Sunetra Pawar NCP Merger: महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार, 31 जनवरी का दिन ऐतिहासिक होने वाला है।
एक तरफ जहां पूरा पवार परिवार और राज्य अजीत पवार के निधन के गम से उबर नहीं पाया है, वहीं दूसरी तरफ सत्ता और संगठन को संभालने के लिए अजीत की पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्य का डिप्टी सीएम बनाया जा रहा है।
वे महाराष्ट्र के इतिहास की पहली महिला उपमुख्यमंत्री होंगी।

गमगीन माहौल में शपथ की मजबूरी
28 जनवरी को बारामती में हुए एक दर्दनाक प्लेन क्रैश में अजीत पवार की मौत हो गई थी।
उनके निधन के मात्र चार दिन बाद सुनेत्रा पवार को शपथ लेनी पड़ रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एनसीपी (अजीत गुट) के भीतर बिखराव को रोकने और बीजेपी के साथ गठबंधन में अपनी ताकत बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।
फिलहाल सुनेत्रा मुंबई में अजीत पवार के सरकारी आवास ‘देवगिरी’ पहुंच चुकी हैं और शाम 5 बजे उनका शपथ ग्रहण प्रस्तावित है।

संवैधानिक प्रक्रिया और चुनौतियां
सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं।
नियमों के मुताबिक, राज्य में मंत्री पद की शपथ लेने से पहले उन्हें राज्यसभा से इस्तीफा देना होगा।
संविधान के अनुच्छेद 190(1) के अनुसार, कोई भी व्यक्ति एक साथ संसद और राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं रह सकता।
शपथ लेने के बाद उनके पास 6 महीने का समय होगा, जिसमें उन्हें या तो विधानसभा का चुनाव जीतना होगा या विधान परिषद (MLC) के जरिए सदन का सदस्य बनना होगा।

शरद पवार का बड़ा खुलासा: ‘होने वाला था विलय’
इस पूरे घटनाक्रम के बीच शरद पवार ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है।
उन्होंने बताया कि अजीत पवार चाहते थे कि एनसीपी के दोनों गुट फिर से एक हो जाएं।
शरद पवार के अनुसार, 12 फरवरी को इस विलय का औपचारिक ऐलान होना तय था।
अजीत पवार ने 17 जनवरी को बारामती में शरद पवार से मुलाकात भी की थी, जिसका वीडियो अब चर्चा में है।
शरद पवार ने कहा कि अजीत एक समर्पित नेता थे और विलय की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी, लेकिन उनके निधन ने सब बदल दिया।

पवार परिवार में क्या चल रहा है?
अजीत के निधन के बाद बारामती स्थित शरद पवार के घर पर शनिवार सुबह एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।
इसमें सुप्रिया सुले, रोहित पवार और युगेंद्र पवार शामिल हुए।
शरद पवार ने स्पष्ट किया कि “परिवार में कोई फूट नहीं है, हम एकजुट हैं।”
Throwback 📹17 Jan 2025-
Meeting b/w Sharad Pawar & NCP Chief Ajit Pawar Dada to discuss merger of 2 NCP factions.
As per Dada’s last wish, reportedly, United NCP will be led by Sunetra Vahini who will mainly focus on State & Supriya Sule to focus on Centre.
United NCP with… pic.twitter.com/myVCyt4Ure
— BhikuMhatre (@MumbaichaDon) January 31, 2026
हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने का फैसला प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे नेताओं का हो सकता है, इसमें उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं है।
Sharad Pawar’s SHOCKING reaction:
DENIES having any information on Sunetra Pawar’s swearing-in. pic.twitter.com/NANb7SztH3
— The Tatva (@thetatvaindia) January 31, 2026
राजनीतिक समीकरणों पर असर
अगर एनसीपी के दोनों गुटों का विलय होता है, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया पावर सेंटर बनेगा।
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ताकत: विलय के बाद एनसीपी के पास 51 विधायक और 9 लोकसभा सांसद होंगे।
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इलाका: यह गठबंधन पश्चिमी महाराष्ट्र (शुगर बेल्ट) में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव को चुनौती दे सकता है।
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विपक्ष बनाम सत्ता: यह देखना दिलचस्प होगा कि एकीकृत एनसीपी महायुति (बीजेपी-शिवसेना) के साथ रहती है या विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) की ओर झुकाव रखती है।

सुनेत्रा पवार का राजनीतिक सफर
62 साल की सुनेत्रा पवार अब तक पर्दे के पीछे रहकर काम करती रही हैं।
2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ बारामती से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बाद में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा।
अब अचानक आई इस जिम्मेदारी ने उन्हें महाराष्ट्र की सक्रिय राजनीति के सबसे बड़े मंच पर खड़ा कर दिया है।


