UAE Pakistan Visa Ban: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा जारी करने की प्रक्रिया में सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहली बार यात्रा करने वाले और सिंगल-एंट्री वीजा के 70-80% आवेदन ठुकरा दिए जा रहे हैं।
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी सलमान चौधरी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यूएई ने गैर-आधिकारिक तौर पर पाकिस्तानी पासपोर्ट धारकों के लिए नियमित वीजा जारी करना लगभग बंद कर दिया है।
हालांकि, डिप्लोमैटिक और ब्लू पासपोर्ट रखने वालों को अभी भी वीजा मिल रहा है।
इस सख्ती के पीछे यूएई में बढ़ती अपराधिक गतिविधियों और भीख मांगने की घटनाओं में पाकिस्तानियों का शामिल पाया जाना मुख्य कारण बताया जा रहा है।
BREAKING
According to Dawn, the UAE has halted most visas for ordinary Pakistani passport holders after reports linked some groups to organized begging networks in Abu Dhabi, Sharjah and Dubai.
A major setback & a moment that raises serious questions about how things reached… pic.twitter.com/wkLZnaLCgH— Wahida (@RealWahidaAFG) November 28, 2025
पासपोर्ट पर पूर्ण प्रतिबंध की चर्चा?
पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यूएई और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देश पाकिस्तानी पासपोर्ट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे थे।
हालांकि, अभी ऐसा कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।
सलमान चौधरी ने कहा कि अगर एक बार ऐसा प्रतिबंध लग गया तो उसे वापस लेना बेहद मुश्किल होगा।
इसलिए, पाकिस्तानी अधिकारी इस मुद्दे को संवाद के माध्यम से सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
यह स्थिति पाकिस्तानी यात्रियों की विश्वसनीयता पर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है।
BREAKING :
The UAE has halted most visas for Pakistani citizens over concerns about criminal activity, including alleged organized begging rings. Tourist, visit, and work visas are affected, though existing visa holders aren’t. Officials warn a full ban could follow if issues… pic.twitter.com/LmIA719mPB— AsiaWarZone (@AsiaWarZone) November 28, 2025
पाकिस्तानी युवा और पहली बार यात्रा करने वाले हैं सबसे ज्यादा प्रभावित
रिपोर्ट्स से पता चलता है कि यूएई की सख्ती का सबसे ज्यादा असर युवा और पहली बार यात्रा करने वाले पाकिस्तानी नागरिकों पर पड़ रहा है।
ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि 40 साल से कम उम्र के आवेदकों की जांच-पड़ताल और भी ज्यादा सख्ती से की जा रही है।
हालांकि, जिन आवेदकों के परिवार पहले से यूएई में रह रहे हैं, उन्हें वीजा मिलने की संभावना अभी भी बेहतर है।

यूएई ने क्यों बरती सख्ती?
यूएई का यह कदम अचानक नहीं, बल्कि कई वर्षों से चली आ रही समस्याओं का परिणाम है।
आइए मुख्य कारणों पर एक नजर डालते हैं:
1. बढ़ते अपराध और कानून व्यवस्था का मुद्दा:
पाकिस्तानी सीनेटर समीना मुमताज जेहरी ने खुद इस बात को स्वीकार किया कि यूएई में पाकिस्तानी आगंतुक लगातार गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं।
इनमें छोटे-मोटे अपराधों से लेकर गंभीर मामले शामिल हैं। जब एक समुदाय विशेष से जुड़े अपराधों की संख्या बढ़ती है, तो मेजबान देश के लिए सुरक्षा चिंताएं बढ़ना स्वाभाविक है।
2. भीख मांगने की घटनाएं:
यूएई जैसे देशों में भीख मांगना एक गैर-कानूनी गतिविधि है।
रिपोर्ट्स हैं कि कुछ लोग टूरिस्ट वीजा पर यूएई पहुंचकर संगठित तरीके से भीख मांगने का काम करते हैं।
इसने यूएई अधिकारियों की नजर में पाकिस्तानी आवेदकों की छवि खराब की है।
3. दस्तावेजों में गड़बड़ी और AI सिस्टम की भूमिका:
यूएई ने वीजा प्रक्रिया में Artificial Intelligence (AI) और एडवांस स्कैनिंग तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा दिया है।
अगर किसी आवेदक के दस्तावेजों में कोई संदेहास्पद बात पकड़ में आती है या फिर वे असत्य जानकारी देते पाए जाते हैं, तो AI सिस्टम तुरंत उस आवेदन को रद्द कर देता है।
इससे रिजेक्शन की दर में इजाफा हुआ है।
4. यात्रा नियमों का उल्लंघन:
कुछ यात्री टूरिस्ट वीजा पर यूएई पहुंचकर वहां रहकर अवैध रूप से काम करने लगते हैं या फिर अपने वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वहीं रुक जाते हैं।
यात्रा नियमों के इस तरह के उल्लंघन से भी यूएई जैसे देशों का विश्वास डगमगाया है।
5. कूटनीतिक संबंधों पर असर:
हालांकि यूएई और पाकिस्तान के बीच मजबूत राजनीतिक और आर्थिक संबंध हैं, लेकिन यह मुद्दा उन संबंधों के लिए एक चुनौती बन गया है।
पाकिस्तानी अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि यूएई ने आधिकारिक तौर पर कोई ‘बैन’ नहीं लगाया है, ताकि द्विपक्षीय रिश्ते प्रभावित न हों।

पाकिस्तानी पासपोर्ट पर इन देशों में भी बैन
पाकिस्तानी पासपोर्ट को दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट में गिना जाता है, और कई देशों ने पाकिस्तानी नागरिकों पर या तो पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है या फिर बेहद सख्त वीजा नीतियां लागू की हैं।
1. भारत: वीजा सेवाएं पूर्णतः निलंबित
2025 में, भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सभी प्रकार की वीजा सेवाएं (टूरिस्ट, बिजनेस, मेडिकल) निलंबित कर दी हैं। पु
राने वीजा भी रद्द कर दिए गए हैं।
इसका सीधा सा मतलब है कि पाकिस्तानियों के लिए भारत में प्रवेश पूरी तरह से बंद है।
यह कदम दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण राजनीतिक संबंधों का प्रतिबिंब है।
2. इजराइल: सख्त पाबंदी
इजराइल आम पाकिस्तानी पासपोर्ट पर प्रवेश नहीं देता।
दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं और सुरक्षा चिंताओं को इसकी मुख्य वजह माना जाता है।
केवल विशेष परिस्थितियों में और सरकारी अनुमति से ही कोई पाकिस्तानी नागरिक इजराइल जा सकता है।
3. लीबिया: अस्थिरता के चलते प्रतिबंध
लीबिया में लंबे समय से चल रहे संघर्ष और अस्थिरता के कारण, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वहां प्रवेश लगभग असंभव है।
अधिकांश वीजा आवेदन खारिज कर दिए जाते हैं, जो एक प्रकार का पूर्ण प्रतिबंध ही है।
4. सूडान: कड़े नियम और राजनीतिक कारण
सूडान भी पाकिस्तानी यात्रियों के प्रति सख्त नीति अपनाए हुए है।
ज्यादातर वीजा आवेदन या तो अस्वीकार कर दिए जाते हैं या फिर उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
दस्तावेजों में संदेह और राजनीतिक हालात इसके प्रमुख कारण हैं।
UAE has stopped issuing visas to most Pakistanis. pic.twitter.com/uQqurjXqCy
— RVCJ Media (@RVCJ_FB) November 28, 2025
पाकिस्तान की खराब छवि
यूएई और अन्य देशों द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों पर लगाई जा रही यह सख्ती केवल एक यात्रा प्रतिबंध से कहीं बढ़कर है।
यह पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि और उसके नागरिकों की विश्वसनीयता के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
अगर पाकिस्तानी नागरिकों की एक छोटी सी संख्या की गैर-कानूनी हरकतों पर समय रहते काबू नहीं पाया गया और यात्रा नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं कराया गया, तो दुनिया के और देश उनके लिए अपने दरवाजे बंद कर सकते हैं।


