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Vijay Hazare Trophy: 574 रनों के साथ बिहार ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, वैभव और साकिबुल ने रचा इतिहास

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Vijay Hazare Trophy Record: क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, लेकिन रांची के जेएससीए ओवल मैदान पर बुधवार को जो हुआ, उसने क्रिकेट के इतिहास को ही बदलकर रख दिया।

विजय हजारे ट्रॉफी के एक प्लेट ग्रुप मैच में बिहार और अरुणाचल प्रदेश की टीमें आमने-सामने थीं।

किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह मुकाबला वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की किताब में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो जाएगा।

बिहार के बल्लेबाजों ने अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाजों की ऐसी धुनाई की कि स्कोरबोर्ड पर 50 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 574 रन टंक गए।

यह न केवल भारतीय घरेलू क्रिकेट बल्कि दुनिया भर के ‘लिस्ट-ए’ क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा टीम स्कोर है।

वैभव सूर्यवंशी: 14 साल का ‘वंडर बॉय’

इस ऐतिहासिक मैच के सबसे बड़े हीरो रहे महज 14 साल के वैभव सूर्यवंशी।

इतनी कम उम्र में जब बच्चे स्कूल की परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, वैभव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया।

बिहार के उप-कप्तान वैभव ने पारी की शुरुआत की और मैदान के चारों ओर शॉट्स की झड़ी लगा दी।

उन्होंने केवल 84 गेंदों का सामना करते हुए 190 रनों की मैराथन पारी खेली।

अपनी इस पारी में उन्होंने 16 चौके और 15 गगनचुंबी छक्के लगाए।

उनका स्ट्राइक रेट और आक्रामकता देख बड़े-बड़े दिग्गज भी हैरान रह गए। वैभव ने अपना शतक सिर्फ 36 गेंदों में पूरा कर लिया।

पाकिस्तानी दिग्गज का 39 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त

वैभव सूर्यवंशी ने अपनी इस पारी के साथ ही एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया जो पिछले 39 सालों से अटूट था।

14 साल और 272 दिन की उम्र में शतक जड़कर वे ‘लिस्ट-ए’ क्रिकेट में शतक लगाने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं।

इससे पहले यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के जहूर इलाही के नाम था।

जहूर ने साल 1986 में 15 साल 209 दिन की उम्र में शतक लगाया था।

वैभव ने न केवल जहूर को पछाड़ा बल्कि बाबर आजम, अंबाती रायुडू और नासिर जमशेद जैसे दिग्गजों को भी ‘सबसे कम उम्र में शतक’ की सूची में पीछे छोड़ दिया है।

कप्तान साकिबुल गनी: बुलेट ट्रेन से भी तेज शतक

रिकॉर्ड्स का सिलसिला यहीं नहीं थमा। बिहार के कप्तान साकिबुल गनी ने भी यहां तूफानी पारी खेली।

साकिबुल ने क्रीज पर आते ही कोहराम मचाना शुरू कर दिया।

उन्होंने महज 32 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया, जो कि एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।

साकिबुल गनी अब लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।

उन्होंने 40 गेंदों में 128 रन बनाए, जिसमें 12 छक्के शामिल थे।

मजे की बात यह है कि इसी दिन झारखंड के स्टार बल्लेबाज ईशान किशन ने भी 33 गेंदों में शतक जड़ा, लेकिन साकिबुल उनसे एक गेंद आगे निकल गए।

इससे पहले यूसुफ पठान (40 गेंद) और अभिषेक शर्मा (42 गेंद) जैसे विस्फोटक बल्लेबाजों के नाम यह रिकॉर्ड रह चुका है।

आयुष लोहारुका का शानदार शतक

वैभव और साकिबुल की आंधी में विकेटकीपर बल्लेबाज आयुष लोहारुका की पारी भी बेहद खास रही।

उन्होंने भी बहती गंगा में हाथ धोते हुए 56 गेंदों में 116 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली।

एक ही पारी में तीन-तीन बल्लेबाजों द्वारा तूफानी शतक लगाना और 38 छक्के लगना यह दर्शाता है कि बिहार की बल्लेबाजी किस उच्च स्तर की रही।

तमिलनाडु का रिकॉर्ड हुआ चकनाचूर

जब बात टीम के कुल स्कोर की आती है, तो बिहार ने तमिलनाडु का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

साल 2022 में तमिलनाडु ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ ही 50 ओवर में 506 रन बनाए थे।

तब लगा था कि 500 का आंकड़ा पार करना नामुमकिन जैसा है।

लेकिन बिहार ने 574 रन बनाकर उस रिकॉर्ड को बहुत पीछे छोड़ दिया है।

यह दुनिया में केवल दूसरी बार है जब किसी टीम ने लिस्ट-ए मैच में 500 रन का आंकड़ा पार किया हो।

क्या होता है लिस्ट-ए क्रिकेट?

साधारण भाषा में समझें तो लिस्ट-ए क्रिकेट घरेलू वनडे मैचेस (50-50 ओवर) को कहते हैं।

इसमें अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच भी शामिल होते हैं और घरेलू स्तर पर होने वाले प्रमुख टूर्नामेंट (जैसे भारत में विजय हजारे ट्रॉफी, इंग्लैंड में रॉयल लंदन कप) भी।

बिहार द्वारा बनाया गया 574 रनों का स्कोर, अंतरराष्ट्रीय वनडे और घरेलू वनडे दोनों को मिलाकर अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है।

बिहार क्रिकेट के लिए यह दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा।

संसाधनों की कमी और विवादों से अक्सर घिरे रहने वाले बिहार क्रिकेट ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती।

14 साल के वैभव सूर्यवंशी, कप्तान साकिबुल गनी और आयुष ने अपनी बल्लेबाजी से न केवल मैच जीता है, बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ मिली यह जीत सिर्फ एक मैच की जीत नहीं, बल्कि बिहार के उभरते हुए क्रिकेट भविष्य की हुंकार है।

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