Politicians Died Plane Crash: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का 28 जनवरी, बुधवार को एक प्लेन क्रैश में निधन हो गया।
ये हादसा बारामती एयरपोर्ट के पास हुआ, जहां उनका चार्टर्ड प्लेन लैंडिंग से ठीक पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये पहला ऐसा मामला नहीं है?
भारत के इतिहास में कई बार ऐसे हादसे हो चुके हैं, जहां बड़े-बड़े राजनेताओं ने विमान या हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाई।
आइए जानते हैं उन नेताओं के बारे में जो आसमान में उड़ान के दौरान हमेशा के लिए दुनिया से चले गए…
1. अजित पवार (Ajit Pawar- 2026)
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति का बड़ा नाम थे। वो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता थे और कई बार डिप्टी सीएम बने।
28 जनवरी 2026 को उनका प्लेन क्रैश हो गया। वो बारामती से उड़ान भरकर चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे, लेकिन लैंडिंग के वक्त प्लेन कंट्रोल से बाहर हो गया।
इस हादसे में उनके साथ 5 और लोगों की जान चली गई।

2. विजय रूपाणी (Vijay Rupani- 2025)
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी। 12 जून 2025 को अपनी बेटी से मिलने लंदन जा रहे थे।
वो एयर इंडिया के प्लेन में सवार थे, जो अहमदाबाद से उड़ा था। लेकिन रनवे से थोड़ी दूर पर ही प्लेन क्रैश हो गया और एक कॉलेज हॉस्टल से टकरा गया।
इस भयानक हादसे में 241 लोग मारे गए, और सिर्फ एक व्यक्ति बच पाया।

3. संजय गांधी (Sanjay Gandhi- 1980)
23 जून 1980 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी (Sanjay Gandhi) का निजी विमान दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास क्रैश हो गया।
संजय गांधी को उड़ान का बहुत शौक था। उस दिन भी वे एक नया ‘पिट्स एस-2ए’ विमान उड़ा रहे थे।
हवा में करतब दिखाते समय विमान का संतुलन बिगड़ा और वह जमीन पर क्रैश हो गया।

4. माधवराव सिंधिया (Madhavrao Scindia- 2001)
कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री माधवराव सिंधिया की मौत भी एक विमान हादसे में हुई।
30 सितंबर 2001 को वे एक चुनावी रैली को संबोधित करने कानपुर जा रहे थे।
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के पास उनका निजी विमान खराब मौसम की चपेट में आ गया और क्रैश हो गया।
उनके साथ विमान में सवार पत्रकारों और सहयोगियों की भी जान चली गई।

5. YSR राजशेखर रेड्डी (Y S Rajasekhara Reddy-2009)
आंध्र प्रदेश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में से एक, वाईएस राजशेखर रेड्डी की मौत साल 2009 में हुई।
उनका हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण नल्लमाला के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
लगभग 24 घंटे तक चले बड़े सर्च ऑपरेशन के बाद उनका शव बरामद हुआ था।

6. जीएमसी बालयोगी (GMC Balayogi- 2002)
साल 2002 में लोकसभा अध्यक्ष जीएमसी बालयोगी का हेलीकॉप्टर आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
तकनीकी खराबी के कारण पायलट ने इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन हेलीकॉप्टर एक तालाब में जा गिरा।
इस घटना में पांच लोगों की जान चली गई।

7. दोरजी खांडू (Dorjee Khandu- 2011)
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू 30 अप्रैल 2011 को वो पवन हंस हेलीकॉप्टर से तवांग से इटानगर जा रहे थे।
रास्ते में ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क टूट गया, और हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया।
उनका शव पांच दिन बाद जंगल में मिला।
ये हादसा पहाड़ी इलाके में हुआ, जहां मौसम बहुत बदलता रहता है।

8. बलवंतराय मेहता (Balwantrai Mehta- 1965)
गुजरात के एक और पूर्व सीएम बलवंतराय मेहता की मौत 1965 में हुई।
भारत-पाक युद्ध के समय वो कच्छ के रण में हालात देखने जा रहे थे।
उनका प्लेन पाकिस्तान की तरफ से निशाना बनाया गया और क्रैश हो गया।
इस हादसे में उनकी पत्नी, सहयोगी और क्रू मेंबर्स भी मारे गए।
मेहता देश के पहले ऐसे बड़े नेता थे, जिनकी मौत विमान हादसे में हुई।

9. ओपी जिंदल (O P Jindal- 2005)
हरियाणा के बड़े कारोबारी और पूर्व मंत्री ओपी जिंदल की कहानी भी दर्दनाक है।
31 मार्च 2005 को सहारनपुर के पास उनका हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया।
वो जिंदल ग्रुप के चेयरमैन थे और ऊर्जा मंत्री भी।
उनकी मौत से उद्योग और राजनीति दोनों को झटका लगा।

इनके अलावा भी भारत की कई बड़ी हस्तियों ने प्लेन क्रैश में जान गंवाई है…
जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat- 2021)
दिसंबर 2021 में तमिलनाडु के कुन्नूर में भारतीय वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया।
इसमें देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैन्य अधिकारी सवार थे।
खराब विजिबिलिटी के कारण हुआ यह हादसा भारतीय सैन्य इतिहास का सबसे काला दिन माना जाता है।

होमी जहांगीर भाभा (Homi Jehangir Bhabha- 1966)
भारतीय परमाणु कार्यक्रम के जनक’ कहे जाने वाले डॉ. होमी जहांगीर भाभा की मृत्यु 1966 में एयर इंडिया के विमान हादसे में हुई थी।
यह विमान माउंट ब्लैंक (आल्प्स पर्वत) से टकरा गया था।

कुलमिलाकर, हवाई यात्राएं जहां दूरी मिटाती हैं, वहीं खराब मौसम और तकनीकी खामियां कई बार ऐसी त्रासदी दे जाती हैं जिनकी भरपाई नामुमकिन है।
भारत ने इन हादसों में कई ऐसे रत्न खोए हैं, जो देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते थे।


