Sex Workers Not Arrested: अब मध्य प्रदेश में पुलिस सेक्स वर्करों को अरेस्ट नहीं कर पाएंगी।
दरअसल, पुलिस मुख्यालय ने एक ऐसा आदेश दिया है जो वेश्यावृत्ति से जुड़ी महिलाओं के लिए राहत का कारण बनेगा।
नए आदेश के बाद अब ढाबों और होटलों में संचालित वेश्यालयों से पकड़ी जाने वाली महिला सेक्स वर्कर्स को पुलिस आरोपी नहीं बना सकेगी।
पुलिस ने पत्र लिखकर जारी किए निर्देश
यह आदेश सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के एक ऐतिहासिक फैसले के आधार पर जारी किया गया है।
पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और भोपाल एवं इंदौर के पुलिस आयुक्तों को पत्र लिखकर निर्देश जारी किए हैं।
इन निर्देशों के अनुसार, ऐसे मामलों में पकड़ी गई महिला सेक्स वर्कर को न तो गिरफ्तार किया जाएगा, न ही परेशान किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
स्पेशल डीजी ने कहा है कि महिला सेक्स वर्कर के साथ पीड़ित और शोषित के जैसे करने को लेकर पूर्व में भी निर्देश दिए गए हैं।
स्पेशल डीजी द्वारा जारी किए गए आदेश में सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय का उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया है कि स्वैच्छिक रूप से किया गया यौन कार्य (Voluntary Sex Work) अवैध नहीं है।
सिर्फ वेश्यालय (Brothel) चलाना गैरकानूनी है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि सेक्स वर्कर को ना तो गिरफ्तार किया जाए और ना ही उन्हें परेशान किया जाए, क्योंकि यह उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जरूरी बातें
- स्वैच्छिक यौन संबंध (Voluntary Sexual Relations) गैरकानूनी नहीं हैं
- केवल वेश्यालय का संचालन (Running a Brothel) ही कानूनन अपराध है
- सेक्स वर्कर को परेशान (Harass) या गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए
- हर महिला को सम्मानपूर्वक जीवन (Dignified Life) जीने का संवैधानिक हक है
सेक्स वर्कर्स को भी बना दिया जाता था आरोपी
पूर्व में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां पुलिस जब होटलों और ढाबों पर रेड मारती है तो कार्रवाई के दौरान महिला सेक्स वर्कर्स को आरोपी बना दिया जाता था, जबकि वे कई बार केवल शोषित होती थीं।
अब, इस पर स्पेशल डीजी महिला सुरक्षा प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं, जिनके अनुसार पुलिस को इन महिलाओं के साथ पीड़ित और शोषित व्यक्तियों जैसा व्यवहार करना चाहिए, न कि उन्हें दोषी ठहराना।

संवेदनशीलता से पेश आएं
इस दिशा में पुलिस अधिकारियों को कठोर अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी महिला सेक्स वर्कर के अधिकारों का उल्लंघन न हो।
साथ ही, पुलिस को यह भी ध्यान रखने को कहा गया है कि महिला सेक्स वर्कर के साथ संवेदनशीलता और सहानुभूति से पेश आया जाए।
पुलिस मुख्यालय ने इसको लेकर सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और भोपाल व इंदौर के पुलिस आयुक्तों को पत्र लिखकर इसका सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।