Homeन्यूजRSS शैतान-BJP उसकी परछाई, देश सुधारना है तो परछाई से नहीं, शैतान...

RSS शैतान-BJP उसकी परछाई, देश सुधारना है तो परछाई से नहीं, शैतान से लड़ना होगा- प्रियांक खड़गे

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Priyank Kharge on RSS: कर्नाटक सरकार में कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे, प्रियांक खड़गे हाल ही में उन्होंने RSS पर तीखा हमला बोला है।

एक कार्यक्रम के दौरान खड़गे ने न केवल RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) की तुलना ‘शैतान’ से की, बल्कि इसके आर्थिक ढांचे और कानूनी अस्तित्व पर भी कई गंभीर सवाल उठाए।

शैतान और परछाई 

प्रियांक खरगे ने कहा कि देश में आज जो लड़ाई चल रही है, वह असल में ‘परछाई’ से हो रही है।

उन्होंने बीजेपी (BJP) को ‘शैतान की परछाई’ और RSS को ‘शैतान’ करार दिया।

उनका तर्क था कि बीजेपी अपनी ताकत और विचारधारा के लिए पूरी तरह संघ पर टिकी है।

उन्होंने दावा किया कि अगर RSS का साथ न हो, तो बीजेपी की हालत क्षेत्रीय दलों (जैसे JDS) से भी बदतर हो जाएगी।

खरगे का कहना था, “अगर हम परछाई से लड़ना छोड़कर सीधे जड़ (RSS) पर प्रहार करें, तो देश की स्थिति में अपने आप सुधार आ जाएगा।”

Priyank Kharge on RSS, RSS vs BJP, Priyank Kharge controversial statement, RSS Funding inquiry, Guru Dakshina Tax, Karnataka Politics news, RSS Registration controvers

फंडिंग और ‘गुरु दक्षिणा’ पर सवाल

खड़गे ने संघ की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए इसे एक ‘मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट’ की तरह बताया।

उन्होंने कहा कि RSS से लगभग 2500 संगठन जुड़े हुए हैं, जिन्हें अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों से बड़ी मात्रा में फंड मिलता है।

उन्होंने संघ की प्रसिद्ध ‘गुरु दक्षिणा’ परंपरा पर तंज कसते हुए पूछा कि इस पैसे का हिसाब क्यों नहीं दिया जाता?

उन्होंने कहा, “जब आम आदमी की कमाई और छोटे संगठनों के एक-एक पैसे का हिसाब रखा जाता है, तो संघ को टैक्स और ऑडिट से छूट क्यों है? अगर कल मैं नीला झंडा फहराकर गुरु दक्षिणा के नाम पर करोड़ों रुपये इकट्ठा करूं, तो क्या सरकार उसे वैध मानेगी?”

रजिस्ट्रेशन और देशभक्ति की चुनौती

प्रियांक ने संघ के लीगल स्टेटस पर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि मोहन भागवत कहते हैं कि उन्हें रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है क्योंकि वे ‘व्यक्तियों का समूह’ (Body of Individuals) हैं।

खड़गे ने संकल्प जताते हुए कहा कि संविधान और कानून के दायरे में रहकर वे संघ का रजिस्ट्रेशन करवाकर ही दम लेंगे।

Priyank Kharge on RSS, RSS vs BJP, Priyank Kharge controversial statement, RSS Funding inquiry, Guru Dakshina Tax, Karnataka Politics news, RSS Registration controvers

इसके अलावा, उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जिस संगठन ने 52 वर्षों तक अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया, वह आज दूसरों को देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांट रहा है, जो कि पूरी तरह गलत है।

उन्होंने साफ किया कि चाहे RSS हो या SDPI, सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए कानूनी और संवैधानिक इच्छाशक्ति की जरूरत है।

- Advertisement -spot_img