Ajit Pawar’s last wish: महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय एक गहरा सन्नाटा और कई अनसुलझे सवाल हैं।
राज्य के कद्दावर नेता और डिप्टी सीएम अजित पवार के अचानक निधन ने न केवल उनके समर्थकों को झकझोर दिया है, बल्कि राज्य की सत्ता के समीकरण भी बदल दिए हैं।
28 जनवरी को बारामती में हुए दुखद विमान हादसे में अजित ‘दादा’ की जान चली गई।
अब उनके निधन के कुछ दिनों बाद, उनके एक बेहद करीबी सहयोगी ने उनकी उस ‘अंतिम इच्छा’ का खुलासा किया है, जो महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा बदल सकती है।
क्या थी अजित दादा की अंतिम इच्छा?
पवार परिवार के बेहद करीबी और विद्या प्रतिष्ठान की सदस्य किरण गुजर ने मीडिया से बात करते हुए एक बड़ा खुलासा किया है।
30 जनवरी को जब संगम में अजित पवार की अस्थियों का विसर्जन किया गया, तब गुजर ने बताया कि ‘दादा’ के मन में अपनी पार्टी और परिवार को लेकर एक बड़ी टीस थी।
किरण गुजर के अनुसार, अजित पवार चाहते थे कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों का विलय हो जाए।
वे चाहते थे कि पूरा पवार परिवार और पार्टी के सभी कार्यकर्ता फिर से एक छत के नीचे आ जाएं।
गुजर ने बताया कि निधन से पहले उनकी आखिरी फोन कॉल में अजित पवार ने चुनाव से संबंधित कुछ जरूरी कागजात भी मंगवाए थे और वे पार्टी की एकजुटता को लेकर लगातार चर्चा कर रहे थे।
#WATCH | Baramati, Maharashtra | Kiran Gujar, Member of Vidya Prathisthan and close associate of Pawar family, says, “Today, immersion of ashes of Ajit Pawar has done at Sangam here…It was ‘Dada’s’ last wish that this (merger of two factions of NCP) should happen. All should be… pic.twitter.com/s9oyqeGtqW
— ANI (@ANI) January 30, 2026
“नियति बुलाएगी तो जाना होगा”
अजित पवार के निधन के बाद उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह वीडियो 24 जनवरी का है, यानी उनकी मौत से ठीक 4 दिन पहले का।
बारामती के कान्हेरी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मराठी में कुछ ऐसी बातें कहीं जो आज सच साबित हो गई हैं। उन्होंने कहा था,
“यह दुनिया हमेशा के लिए नहीं है। हम सब आज यहां हैं, कल नहीं रहेंगे। अगर समय और नियति से पहले बुलावा आ जाए, तो सबको जाना ही होगा।”
उन्होंने आगे यह भी कहा था कि राजनीति ही सब कुछ नहीं है, चुनाव के बाद हमें कड़वाहट भूलकर विकास और आर्थिक समृद्धि पर ध्यान देना चाहिए।
उनकी ये बातें अब उनके समर्थकों के लिए एक भावुक संदेश बन गई हैं।
सुनेत्रा पवार बन सकती हैं नई डिप्टी CM
अजित पवार के जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनकी विरासत कौन संभालेगा?
सूत्रों की मानें तो उनकी पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का अगला डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे ने इस संबंध में सुनेत्रा पवार से मुलाकात भी की है।

ऐसी चर्चा है कि सुनेत्रा पवार अब अजित दादा की पारंपरिक सीट बारामती से चुनाव लड़ सकती हैं।
इस प्रस्ताव को लेकर एनसीपी नेता जल्द ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर सकते हैं।
क्या होगा दोनों गुटों का विलय?
किरण गुजर के खुलासे के बाद अब सबकी नजरें शरद पवार पर टिकी हैं।
फिलहाल महायुति गठबंधन (बीजेपी और शिंदे गुट) ने संकेत दिए हैं कि डिप्टी सीएम का पद अजित पवार गुट के पास ही रहेगा।
लेकिन अगर अजित दादा की अंतिम इच्छा के अनुरूप दोनों गुटों (अजित पवार और शरद पवार) का विलय होता है, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया ‘महा-गठबंधन’ देखने को मिल सकता है।


