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MCC ने टेस्ट मैच, हिट विकेट और डेड बॉल समेत क्रिकेट के 73 नियम बदले, 1 अक्टूबर से होंगे लागू

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MCC New Cricket Rules: क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है।

खेल की दुनिया में नियम बनाने वाली सबसे बड़ी संस्था, मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने क्रिकेट के पूरे ढर्रे को बदलने की तैयारी कर ली है।

कुल 73 नियमों में बदलाव या संशोधन किए गए हैं, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो जाएंगे।

2022 के बाद यह क्रिकेट के ‘संविधान’ में किया गया सबसे बड़ा अपडेट है।

आइए, इन बदलावों को समझते हैं कि आपकी पसंदीदा खेल अब कैसे बदल जाएगा:

टेस्ट मैच: अब नहीं चलेगा ‘जल्दी छुट्टी’ का बहाना

अक्सर हमने देखा है कि टेस्ट मैच में दिन का खेल खत्म होने वाला होता है और आखिरी ओवर चल रहा होता है।

अगर उस दौरान कोई विकेट गिर जाता था, तो अंपायर वहीं खेल खत्म घोषित कर देते थे और बाकी बची गेंदें अगले दिन फेंकी जाती थीं।

अब क्या होगा?

नया नियम कहता है कि दिन का आखिरी ओवर हर हाल में पूरा किया जाएगा।

अगर विकेट गिरता है, तो बल्लेबाजी टीम को नया बल्लेबाज मैदान पर भेजना ही होगा और ओवर की बची हुई गेंदें खेलनी होंगी।

MCC का मानना है कि पुराना नियम गेंदबाजों के साथ नाइंसाफी था, क्योंकि दिन के अंत में गेंदबाज लय में होते हैं और विकेट गिरने पर खेल रोक देने से रोमांच खत्म हो जाता था।

अब बल्लेबाज को उस मुश्किल समय का सामना करना ही पड़ेगा।

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‘हिट विकेट’ के कानून में अब कोई कन्फ्यूजन नहीं

हिट विकेट को लेकर अक्सर मैदान पर अंपायरों और खिलाड़ियों के बीच बहस होती थी।

अब MCC ने इसे बिल्कुल साफ कर दिया है:

  1. बैलेंस बिगड़ा तो आउट: अगर आपने शॉट खेल लिया है और उसके बाद अपना संतुलन (Balance) खोकर स्टंप्स पर गिर जाते हैं, तो आप आउट माने जाएंगे। अब यह बहाना नहीं चलेगा कि “गेंद तो बाउंड्री के पास पहुच गई थी।”
  2. बल्ला हाथ से छूटा तो आफत: अगर शॉट मारते समय बल्ला हाथ से फिसलकर सीधे विकेट पर जा लगा, तो आप पवेलियन लौटेंगे। लेकिन, अगर बल्ला पहले कीपर या किसी फील्डर को छूकर फिर विकेट पर गिरता है, तो आप सुरक्षित रहेंगे।
  3. फील्डर से टक्कर पर राहत: अगर आप रन ले रहे हैं या शॉट खेल रहे हैं और किसी फील्डर से टकराने की वजह से विकेट पर गिर जाते हैं, तो आपको आउट नहीं दिया जाएगा।

‘डेड बॉल’ और ‘ओवरथ्रो’ की नई परिभाषा

खेल में कई बार गेंद ऐसी जगह रुक जाती है जहाँ से रन लेना मुमकिन नहीं होता, लेकिन नियम स्पष्ट न होने से खेल चलता रहता था।

  1. डेड बॉल: अब अंपायर के पास ज्यादा ताकत होगी। अगर गेंद किसी फील्डर के पास है या मैदान पर ऐसी जगह है जहां से रन नहीं बन सकता, तो अंपायर उसे ‘डेड बॉल’ घोषित कर सकता है। इसके लिए गेंद का कीपर या बॉलर के दस्तानों में होना अब अनिवार्य नहीं है।
  2. ओवरथ्रो vs मिसफील्ड: अब तक हर अतिरिक्त रन को ओवरथ्रो मान लिया जाता था। अब नियम है कि अगर फील्डर ने जानबूझकर विकेट की तरफ गेंद फेंकी और वह दूर निकल गई, तभी उसे ‘ओवरथ्रो’ कहेंगे। अगर गेंद रोकते समय हाथ से फिसल गई, तो उसे ‘मिसफील्ड’ गिना जाएगा।

लैमिनेटेड बैट (Type-D) को हरी झंडी

यह क्लब क्रिकेट खेलने वालों के लिए बड़ी राहत है।

लैमिनेटेड बैट वो होते हैं जो लकड़ी के छोटे-छोटे टुकड़ों को जोड़कर बनाए जाते हैं।

ये बल्ले सस्ते होते हैं और आम तौर पर गांव या छोटे शहरों के क्लब क्रिकेट में इस्तेमाल होते हैं।

MCC ने अब ‘ओपन एज क्लब क्रिकेट’ (जहां उम्र की सीमा नहीं होती) में इनके इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है।

इससे खेल उन लोगों के लिए सस्ता और सुलभ हो जाएगा जो महंगे ‘सिंगल पीस’ इंग्लिश विलो बल्ले नहीं खरीद सकते

महिलाओं और जूनियर्स के लिए अलग गेंदें

क्रिकेट में शारीरिक क्षमता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब गेंदों के आकार को तीन श्रेणियों में बांटा गया है:

  1. Size-1: पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए (वही पुरानी गेंद)।
  2. Size-2: महिला क्रिकेट और थोड़े बड़े जूनियर खिलाड़ियों के लिए। यह वजन में थोड़ी हल्की और हाथ में पकड़ने में आसान होगी।
  3. Size-3: छोटे बच्चों (जूनियर्स) के लिए, ताकि उन्हें खेल सीखने में चोट न लगे और वे आसानी से ग्रिप बना सकें।

MCC क्यों बदलता है नियम?

लंदन का मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) 1787 से क्रिकेट के नियम बना रहा है।

भले ही आज ICC मैच आयोजित कराती है, लेकिन नियमों का असली ‘मालिक’ आज भी MCC ही है।

उनका कहना है कि खेल को आधुनिक समय के हिसाब से ढालने और बल्लेबाजों-गेंदबाजों के बीच संतुलन बनाने के लिए ये 73 बदलाव जरूरी थे।

ये बदलाव बताते हैं कि क्रिकेट अब और अधिक अनुशासित और रोमांचक होने वाला है।

1 अक्टूबर 2026 के बाद जब आप मैच देखेंगे, तो आपको बदला हुआ क्रिकेट नजर आएगा।

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