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सीहोर में हाथ से उखड़ रही PM ग्राम सड़क, ग्रामीणों का आरोप- डामर की जगह इस्तेमाल हुआ काला तेल

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Sehore PMGSY Road Scam: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र एक बार फिर विकास के दावों की पोल खुल रही हैं।

यहां ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ के तहत बनाई जा रही एक सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती दिख रही है।

हालत यह है कि सड़क बनने के अगले ही दिन ग्रामीण इसे अपने हाथों से उखाड़ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

मामला इछावर के ग्राम कालापीपल जागीर से लसूड़िया कांगर तक का है।

यहां लगभग 4 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार मुनाफे के चक्कर में सड़क की गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ कर रहा है।

Sehore PMGSY Road Scam

जब ग्रामीणों ने मौके पर जाकर काम देखा, तो वे दंग रह गए।

उनके अनुसार, सड़क पर डामर (Tar) का नामोनिशान नहीं है; उसकी जगह किसी घटिया ‘काले तेल’ का इस्तेमाल कर सड़क को केवल ऊपर से चमका दिया गया है।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

गांव के निवासी नेपाल पटेल और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क इतनी कमजोर है कि उसे हाथ से आसानी से उखाड़ा जा सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर अभी यह हाल है, तो पहली बारिश में यह सड़क पूरी तरह बह जाएगी।

ग्रामीणों ने सीधे तौर पर ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है।

उनका कहना है कि सरकारी बजट को ठिकाने लगाने के लिए इस तरह का घटिया निर्माण किया जा रहा है।

Sehore PMGSY Road Scam

सामूहिक शिकायत और आंदोलन की चेतावनी

इस धांधली को देखकर ग्रामीणों ने अब चुप न बैठने का फैसला किया है।

उन्होंने एकजुट होकर सीएम हेल्पलाइन (181) पर सामूहिक शिकायत दर्ज कराई है।

ग्रामीणों की मांग है कि सड़क का निर्माण मानकों के अनुसार दोबारा कराया जाए।

साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और निर्माण की गुणवत्ता नहीं सुधारी गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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