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कैलाश खेर ने मंदसौर में BJP विधायक और नगर पालिका को कहा ‘गरीब’-‘कंजूस’, भड़के स्थानीय नेता

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 13 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Kailash Kher Controversy: मध्य प्रदेश के मंदसौर में आयोजित पशुपतिनाथ महादेव मेले में प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर के कार्यक्रम ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है।

खेर ने मंच से जो बातें कहीं, उससे स्थानीय भाजपा नेताओं और नगर पालिका के बीच गुस्सा फैल गया है।

यहां तक कि अब उनके भुगतान को रोकने और कानूनी कार्रवाई की मांग तक की जाने लगी है।

क्या कहा कैलाश खेर ने?

कार्यक्रम के दौरान कैलाश खेर ने मंच पर मौजूद अतिथियों का परिचय करवाते हुए सुवासरा के भाजपा विधायक हरदीप सिंह डंग का नाम लिया।

इस दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में पूछा, “ये हरदीप सिंह डंग कौन हैं जी? ये कौन सा डंग है?”

इस पर भीड़ में से किसी ने चिल्लाकर जवाब दिया “बिच्छू का”।

यह सुनकर माहौल हल्का-फुल्का हो गया, लेकिन बाद में यही बात विवाद का कारण बनी।

इसके अलावा, कार्यक्रम की शुरुआत में ही उन्होंने दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा,

“ताली तो बजाओ, गरीबों…”। यह टिप्पणी सुनकर मौजूद लोग हैरान और नाराज दिखे।

उन्होंने नगर पालिका के कामकाज पर भी सीधा तंज कसते हुए कहा,

“हमारी बात समझी जाए, गरीबी नहीं दिखाइए, समझदारी दिखाइए। कलाकार को बुलाएं तो समझिए यज्ञ होने जा रहा है। कंजूसी करेंगे तो यज्ञ या भंडारा मत कीजिए।”

नगर पालिका और पार्षदों पर सीधा हमला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेला समिति और मंदसौर नगर पालिका ने करीब 45 लाख रुपये का भुगतान कर कैलाश खेर को इस कार्यक्रम के लिए बुलाया था।

लेकिन खेर ने मंच से नगर पालिका को बार-बार “गरीब” और “कंजूस” कहा, साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षदों को “अयोग्य” तक बता दिया।

उनके इन बयानों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सार्वजनिक अपमान माना जा रहा है।

विरोध और भुगतान रोकने की मांग

इस पूरे प्रकरण के बाद स्थानीय भाजपा नेताओं और पार्षदों ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया है।

मेला समिति की सदस्य व पार्षद प्रमिला गोयल ने मुख्य नगर अधिकारी (सीएमओ) के पास आवेदन देकर कैलाश खेर का भुगतान रोकने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ नेताओं बल्कि पूरे मेले की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।

भाजपा पार्षद सुनीता गुजेरिया ने सोशल मीडिया पर लिखा, “कार्यक्रम का सफल आयोजन, लेकिन मंच से बेइज्जती क्यों?”

वहीं, एक अन्य पार्षद पति जयप्रकाश पमनानी ने लिखा कि जो कलाकार अपनी प्रतिभा के नशे में जनप्रतिनिधियों पर सार्वजनिक टिप्पणी करे, उसकी आलोचना होनी चाहिए।

मजदूर कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष करण सिंह परिहार ने भी सीएमओ को लिखित शिकायत देकर भुगतान रोकने और पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।

कैलाश खेर की मंच से की गई टिप्पणियों ने एक सांस्कृतिक आयोजन को राजनीतिक विवाद में बदल दिया है।

इस घटना से यह सवाल भी उठ रहे हैं कि कलाकारों को सार्वजनिक मंचों पर किस हद तक बोलना चाहिए।

अब देखना यह है कि नगर निगम इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है और कैलाश खेर की टीम इस आरोप पर क्या जवाब देती है।

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