Homeन्यूजइंदौर जल त्रासदी: भागीरथपुरा की संकरी गलियों में पहुंचे राहुल गांधी, अपनों...

इंदौर जल त्रासदी: भागीरथपुरा की संकरी गलियों में पहुंचे राहुल गांधी, अपनों को खोने वालों का दुख बांटा

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Rahul Gandhi Indore Visit: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।

इस त्रासदी के पीड़ितों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात करने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार 17 जनवरी को इंदौर पहुंचे।

राहुल गांधी का यह दौरा न केवल पीड़ितों को सांत्वना देने वाला रहा, बल्कि उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए न्याय की मांग भी की।

बॉम्बे हॉस्पिटल से शुरू हुआ दौरा

इंदौर एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद राहुल गांधी का स्वागत पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जैसे दिग्गज नेताओं ने किया।

इसके तुरंत बाद राहुल गांधी सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे, जहां दूषित पानी के कारण बीमार हुए मरीजों का इलाज चल रहा है।

राहुल गांधी ने वार्ड में जाकर मरीजों से उनका हाल जाना और करीब 15 मिनट तक उनके परिजनों से बातचीत कर प्रशासन की लापरवाही और इलाज की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

भागीरथपुरा की संकरी गलियां और सुरक्षा घेरा

अस्पताल से निकलने के बाद राहुल गांधी भागीरथपुरा बस्ती की ओर रवाना हुए।

भागीरथपुरा की संकरी गलियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती थी।

संकरी गलियों और घनी आबादी के कारण CRPF और अन्य सुरक्षा अधिकारियों ने शुरू में वहां जाने पर आपत्ति जताई थी।

सुरक्षा कारणों से पूरी बस्ती में दुकानें बंद करवा दी गई थीं और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

हालांकि, राहुल गांधी ने स्पष्ट किया था कि वे पीड़ितों से मिलने के लिए पैदल भी चलेंगे।

सरकार में कोई तो जिम्मेदार होगा- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने पीड़ितों से मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया और कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “…अलग-अलग शहरों में यही हो रहा है। जो सरकार की जिम्मेदारी है- साफ पानी, कम प्रदुषण, यह सब जिम्मेदारी सरकार नहीं निभा रही। यहां जिन लोगों ने यह कराया है, सरकार में कोई तो जिम्मेदार होगा तो कोई न कोई जवाबदेही सरकार को लेनी चाहिए और इन्हें जो मुआवजा मिलना है, यह जो सरकार की लापरवाही से हुआ है, उसके लिए इनकी पूरी मदद करनी चाहिए।”

आर्थिक सहायता और न्याय का भरोसा

राहुल गांधी ने भागीरथपुरा में मृतक परिवारों से मुलाकात की।

राहुल गांधी ने प्रत्येक मृतक परिवार को 1 लाख रुपये के चेक बांटे और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपनी ओर से 50 हजार रुपये का चेक देने की बात कही।

कांग्रेस का लक्ष्य उन सभी 24 परिवारों तक पहुंचना है, जिन्होंने इस जल त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोया है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

राहुल गांधी के इस दौरे के बीच कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए।

कांग्रेस नेताओं का दावा है कि भाजपा सरकार और स्थानीय नेता राहुल गांधी की मुलाकात को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रशासन और भाजपा नेताओं के दबाव में कई पीड़ित परिवारों को इलाके से ‘गायब’ कर दिया गया है।

विशेष रूप से 5 माह के मासूम अव्यान, जिसकी जान इस दूषित पानी से गई थी, उसके घर पर ताला लटका मिला, जिसे लेकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

जांच रिपोर्ट और मीडिया से संवाद

दौरे के दौरान पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने राहुल गांधी को उस जांच कमेटी की रिपोर्ट सौंपी, जिसे कांग्रेस ने इस घटना की सच्चाई जानने के लिए गठित किया था।

इस रिपोर्ट में जल प्रदाय प्रणाली की गंभीर खामियों और प्रशासनिक लापरवाही का जिक्र है।

राहुल गांधी का इंदौर दौरा यह संदेश देने की कोशिश है कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी।

जहां एक ओर कांग्रेस इसे ‘न्याय की लड़ाई’ बता रही है, वहीं भाजपा इसे केवल राजनीति करार दे रही है।

- Advertisement -spot_img