Mamta Kulkarni Kinnar Akhada: बॉलीवुड की ‘बोल्ड’ अभिनेत्री से साध्वी बन चुकी ममता कुलकर्णी एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
इस बार वजह है शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर की गई उनकी तीखी टिप्पणी जिसके बाद किन्नर अखाड़े में हलचल मच गई और इसका खामियाजा ममता को भुगतना पड़ा।
दरअसल, प्रयागराज महाकुंभ के दौरान अचानक ‘यामाई ममता नंद गिरि’ बनकर उभरीं ममता को किन्नर अखाड़े ने अब बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
Mumbai, Maharashtra: On Swami Avimukteshwaranand Shankaracharya’s scuffle with authorities at the Sangam Ghat, Former actor and Sadhvi Mamta Kulkarni says, “The fault was entirely his. I did not call him Shankaracharya; the fault is his. He should not be called a saint. Simply… pic.twitter.com/YYeiwgxd0V
— IANS (@ians_india) January 25, 2026
अविमुक्तेश्वरानंद पर बयान से अखाड़ा नाराज
विवाद की जड़ ममता कुलकर्णी का वह बयान है, जिसमें उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर सीधा हमला बोला।
ममता ने दावा किया कि 10 में से 9 महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य ‘झूठे’ हैं और उन्हें आत्मज्ञान शून्य है।
उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद की नियुक्ति पर सवाल उठाए और पूछा कि करोड़ों की भीड़ में रथ (पालकी) पर निकलने की क्या जरूरत थी?
ममता का आरोप था कि शंकराचार्य की जिद की वजह से उनके शिष्यों को मारपीट झेलनी पड़ी।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सिर्फ वेद रट लेने से कोई शंकराचार्य नहीं बन जाता, इसके लिए अहंकार का त्याग जरूरी है।
Mamta Kulkarni is the new Rakhi Sawant of BJP .
#Shankaracharyas #Avimukteshwaranand .
pic.twitter.com/7qlgK7ApBp— Praveen Singada (@davidbuntix) January 26, 2026
किन्नर अखाड़े ने इन
किन्नर अखाड़े ने इन बयानों से खुद को अलग कर लिया है।
अखाड़े की प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने साफ कर दिया है कि अब ममता का अखाड़े से कोई लेना-देना नहीं है।
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का कहना है कि अखाड़ा शांति चाहता है और किसी भी प्रकार के विवाद में नहीं पड़ना चाहता।
ब्राह्मणों के साथ हुई बदसलूकी पर अखाड़े ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ममता को निष्कासित करने का फैसला लिया।

अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना
ममता कुलकर्णी ने सिर्फ संतों पर ही नहीं, बल्कि राजनेताओं पर भी निशाना साधा।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से सवाल किया कि क्या वे गोहत्या रोकने का लिखित वचन दे सकते हैं?
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की और उन्हें देश के लिए इकलौता विकल्प बताया।
ममता का मानना था कि जो संत सपा की ओर झुक रहे हैं, वे राजनीति कर रहे हैं।

बॉलीवुड से ड्रग्स के आरोपों तक का सफर
ममता कुलकर्णी की लाइफ हमेशा से ही उतार-चढ़ाव भरी रही।
90 के दशक में ‘करण अर्जुन’ और ‘बाजी’ जैसी सुपरहिट फिल्में देने वाली ममता 1993 में एक मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट कराकर विवादों में आई थीं।
इसके बाद अंडरवर्ल्ड से उनके रिश्तों की खबरें आने लगीं।
आरोप लगा कि उन्होंने ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी से शादी की, हालांकि ममता ने हमेशा इससे इनकार किया और खुद को ‘योगिनी’ बताया।

महामंडलेश्वर पद और विरोध
2025 के महाकुंभ में जब ममता को महामंडलेश्वर बनाया गया, तो संत समाज में इसका भारी विरोध हुआ।
योग गुरु बाबा रामदेव और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सवाल उठाया कि कोई एक दिन में संत कैसे बन सकता है?
दबाव में आकर ममता ने इस्तीफा भी दिया, जिसे बाद में वापस ले लिया।
लेकिन अब अखाड़े के कड़े फैसले ने उनके इस आध्यात्मिक सफर पर फिलहाल विराम लगा दिया है।
Sambhal, Uttar Pradesh: After performing Shila Pujan, Mamta Kulkarni, now Sadhvi Yamai Mamatanand Giri and Mahamandaleshwar of Kinnar Akhada, was seen performing some rituals alone pic.twitter.com/Bkv1yWpJOg
— IANS (@ians_india) June 1, 2025
ममता का कहना है कि वे अब कभी बॉलीवुड नहीं लौटेंगी।
लेकिन उनके हालिया बयानों ने यह साबित कर दिया है कि वे भले ही फिल्मों से दूर हों, लेकिन विवादों से उनका नाता अभी भी बरकरार है।


