UPSC Exam New Guidelines: देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा यानी यूपीएससी (UPSC) में साल 2026 में बहुत बड़ा बदलाव हुआ है।
संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
इस बार कुल 933 पदों पर भर्ती निकाली गई है, लेकिन खबर सिर्फ पदों की नहीं है, बल्कि उन सख्त नियमों की है जो पहली बार लागू किए जा रहे हैं।
आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब एक बार अफसर बनने के बाद आप बार-बार परीक्षा देकर सिस्टम में ‘सीट’ ब्लॉक नहीं कर पाएंगे।
आइए, इन नए नियमों को आसान भाषा में समझते हैं…
चयन के बाद सिर्फ एक मौका, फिर देना होगा इस्तीफा
अब तक क्या होता था?
अगर कोई उम्मीदवार IPS बन गया, लेकिन उसे IAS चाहिए, तो वह हर साल परीक्षा देता रहता था।
इससे कई बार नई प्रतिभाओं को मौका नहीं मिल पाता था। लेकिन अब नए नियमों के मुताबिक:
- अगर आपका चयन CSE 2026 में हो जाता है, तो आप अपनी रैंक सुधारने के लिए सिर्फ CSE 2027 की परीक्षा दे सकते हैं।
- इसके बाद यानी CSE 2028 या उसके बाद की परीक्षा देने के लिए आपको अपनी वर्तमान सेवा (Job) से इस्तीफा (Resignation) देना होगा।
- बिना इस्तीफा दिए आप तीसरी बार परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे। आयोग का मकसद है कि एक ही स्टूडेंट बार-बार सिलेक्ट होकर दूसरों का हक न मारे।

IAS और IFS के लिए क्या है नियम?
जो उम्मीदवार पहले से ही IAS (भारतीय प्रशासनिक सेवा) या IFS (भारतीय विदेश सेवा) में नियुक्त हैं, उनके लिए रास्ते लगभग बंद हैं।
- अगर आप अभी सर्विस में हैं, तो आप CSE 2026 का फॉर्म नहीं भर सकते।
- अगर आपने प्रीलिम्स पास कर लिया है, लेकिन मेन्स एग्जाम से पहले आपकी नियुक्ति IAS या IFS के तौर पर हो जाती है, तो आपको मेन्स में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
IPS बनने वालों के लिए खास चेतावनी
अगर कोई उम्मीदवार पहले से ही IPS है या इस साल चुना जाता है, तो उसे दोबारा IPS कैडर नहीं दिया जाएगा।
यानी आप अपनी रैंक सुधारने के लिए परीक्षा तो दे सकते हैं (सिर्फ एक बार), लेकिन आप दोबारा पुलिस सेवा नहीं चुन पाएंगे।
आपको IAS, IFS या अन्य ग्रुप-ए सेवाओं की ओर ही देखना होगा।

ट्रेनिंग छोड़ने या टालने पर सख्त नियम
अगर आप 2026 में सिलेक्ट हुए और 2027 में फिर से एग्जाम देना चाहते हैं, तो आपको ट्रेनिंग जॉइन न करने की छूट (One Time Exemption) लेनी होगी।
इसके लिए आयोग से लिखित अनुमति जरूरी है।
अगर आप बिना अनुमति के ट्रेनिंग पर नहीं जाते, तो आपका पिछला सिलेक्शन और नया आवेदन दोनों खतरे में पड़ सकते हैं।
एग्जाम सेंटर पर Face Authentication
टेक्नोलॉजी के दौर में यूपीएससी ने भी खुद को अपडेट किया है।
अब एग्जाम सेंटर में एंट्री के लिए सिर्फ एडमिट कार्ड काफी नहीं होगा।
उम्मीदवारों का Face Authentication (चेहरा पहचानना) किया जाएगा।
इससे फर्जीवाड़े और किसी दूसरे की जगह परीक्षा देने वालों पर नकेल कसी जाएगी।

लाइव फोटो और सिग्नेचर के नए नियम
फॉर्म भरते समय अब आपको अपनी गैलरी से फोटो अपलोड करने के बजाय वेबकैम से लाइव फोटो खींचनी होगी।
इसके अलावा, सिग्नेचर के लिए भी नया नियम है: सफेद कागज पर काली स्याही (Black Ink) से तीन बार साइन करने होंगे और उसे अपलोड करना होगा।
महत्वपूर्ण तारीखें और आवेदन प्रक्रिया
- आवेदन की शुरुआत: 4 फरवरी, 2026
- अंतिम तिथि: 24 फरवरी, 2026 (शाम 6:00 बजे तक)
- प्रारंभिक परीक्षा (Prelims): 24 मई, 2026
- वेबसाइट: upsconline.nic.in

किसे कितने मौके (Attempts) मिलेंगे?
अटेम्प्ट्स की संख्या में कोई बदलाव नहीं है, जो इस प्रकार है:
- सामान्य वर्ग (General/EWS): 6 मौके (32 वर्ष की आयु तक)
- OBC: 9 मौके (35 वर्ष की आयु तक)
- SC/ST: असीमित मौके (37 वर्ष की आयु तक)
सोच-समझकर उठाएं कदम
यूपीएससी के इन बदलावों से एक बात साफ है कि आयोग अब ‘सीरियस’ उम्मीदवारों को ही बार-बार मौका देना चाहता है।
जो लोग एक बार सर्विस में आ गए हैं, उन्हें अपनी मंजिल तय करने के लिए अब सिर्फ एक अतिरिक्त साल मिलेगा।
यह उन लाखों युवाओं के लिए अच्छी खबर है जो सालों से तैयारी कर रहे हैं और वेटिंग लिस्ट या कुछ नंबरों से रह जाते हैं, क्योंकि अब पदों का रोटेशन कम होगा और नए लोगों को ज्यादा अवसर मिलेंगे।


