Petrol Price in MP: मध्य प्रदेश में रहने वालों के लिए अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराना अब किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
हाल ही में राज्यसभा में पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा पेश किए गए आंकड़ों (11 मार्च 2026 तक) ने यह साफ कर दिया है कि एमपी के लोग देश के अधिकांश राज्यों की तुलना में कहीं ज्यादा कीमत चुका रहे हैं।
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पेट्रोल की ऊंची कीमतों के मामले में मध्य प्रदेश पूरे देश में चौथे स्थान पर काबिज है।
भोपाल का हाल और पड़ोसी राज्यों से तुलना
अगर हम मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की बात करें, तो यहां पेट्रोल की कीमत ₹106.52 प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
इसकी तुलना जब हम पड़ोसी राज्यों से करते हैं, तो अंतर चौंकाने वाला है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल ₹94.69 और गुजरात के गांधीनगर में ₹94.70 प्रति लीटर मिल रहा है।
यानी भोपाल की तुलना में इन राज्यों में पेट्रोल करीब 11 रुपये सस्ता है।
इतना ही नहीं, अगर आप सीमावर्ती जिलों (Border Districts) की बात करें, तो यह अंतर और भी गहरा हो जाता है।
उदाहरण के लिए, एमपी के रीवा में पेट्रोल ₹108.82 है, जबकि महज कुछ किमी दूर यूपी के प्रयागराज में यह ₹94.69 है।
यहां प्रति लीटर ₹14.13 का बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
इसी तरह झाबुआ (एमपी) और दाहोद (गुजरात) के बीच पेट्रोल की कीमतों में ₹13.80 का फर्क है।

महंगे पेट्रोल वाले टॉप-5 राज्य
देश में सबसे महंगा पेट्रोल बेचने वाले राज्यों की सूची इस प्रकार है:
- आंध्र प्रदेश (अमरावती): ₹109.74
- तेलंगाना (हैदराबाद): ₹107.50
- केरल (तिरुवनंतपुरम): ₹107.48
- मध्य प्रदेश (भोपाल): ₹106.52
- पश्चिम बंगाल (कोलकाता): ₹105.45
डीजल की कीमतों में भी MP पीछे नहीं
सिर्फ पेट्रोल ही नहीं, बल्कि डीजल के मामले में भी मध्य प्रदेश देश के टॉप 10 महंगे राज्यों में शामिल है।
डीजल की कीमतों में एमपी का स्थान 7वां है।
भोपाल में डीजल ₹91.84 प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों में इसके दाम और भी ऊंचे हैं।

आखिर MP में तेल इतना महंगा क्यों है?
आम जनता के मन में यह सवाल अक्सर उठता है कि जब तेल कंपनियां एक ही हैं, तो राज्यों में दाम इतने अलग क्यों होते हैं?
पेट्रोलियम राज्यमंत्री सुरेश गोपी ने संसद में स्पष्ट किया कि ईंधन की अंतिम कीमत तीन मुख्य कारकों पर निर्भर करती है:
- केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी: यह पूरे देश में समान होती है (पेट्रोल पर ₹19.90 और डीजल पर ₹15.80)।
- राज्य सरकार का वैट (VAT): यह सबसे बड़ा कारण है। एमपी सरकार पेट्रोल पर 29% VAT + ₹2.5/लीटर अतिरिक्त टैक्स + 1% सेस वसूलती है। यह देश के सबसे ऊंचे टैक्स ढांचों में से एक है।
- माल ढुलाई और डीलर कमीशन: रिफाइनरी से पेट्रोल पंप तक तेल पहुँचाने का खर्च और डीलर का मुनाफा भी कीमतों में जुड़ता है।

GST पर फिलहाल कोई राहत नहीं
लंबे समय से यह मांग उठ रही है कि पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाया जाए।
अगर ऐसा होता, तो देशभर में कीमतें एक समान और काफी कम हो सकती थीं।
हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है क्योंकि राज्यों के राजस्व का यह एक बड़ा जरिया है और जीएसटी परिषद की बैठकों में अभी इस पर सहमति नहीं बन पाई है।
MP के इन जिलों में है ‘आग’ जैसे दाम
मध्य प्रदेश के भीतर भी कीमतों में काफी अंतर है।
- सबसे महंगा पेट्रोल अनूपपुर जिले में मिल रहा है, जहां कीमत ₹109.12 प्रति लीटर है।
- इसके बाद शहडोल (₹108.95), रीवा (₹108.82) और बालाघाट (₹108.55) का नंबर आता है।
इन इलाकों में परिवहन लागत अधिक होने के कारण कीमतें भोपाल से भी ज्यादा हैं।
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