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पंजाब में अमृतसर सहित ये 3 जगहें ‘पवित्र शहर’ घोषित: मांस, शराब और तंबाकू पर लगा प्रतिबंध

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Meat alcohol tobacco ban punjab: पंजाब सरकार ने अमृतसर (वॉल्ड सिटी क्षेत्र), तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा देते हुए यहां मांस, शराब, तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक वीडियो संदेश में इसकी आधिकारिक घोषणा की।

क्यों मिला ‘पवित्र शहर’ का दर्जा?

सीएम मान ने बताया कि सिख धर्म के पांच तख्तों (सर्वोच्च सिंहासन) में से तीन इन्हीं शहरों में स्थित हैं।

अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब, तलवंडी साबो (बठिंडा) में श्री दमदमा साहिब और श्री आनंदपुर साहिब (रूपनगर) में तख्त श्री केशगढ़ साहिब है।

इनकी धार्मिक महत्ता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। गत महीने श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित विशेष विधानसभा सत्र में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया था।

क्या होगा प्रभाव?

इस निर्णय के बाद इन तीनों शहरों के निर्धारित क्षेत्रों में अब कोई भी मीट शॉप, लाइसेंस शराब की दुकान, सिगरेट या तंबाकू बेचने वाला ठेका नहीं खुल सकेगा।

सरकार का उद्देश्य इन स्थानों की आध्यात्मिक शांति और पवित्रता को बनाए रखना है।

यात्रियों के लिए सुविधाओं का इंतजाम

प्रतिबंध के साथ-साथ सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान रखा है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इन पवित्र शहरों तक पहुंच आसान बनाने के लिए ई-रिक्शा, मिनी-बस, शटल बस जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बढ़ाई जाएंगी।

इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।

यह कदम पंजाब सरकार द्वारा राज्य के ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों की गरिमा बचाए रखने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

इससे इन शहरों के पर्यावरण व संस्कृति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

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