ जुड़ती गईं, जिसके बाद TCS ने अपनी छवि और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को देखते हुए यह कड़ा कदम उठाया।

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