Ratlam Drug Factory Case: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है।
रतलाम पुलिस ने एक सीक्रेट ऑपरेशन के तहत चिकलाना गांव में चल रही एक अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है।
यह कार्रवाई केवल नशे के कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राजनीति, वन्यजीव अपराध और हथियारों का एक खतरनाक गठजोड़ भी उजागर हुआ है।
पुलिस की सीक्रेट छापेमारी
एसपी अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा।
बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों से पुलिस की विशेष टीमें फैक्ट्री के आसपास रेकी (निगरानी) कर रही थीं।
गुरुवार रात करीब ढाई बजे भारी पुलिस बल ने कालूखेड़ा थाना क्षेत्र के चिकलाना गांव में स्थित दिलावर खान पठान के ठिकाने पर धावा बोल दिया।
यह कार्रवाई इतनी सीक्रेट थी कि टीम में शामिल निचले स्तर के कर्मचारियों तक को इसकी भनक नहीं थी।

क्या-क्या हुआ बरामद?
जब पुलिस ने परिसर की तलाशी ली, तो अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं। मौके से ये प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई:
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ड्रग्स: 10 किलोग्राम से अधिक तैयार एमडी (MD) ड्रग और लगभग 3 करोड़ रुपये की कीमत का कच्चा माल (केमिकल)।
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हथियार: 12 बोर की बंदूकें और 91 जिंदा कारतूस।
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वन्यजीव और प्रकृति: परिसर से दो जीवित मोर और चंदन की लकड़ियां भी मिली हैं, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध है।
Ratlam, Madhya Pradesh: Police uncovered an MD drug manufacturing unit in Chikalana village, where a large quantity of the substance was being produced, with senior officers and heavy security present at the site. pic.twitter.com/E2wZQT5IBJ
— IANS (@ians_india) January 16, 2026
राजनीतिक कनेक्शन और आरोपी का प्रोफाइल
इस पूरी साजिश का मुख्य आरोपी दिलावर खान पठान बताया जा रहा है।
दिलावर कोई साधारण व्यक्ति नहीं है; वह राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय रहा है।
वह आजाद समाज पार्टी से जुड़ा है और उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद का करीबी माना जाता है।
इतना ही नहीं, दिलावर ने 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में जावरा सीट से चुनाव भी लड़ा था।
फिलहाल वह पार्टी में प्रदेश स्तर के पद पर तैनात है।

16 लोग हिरासत में
छापेमारी के वक्त फैक्ट्री में काम चल रहा था। पुलिस ने मौके से 16 लोगों को हिरासत में लिया है।
जिस घर में यह फैक्ट्री चल रही थी, वहां दिलावर का परिवार भी रहता है।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान परिवार के सदस्यों को भी बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी।

मध्य प्रदेश पुलिस की बड़ी उपलब्धि
आमतौर पर ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ने जैसे बड़े ऑपरेशन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) या केंद्रीय एजेंसियों द्वारा किए जाते हैं।
लेकिन यह संभवतः मध्य प्रदेश पुलिस का पहला ऐसा मामला है जहां उन्होंने अपने दम पर इतनी बड़ी ड्रग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को ध्वस्त किया है।


