Raj Thackeray Warns UP-Bihari: महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से ठीक पहले धुर विरोधी रहे ठाकरे भाई राज और उद्धव ठाकरे एक मंच पर नजर आए।
दादर के शिवतीर्थ मैदान में हुई एक विशाल जनसभा में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने उत्तर भारतीय राज्यों, विशेषकर यूपी और बिहार के लोगों को सख्त लहजे में चेतावनी दी।
राज ठाकरे ने अपने संबोधन में ‘मराठी मानुष’ और क्षेत्रीय भाषा के मुद्दे को फिर से हवा दी।
यूपी-बिहार वाले महाराष्ट्र में हिंदी न थोपें वरना…
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोगों को महाराष्ट्र की धरती पर हिंदी थोपने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा, “मुझे किसी भाषा से नफरत नहीं है, लेकिन अगर आप अपनी भाषा हम पर थोपेंगे, तो मैं आपको लात मारकर बाहर कर दूंगा।”
“…अगर इसे थोपने की कोशिश करोगे तो मैं आपको लात मारूंगा”
◆ MNS के प्रमुख राज ठाकरे ने कहा @RajThackeray | #RajThackeray | Raj Thackeray pic.twitter.com/We2AkPEAIB
— News24 (@news24tvchannel) January 12, 2026
राज ठाकरे का यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई और महाराष्ट्र में रहना है, तो यहां की संस्कृति और भाषा का सम्मान करना होगा।
मराठी अस्मिता का ‘आखिरी चुनाव’
राज ठाकरे ने इस बीएमसी चुनाव को मराठी पहचान की “अंतिम लड़ाई” करार दिया।
उन्होंने कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को भावुक करते हुए कहा कि अगर आज मराठी मानुष एकजुट नहीं हुआ, तो उसका अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाहर से आने वाले लोग महाराष्ट्र के संसाधनों, जमीन और नौकरियों पर कब्जा कर रहे हैं।
राज ने कार्यकर्ताओं को पोलिंग डे पर सतर्क रहने को कहा ताकि ‘फर्जी वोटिंग’ के जरिए चुनावी नतीजों को प्रभावित न किया जा सके।

भाई आए साथ, बीजेपी पर साधा निशाना
राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर उद्धव ठाकरे ने भी राज ठाकरे के सुर में सुर मिलाया।
उद्धव ने कहा कि आज मुंबई के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है, इसलिए दोनों भाई एक साथ आए हैं।
उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा का हिंदुत्व ‘नकली’ है और वह केवल बांटने की राजनीति करती है।
उद्धव ने तंज कसा कि बीजेपी ‘नेशन फर्स्ट’ के बजाय ‘करप्शन फर्स्ट’ की नीति पर चल रही है।
२०१४ ते २०२५ या फक्त ११ वर्षांच्या काळात, सरकारच्या आशीर्वादाने अदानी समूह ज्या वेगाने देशात पसरला आणि अनेक क्षेत्रात एकाधिकारशाही निर्माण करत चालला आहे. त्याची झलक दाखवणारी ही चित्रफीत जरूर पहा… pic.twitter.com/rPXdviHzaH
— Raj Thackeray (@RajThackeray) January 11, 2026
अडाणी और गुजरात का मुद्दा
रैली के दौरान दोनों नेताओं ने उद्योगपति गौतम अडाणी के बढ़ते प्रभाव पर भी चिंता जताई।
राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें आज भी इस बात से नाराज हैं कि मुंबई महाराष्ट्र का हिस्सा है, गुजरात का नहीं।
उन्होंने दावा किया कि अडाणी ग्रुप के जरिए मुंबई और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) पर नियंत्रण पाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने बुलेट ट्रेन जैसे प्रोजेक्ट्स को मुंबई को गुजरात के अधीन करने की एक लंबी योजना का हिस्सा बताया।
बाळासाहेबांचं आवाहन… ‘चिमण्या परत फिरल्या’ #UddhavThackeray #RajThackeray #ShivSena #MNS pic.twitter.com/efD38ev8hK
— Anuja Dhakras (@AnujaDhakras21) January 11, 2026
अन्नामलाई के बयान पर पलटवार
बीजेपी नेता के. अन्नामलाई के उस बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी गई जिसमें उन्होंने कथित तौर पर मुंबई को एक ‘इंटरनेशनल शहर’ बताया था।
उद्धव ठाकरे ने सवाल किया कि क्या बीजेपी मुंबई का नाम बदलकर फिर से ‘बॉम्बे’ करना चाहती है?
A rally where Raj Thackeray abuses @annamalai_k is a show stopper as per @sardesairajdeep
The ‘Thackeray brand’ he says – rightfully so actually.. the loud applause on Raj T abusive word proves that 😐
He doesn’t stop at that .. he goes on to mock Tamilians and Rajdeep finds… pic.twitter.com/tccTf7w9VC— ExtraSpiceAni (@ShrivastavAni) January 12, 2026
उन्होंने कहा कि मुंबई को मराठियों ने अपना खून बहाकर हासिल किया है और इसे किसी भी कीमत पर उद्योगपतियों के हाथ में नहीं जाने दिया जाएगा।


