Priyank Kharge on RSS: कर्नाटक सरकार में कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे, प्रियांक खड़गे हाल ही में उन्होंने RSS पर तीखा हमला बोला है।
एक कार्यक्रम के दौरान खड़गे ने न केवल RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) की तुलना ‘शैतान’ से की, बल्कि इसके आर्थिक ढांचे और कानूनी अस्तित्व पर भी कई गंभीर सवाल उठाए।
शैतान और परछाई
प्रियांक खरगे ने कहा कि देश में आज जो लड़ाई चल रही है, वह असल में ‘परछाई’ से हो रही है।
उन्होंने बीजेपी (BJP) को ‘शैतान की परछाई’ और RSS को ‘शैतान’ करार दिया।
Bengaluru: At a book release event yesterday, Karnataka Minister Priyank Kharge said, “Around 2500 affiliated organisations are associated with the RSS. Money is being collected from many countries, including America and England. Considering this, it can be said that there is a… pic.twitter.com/0eIKAH3MUz
— ANI (@ANI) February 16, 2026
उनका तर्क था कि बीजेपी अपनी ताकत और विचारधारा के लिए पूरी तरह संघ पर टिकी है।
उन्होंने दावा किया कि अगर RSS का साथ न हो, तो बीजेपी की हालत क्षेत्रीय दलों (जैसे JDS) से भी बदतर हो जाएगी।
खरगे का कहना था, “अगर हम परछाई से लड़ना छोड़कर सीधे जड़ (RSS) पर प्रहार करें, तो देश की स्थिति में अपने आप सुधार आ जाएगा।”

फंडिंग और ‘गुरु दक्षिणा’ पर सवाल
खड़गे ने संघ की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए इसे एक ‘मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट’ की तरह बताया।
उन्होंने कहा कि RSS से लगभग 2500 संगठन जुड़े हुए हैं, जिन्हें अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों से बड़ी मात्रा में फंड मिलता है।
उन्होंने संघ की प्रसिद्ध ‘गुरु दक्षिणा’ परंपरा पर तंज कसते हुए पूछा कि इस पैसे का हिसाब क्यों नहीं दिया जाता?
उन्होंने कहा, “जब आम आदमी की कमाई और छोटे संगठनों के एक-एक पैसे का हिसाब रखा जाता है, तो संघ को टैक्स और ऑडिट से छूट क्यों है? अगर कल मैं नीला झंडा फहराकर गुरु दक्षिणा के नाम पर करोड़ों रुपये इकट्ठा करूं, तो क्या सरकार उसे वैध मानेगी?”
Bengaluru, Karnataka: Minister Priyank Kharge says, “Nobody knows how RSS gets their money. More than 2,000 or close to 2,500 organisations are supporting RSS through so-called dakshinas domestically and internationally. And they’ve all been linked to RSS. Where are they getting… pic.twitter.com/uJEEg1K2iq
— IANS (@ians_india) February 16, 2026
रजिस्ट्रेशन और देशभक्ति की चुनौती
प्रियांक ने संघ के लीगल स्टेटस पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि मोहन भागवत कहते हैं कि उन्हें रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है क्योंकि वे ‘व्यक्तियों का समूह’ (Body of Individuals) हैं।
खड़गे ने संकल्प जताते हुए कहा कि संविधान और कानून के दायरे में रहकर वे संघ का रजिस्ट्रेशन करवाकर ही दम लेंगे।

इसके अलावा, उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जिस संगठन ने 52 वर्षों तक अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया, वह आज दूसरों को देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांट रहा है, जो कि पूरी तरह गलत है।
उन्होंने साफ किया कि चाहे RSS हो या SDPI, सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए कानूनी और संवैधानिक इच्छाशक्ति की जरूरत है।


