Kolkata warehouse collapse: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक बेहद दुखद और दर्दनाक खबर सामने आ रही है।
यहाँ के तारातला इलाके में बुधवार को एक निर्माणाधीन (बन रहे) गोदाम की छत अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई।
इस भीषण हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आशंका जताई जा रही है कि करीब 50 से 55 मजदूर अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं।
मलबे के नीचे से दबे हुए लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही है, जिसे सुनकर वहां मौजूद हर किसी का दिल दहल गया है।

कैसे और कब हुआ यह दर्दनाक हादसा?
यह पूरी घटना पश्चिम कोलकाता के तारातला थाना क्षेत्र के अंतर्गत ब्रेस ब्रिज के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड की है।
स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार को दोपहर के वक्त इस गोदाम में कंक्रीट की ढलाई का काम चल रहा था।
हर दिन की तरह मजदूर अपने काम में व्यस्त थे। तभी अचानक दोपहर करीब 12 से 1:30 बजे के बीच गोदाम का भारी-भरकम शेड और छत का एक बड़ा हिस्सा जोरदार आवाज के साथ नीचे गिर गया।

छत गिरते ही वहां चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और धूल का गुबार छा गया।
लोहे के भारी बीम और कंक्रीट के मलबे के नीचे कई मजदूर दब गए।

राहत और बचाव कार्य में जुटी सेना और प्रशासन
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया।
मौके पर कोलकाता पुलिस, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप (DMG), सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा) और दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंच गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना के जवानों को भी तुरंत मोर्चे पर बुला लिया गया है।
मलबे के नीचे फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

अब तक 4 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जिन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया है।
मलबे और लोहे के भारी-भरकम गार्डर को हटाने के लिए बड़ी-बड़ी क्रेन और आधुनिक मशीनरी तैनात की गई है।
इसके साथ ही, लोहे की छड़ों को काटने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि फंसे हुए लोगों तक जल्द पहुंचा जा सके।

सरकार पूरी तरह अलर्ट, हेल्पलाइन नंबर जारी
इस बड़े हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
पीड़ितों की मदद और राहत कार्यों की पल-पल की निगरानी के लिए राज्य सचिवालय में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है।
सरकार ने आम जनता और पीड़ितों के परिजनों की मदद के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।

मदद के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क:
- 1070
- 8697981070
- 033-22143526
- 033-22535185
हादसे की पांच खौफनाक तस्वीरें…

महाराष्ट्र में भी हुआ था ऐसा ही हादसा
आपको बता दें कि कंस्ट्रक्शन साइट्स पर लापरवाही के कारण होने वाले हादसों का यह कोई पहला मामला नहीं है।
अभी हाल ही में, 20 जून को महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी देवस्थान में भी एक ऐसा ही दर्दनाक हादसा देखने को मिला था।
वहां हनुमान मंदिर के हॉल की निर्माणाधीन छत अचानक गिर गई थी। उस समय लोग मंदिर के सामने बन रहे सभामंडप में बैठकर प्रसाद ले रहे थे, तभी पूरा स्ट्रक्चर ढह गया था।
उस हादसे में भी 7 लोगों की जान चली गई थी और 25 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।



कोलकाता के इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे हर एक इंसान की जान बचाना है।
