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‘वंदे मातरम’ पर छिड़ा सियासी संग्राम: राहुल-सोनिया पर राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप, दिल्ली पुलिस ने शुरू की जांच

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Vande Mataram Controversy Rahul Gandhi: 15 अगस्त यानी 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय (AICC) में आयोजित समारोह के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ (राष्ट्रगीत) के गायन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेष रूप से सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप लगाया है।

इस मामले में दिल्ली के आईपी एस्टेट थाने में एक वकील द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

वहीं, कर्नाटक के बेंगलुरु और मंगलुरु में भी पुलिस से शिकायत कर दोनों नेताओं पर FIR दर्ज करने की मांग की गई है।

शिकायत में क्या हैं आरोप?

Hindustan Times और Times of India की रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि 15 अगस्त को झंडारोहण के बाद जब राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी ने शुरुआती पंक्तियों के बाद कुछ ऐसे इशारे किए जिससे गीत को आगे जारी रखने पर आपत्ति जताई गई।

शिकायत में सार्वजनिक रूप से साझा किए गए वीडियो फुटेज का हवाला देते हुए यह भी दावा किया गया है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी कथित तौर पर यह कहते हुए सुने गए कि “हम वंदे मातरम नहीं गाएंगे”।

वकीलों द्वारा दी गई शिकायत में मांग की गई है कि इस पूरे आचरण और इरादे की निष्पक्ष जांच की जाए और संबंधित कानूनी धाराओं के तहत FIR दर्ज की जाए।

दिल्ली पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और वीडियो व तथ्यों को परख रही है।

भाजपा का हमला: ‘सोनिया गांधी देश से माफी मांगें’

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर करते हुए भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण कांग्रेस नेतृत्व राष्ट्रीय गीत का सम्मान नहीं कर पा रहा है।

कर्नाटक भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष धीरज मुनिराजू और अन्य नेताओं ने बेंगलुरु व मंगलुरु में शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को इस बर्ताव के लिए देश की जनता से तुरंत माफी मांगनी चाहिए।

घटना का वीडियो यहां क्लिक करके देखें....

कांग्रेस की सफाई: ‘कुर्सी मांगने के इशारे को गलत रंग दिया गया’

दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने भाजपा के सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज और निराधार बताया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ को रोकने या उसके अपमान की कोई कोशिश नहीं की गई।

जयराम रमेश के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे काफी देर से खड़े थे।

सोनिया गांधी केवल वहां मौजूद कार्यकर्ताओं को इशारा करके खड़गे जी के बैठने के लिए कुर्सी लाने को कह रही थीं।

उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के इस स्वाभाविक मानवीय इशारे को भाजपा द्वारा जानबूझकर राष्ट्रगीत से जोड़कर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि मुख्यालय में राष्ट्रगीत का पूरा गायन सम्मानपूर्वक संपन्न हुआ था।

कांग्रेस ने दिया 1937 के ऐतिहासिक फैसले का हवाला

कांग्रेस पार्टी ने अपनी परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि 28 अक्टूबर 1937 को कोलकाता में हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की ऐतिहासिक बैठक में राष्ट्रगीत के इस्तेमाल पर विस्तृत चर्चा हुई थी।

उस बैठक में महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू और मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे महान नेता शामिल थे।

गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह के अनुसार, तब यह तय किया गया था कि कांग्रेस के सभी औपचारिक कार्यक्रमों और अधिवेशनों में ‘वंदे मातरम’ की शुरुआती पंक्तियां (पहले दो अंतरे) ही गाई जाएंगी।

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तब से लेकर आज तक पार्टी कार्यक्रमों में इसी ऐतिहासिक परंपरा का पालन किया जाता रहा है।

नए कानून और नियमों की पृष्ठभूमि

यह पूरा राजनीतिक और कानूनी विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में संसद द्वारा ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2026’ पास किया गया है।

नए कानूनी प्रावधानों के तहत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को भी राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान ही कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है।

नए नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगीत के गायन में बाधा डालता है या इसका अपमान करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी नए प्रोटोकॉल के तहत किसी भी सरकारी या आधिकारिक कार्यक्रम में यदि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों होने हैं, तो पहले ‘वंदे मातरम’ और उसके बाद ‘जन गण मन’ बजाया या गाया जाना अनिवार्य किया गया है।

फिलहाल, पुलिस इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो फुटेज और ऑडियो साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या कोई कानूनी उल्लंघन हुआ है या नहीं।

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