Lalu Yadav meets Tej Pratap: बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के पर आयोजित होने वाला ‘दही-चूड़ा भोज’ अक्सर बड़ा सियासी संदेश देता है।
इस बार राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव द्वारा आयोजित भोज सबसे अधिक चर्चा में रहा।
करीब 8 महीने के लंबे अंतराल और पारिवारिक निष्कासन के बाद, यह पहला मौका था जब लालू यादव स्वयं अपने बड़े बेटे के आवास पहुंचे और सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि “अब तेजप्रताप साथ ही रहेंगे।”
VIDEO | Patna: Bihar Governor Arif Mohammed Khan, RJD chief Lalu Prasad Yadav attend Makar Sankranti feast hosted by JJD chief and Lalu’s elder son Tej Pratap Yadav. Tej Pratap was seen seated beside his father Lalu during event.#MakarSankranti2026 #PatnaNews #BiharPolitics… pic.twitter.com/6tXgX8QR16
— Press Trust of India (@PTI_News) January 14, 2026
8 महीने का वनवास
पिछले साल मई में तेजप्रताप यादव की एक युवती के साथ फोटो सार्वजनिक होने के बाद लालू यादव ने कड़ा रुख अपनाया था।
लालू ने सोशल मीडिया (X) पर एक भावुक और सख्त पोस्ट लिखते हुए तेजप्रताप को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था और परिवार से भी दूरी बना ली थी।
लालू ने तब कहा था कि तेजप्रताप का आचरण पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक न्याय के संघर्ष के खिलाफ है।

भोज में लालू का आशीर्वाद और तेजस्वी की गैरमौजूदगी
बुधवार को तेजप्रताप के सरकारी आवास (26 एम स्ट्रैंड रोड) पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में लालू यादव पहुंचे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने बेटे से अब नाराज नहीं हैं।
हालांकि, इस पूरे आयोजन में तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी का शामिल न होना चर्चा का विषय बना रहा।
भले ही तेजप्रताप ने एक दिन पहले राबड़ी आवास जाकर अपनी भतीजी कात्यायनी को गोद में खिलाया और सबको न्योता दिया, लेकिन भोज के दौरान मां और छोटे भाई की अनुपस्थिति ने पारिवारिक मतभेदों के पूरी तरह खत्म न होने के संकेत दिए।
आज अपने पिताजी आदरणीय श्री लालू प्रसाद यादव जी, माता जी आदरणीय श्रीमती राबड़ी देवी जी से 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचकर मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया और अपने छोटे भाई और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी से भी भेंट मुलाकात कर कल 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर… pic.twitter.com/T2nZ5qz3x6
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) January 13, 2026
विपक्ष से नजदीकी और सियासी मायने
तेजप्रताप का यह भोज केवल पारिवारिक मिलन तक सीमित नहीं रहा।
इसमें बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अलावा एनडीए के कई नेता और पुराने बागी रिश्तेदार जैसे साधु यादव भी नजर आए।
सबसे चौंकाने वाली बात तेजप्रताप की डिप्टी सीएम विजय सिन्हा से बढ़ती नजदीकी रही।
तेजप्रताप पिछले दिन विजय सिन्हा के घर भोज पर गए थे और विजय सिन्हा ने उनके एनडीए में आने के सवाल पर “वक्त” की बात कहकर सस्पेंस बढ़ा दिया है।
बाहुबली आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद ने भी इस भोज में शिरकत की और तेजप्रताप को अपना बड़ा भाई बताया।

फिलहाल लालू यादव के रुख से ऐसा लगता है कि तेजप्रताप की घर वापसी हो गई है, लेकिन राजद की मुख्यधारा और तेजस्वी के साथ उनके तालमेल पर अब भी सवालिया निशान हैं।
क्या यह केवल एक पारिवारिक सुधार है या तेजप्रताप किसी नई सियासी राह (NDA) की तलाश में हैं, यह आने वाला समय ही बताएगा।


