Homeन्यूजMP शिक्षक ट्रांसफर: मैरिज सर्टिफिकेट की टेंशन खत्म, अब 'समग्र ID' और...

MP शिक्षक ट्रांसफर: मैरिज सर्टिफिकेट की टेंशन खत्म, अब ‘समग्र ID’ और ‘सर्विस बुक’ से भी हो सकेगा तबादला!

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MP Teacher Transfer Rules: मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले हजारों शिक्षकों के लिए एक राहत भरी खबर आई है।

स्कूल शिक्षा विभाग ने स्वैच्छिक तबादलों (Voluntary Transfers) के कड़े नियमों में थोड़ी ढील दे दी है।

खासकर उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है, जो अपने पति या पत्नी के कार्यस्थल (Job Location) के पास ट्रांसफर पाना चाहते थे, लेकिन ‘मैरिज सर्टिफिकेट’ (विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र) न होने की वजह से आवेदन नहीं कर पा रहे थे।

लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने इस नियम को बदलते हुए अब दूसरे आसान दस्तावेजों को भी मान्यता दे दी है।

आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है और शिक्षकों को इससे क्या फायदा होगा।

क्या थी शिक्षकों की सबसे बड़ी परेशानी?

मध्यप्रदेश में इस साल 20 जून से शिक्षकों के स्वैच्छिक तबादलों की प्रक्रिया शुरू हुई थी।

इस बार विभाग ने ट्रांसफर नीति में कुछ नई और बेहद कड़ी शर्तें जोड़ दी थीं। इनमें सबसे बड़ी मुसीबत बना ‘मैरिज सर्टिफिकेट’।

विभाग का नियम था कि जो शिक्षक पति या पत्नी के नौकरी वाले जिले या शहर में ट्रांसफर चाहते हैं, उन्हें पोर्टल पर अपना विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र अपलोड करना ही होगा।

यह शर्त इस साल पहली बार जोड़ी गई थी, जिसने शिक्षकों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि विभाग में काम कर रहे अधिकांश शिक्षकों की शादी 15 से 20 साल पहले हुई थी।

उस दौर में आज की तरह मैरिज रजिस्ट्रेशन कराने का चलन नहीं था और न ही लोग इसे जरूरी समझते थे।

अचानक नए नियम के आने से हजारों शिक्षक असमंजस में पड़ गए।

आवेदन की आखिरी तारीख तक कई शिक्षक कचहरियों और नगर निगमों के चक्कर काटकर नया प्रमाणपत्र बनवाने की कोशिश में जुटे रहे, जिससे उनका आवेदन पोर्टल पर अटका रहा।

देर रात आया शिक्षा विभाग का राहत भरा आदेश

शिक्षकों की चौतरफा परेशानी और बढ़ते दबाव को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह ने मंगलवार की रात को एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरा आदेश जारी किया।

इस नए आदेश के मुताबिक, अब पति-पत्नी के आधार पर ट्रांसफर चाहने वाले शिक्षकों के लिए मैरिज सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को शिथिल (कम) कर दिया गया है।

अब यदि किसी शिक्षक के पास विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र नहीं है, तो वह उसकी जगह निम्नलिखित दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड कर सकता है:

  • शिक्षक समग्र कार्ड (Samagra ID Card)
  • सर्विस बुक (सेवा पुस्तिका) के सत्यापित पृष्ठ (जहां पत्नी/पति का नाम दर्ज हो)
  • कोई भी अन्य सुसंगत और मान्य सरकारी दस्तावेज

इस आदेश के बाद उन हजारों शिक्षकों ने राहत की सांस ली है जो मैरिज सर्टिफिकेट न होने से मायूस बैठे थे।

अब वे अपने पास उपलब्ध सरकारी दस्तावेजों के आधार पर आसानी से आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

दिव्यांग शिक्षकों की समस्या अब भी बरकरार

भले ही विभाग ने मैरिज सर्टिफिकेट वाले मामले में दिल खोलकर राहत दे दी हो, लेकिन दिव्यांग शिक्षकों की परेशानी का हल अब भी अधूरा है।

जिन दिव्यांग शिक्षकों के पास शासन के नियमों के अनुसार पूरी तरह से वैलिड (वैध) सर्टिफिकेट हैं, वे पोर्टल की तकनीकी खामी (Technical Glitch) के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।

‘एक साल पुराना प्रमाणपत्र’ होने की शर्त के कारण पोर्टल उनके फॉर्म रिजेक्ट कर रहा है।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि इस मामले में विभाग की तरफ से अभी तक कोई स्पष्ट गाइडलाइन या नया आदेश नहीं आया है, जिससे दिव्यांग शिक्षकों में निराशा है।

इस बार ट्रांसफर में जुड़ी हैं कई अन्य कड़ी शर्तें

शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बताया कि इस साल की ट्रांसफर पॉलिसी में सिर्फ मैरिज सर्टिफिकेट ही नहीं, बल्कि कई अन्य पेचीदा नियम भी लागू किए गए हैं।

उदाहरण के लिए, इस बार आवेदकों के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस (e-attendance) की शर्त भी अनिवार्य की गई है।

शिक्षक संगठनों का मानना है कि इन नई और सख्त शर्तों के कारण इस साल स्वैच्छिक तबादलों के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों की संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले काफी कम रहने की उम्मीद है।

संगठनों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग को व्यावहारिक रूप से सोचना चाहिए और पोर्टल की तकनीकी कमियों को जल्द से जल्द दूर करना चाहिए ताकि किसी भी पात्र शिक्षक का हक न मरे।

क्या है ट्रांसफर का आगे का पूरा शेड्यूल?

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी समय-सारणी (Schedule) के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया 20 जून से शुरू हुई थी और इसकी अंतिम तिथि मंगलवार, 24 जून तय की गई थी।

विभाग की ओर से दस्तावेजों में राहत मिलने के बाद अब आवेदनों की स्क्रूटनी की जाएगी।

इसके बाद, शिक्षकों के बहुप्रतीक्षित स्थानांतरण आदेश (Transfer Orders) 28 जून से 30 जून के बीच जारी कर दिए जाएंगे।

#MPTeacherTransfer #MPEducation #TeacherTransferPolicy #MadhyaPradeshNews #DPIOrder #GovtTeachers #EducationDepartment

- Advertisement -spot_img