CM Mohan New Electric Car: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत को लेकर देश के सामने एक अनोखी मिसाल पेश की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशव्यापी अपील ‘ईंधन बचाओ, पर्यावरण बचाओ’ से प्रेरणा लेते हुए मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी काफिले को पूरी तरह हाईटेक और इको-फ्रेंडली (ग्रीन) बनाने का बड़ा फैसला किया है।
अब सीएम भोपाल की सड़कों पर किसी पेट्रोल या डीजल गाड़ी में नहीं, बल्कि एक बेहद शानदार और आधुनिक इलेक्ट्रिक कार (EV) में सफर करते नजर आएंगे।
सरकार ने मुख्यमंत्री के ऑफिशियल काफिले के लिए महिंद्रा कंपनी की सबसे आधुनिक इलेक्ट्रिक कार XEV 9e को चुना है।

यह चमचमाती हुई इलेक्ट्रिक कार बुधवार से ही मुख्यमंत्री के काफिले का मुख्य हिस्सा बन गई है।
बुधवार शाम जब मुख्यमंत्री दिल्ली दौरे के लिए रवाना हुए, तो वे पहली बार इसी नई गाड़ी में बैठकर स्टेट हैंगर पहुंचे।
‘VB 2047’ नंबर प्लेट के पीछे का खास संदेश
इस नई इलेक्ट्रिक कार की चर्चा सिर्फ उसकी खूबसूरती या तकनीक के लिए नहीं हो रही है, बल्कि इसकी नंबर प्लेट भी हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है।
मुख्यमंत्री की इस गाड़ी का वीआईपी रजिस्ट्रेशन नंबर ‘MP 02 VB 2047’ रखा गया है।

इस नंबर के पीछे एक बहुत बड़ा राष्ट्रीय संदेश छिपा हुआ है।
‘VB’ का मतलब: इसका सीधा संबंध ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) से है।
‘2047’ का मतलब: यह साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस सपने और संकल्प को दर्शाता है, जिसके तहत साल 2047 तक भारत को दुनिया का एक पूरी तरह से विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस नंबर प्लेट के जरिए मध्य प्रदेश सरकार यह संदेश दे रही है कि पर्यावरण की रक्षा और देश का विकास दोनों साथ-साथ चलेंगे।

फिजूलखर्ची रोकने के लिए पहले ही छोटे कर चुके हैं काफिले
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सरकारी पैसों की फिजूलखर्ची और ईंधन की बर्बादी रोकने वाले नेता के तौर पर जाना जाता है।
उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभालते ही सबसे पहला बड़ा फैसला अपने सुरक्षा काफिले को लेकर किया था।
पहले के समय में मुख्यमंत्री के वीआईपी काफिले में करीब 13 गाड़ियां एक साथ चलती थीं, जिससे सड़कों पर जाम लगता था और पेट्रोल-डीजल भी बहुत बर्बाद होता था।

जनता की परेशानी और ईंधन की बर्बादी को देखते हुए सीएम ने इन गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर सिर्फ 7 कर दी थी।
उनके इस कदम से प्रभावित होकर राज्य के कई मंत्रियों ने भी आपस में ‘कार-पूलिंग’ (एक ही गाड़ी में साथ जाना) शुरू कर दी थी।
अब अपने काफिले में इलेक्ट्रिक कार शामिल करके उन्होंने ग्रीन मोबिलिटी (प्रदूषण मुक्त सफर) की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है।

बुलेटप्रूफ जैसी सुरक्षा और ड्राइवर्स की खास ट्रेनिंग
मध्य प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी मुख्यमंत्री के ऑफिशियल काफिले में कोई इलेक्ट्रिक कार शामिल की गई है।
मुख्यमंत्री की सुरक्षा देश की शीर्ष सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी होती है, इसलिए इस गाड़ी को काफिले में शामिल करने से पहले कड़े प्रोटोकॉल पूरे किए गए।

सुरक्षा एजेंसियों ने कई दिनों तक इस नई इलेक्ट्रिक कार का हर तरह से टेस्ट (जांच) किया।
वीआईपी मूवमेंट के दौरान कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री के सरकारी ड्राइवर्स को इस हाईटेक कार को चलाने की एक विशेष ट्रेनिंग भी दी गई है।
यह कार सुरक्षा के मामले में किसी भी बुलेटप्रूफ गाड़ी जितनी ही मुस्तैद और भरोसेमंद साबित हुई है।

एक बार चार्ज करो और भोपाल से सीधे दिल्ली का सफर तय करो!
तकनीक की बात करें तो मुख्यमंत्री के लिए चुनी गई महिंद्रा XEV 9e बेहद दमदार है।
यह कार एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर कागजों पर 500 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है।
कंपनी का दावा है कि भारत की असल सड़कों और भारी ट्रैफिक के बीच भी यह आसानी से 456 किलोमीटर तक का सफर तय कर लेगी।
- बैटरी क्षमता: इसमें 79kWh का बेहद शक्तिशाली और सुरक्षित लिथियम-आयन बैटरी पैक दिया गया है।
- ताकत (पावर): इसकी इलेक्ट्रिक मोटर 286 हॉर्सपावर और 380 न्यूटन मीटर का जबर्दस्त टॉर्क पैदा करती है।
- रफ्तार: यह कार स्पीड के मामले में भी किसी स्पोर्ट्स कार से कम नहीं है, जो मात्र 7.45 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है। इसकी फास्ट चार्जिंग तकनीक की मदद से यह कुछ ही मिनटों में दोबारा सफर के लिए तैयार हो जाती है।

- कार के अंदर सिनेमा हॉल जैसा मजा: लग्जरी इलेक्ट्रिक कार का इंटीरियर किसी वीआईपी लाउंज या थिएटर जैसा है।
- कार के अंदर मनोरंजन के लिए 16-स्पीकर वाला हरमन कार्डन (Harman Kardon) ऑडियो सिस्टम लगाया गया है, जो सफर के दौरान कार के अंदर बिल्कुल किसी सिनेमा हॉल जैसा साउंड इफेक्ट देता है।
- इसके अलावा, इसमें ड्राइवर की मदद के लिए एक बेहद आधुनिक ‘ऑगमेंटेड रियलिटी हेड-अप डिस्प्ले’ (AR-HUD) दिया गया है, जो सामने के शीशे पर ही जरूरी जानकारियां दिखा देता है।
- तीसरी आंख का पहरा: सुरक्षा के लिहाज से इस गाड़ी में 360 डिग्री सराउंड-व्यू कैमरा लगा हुआ है। इस कैमरे की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘बिल्ट-इन सर्विलांस मोड’ है।
- जब यह कार पार्किंग में खड़ी रहेगी, तब भी यह अपनी ‘तीसरी आंख’ से आसपास की हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखेगी और उसे रिकॉर्ड करती रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह कदम राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
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