Ladli Behna Yojana: मध्यप्रदेश सरकार की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ को लेकर इस समय एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है।
योजना की 38वीं किस्त (38th Installment) बहुत जल्द जारी होने वाली है, लेकिन इस किस्त के आने से ठीक पहले प्रदेश की लगभग एक लाख महिलाओं को बड़ा झटका लगा है।
सरकार ने लाभार्थी सूची (Beneficiary List) की दोबारा समीक्षा की है, जिसके बाद करीब एक लाख महिलाओं के नाम इस लिस्ट से हटा दिए गए हैं।
इसका सीधा मतलब यह है कि अब इन महिलाओं के बैंक खाते में योजना की अगली किस्त का पैसा ट्रांसफर नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार हर महीने की 10 से 15 तारीख के बीच लाड़ली बहनों के बैंक खातों में योजना की राशि ट्रांसफर करती है।
इससे पहले, सरकार ने योजना की 37वीं किस्त बीते 14 जून को जारी की थी।
लेकिन इस बार 38वीं किस्त के ट्रांसफर होने से पहले ही इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने से महिलाओं के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है।
आइए जानते हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम सूची से क्यों गायब हुए हैं और इसके पीछे की असली वजह क्या है।

क्यों कटे 1 लाख महिलाओं के नाम? ये हैं 4 मुख्य वजहें
प्रशासनिक स्तर पर की गई जांच और तकनीकी बदलावों के कारण इस बार भारी संख्या में नाम हटाए गए हैं। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. ई-केवाईसी (E-KYC) की प्रक्रिया अधूरी होना
नाम कटने की सबसे बड़ी और मुख्य वजह ई-केवाईसी (E-KYC) का पूरा न होना है।
सरकार ने काफी समय पहले ही सभी लाड़ली बहनों को सख्त निर्देश दिए थे कि वे अपनी समग्र आईडी (Samagra ID) और अपने बैंक खाते को आपस में लिंक और अपडेट जरूर करवा लें।
जिन महिलाओं ने इस तकनीकी प्रक्रिया को समय रहते पूरा नहीं किया, उन्हें सिस्टम ने ऑटोमैटिक तरीके से अपात्र मानकर लिस्ट से बाहर कर दिया है।

2. अचानक समग्र आईडी का डिलीट हो जाना
इस पूरे मामले में एक अजीब तकनीकी गड़बड़ी भी देखने को मिली है।
हाल ही में सतना जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जहाँ पूरी तरह से पात्र और लगातार लाभ ले रही सैकड़ों महिलाओं की समग्र आईडी बिना किसी स्पष्ट कारण के सिस्टम से डिलीट हो गई।
चूंकि लाड़ली बहना योजना का पूरा डेटा समग्र पोर्टल पर ही आधारित है, इसलिए समग्र आईडी डिलीट होते ही ये महिलाएं सीधे तौर पर योजना के लाभ से वंचित हो गईं।
3. पात्रता के नियमों में बदलाव और सख्त जांच
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लाभार्थियों की पात्रता की दोबारा कड़ाई से जांच की जा रही है।
उम्र सीमा, वैवाहिक स्थिति और परिवार की वार्षिक आय जैसे नियमों को लेकर इस बार ज्यादा सख्ती बरती जा रही है।
जिन महिलाओं के परिवार की आर्थिक स्थिति में बदलाव आया है या जो अब तय मापदंडों पर खरी नहीं उतर रही हैं, उनके नाम भी हटाए गए हैं।

4. परिवार में सरकारी नौकरी या अन्य सरकारी लाभ
नियमों के अनुसार, यदि किसी लाभार्थी महिला के परिवार में किसी सदस्य को सरकारी नौकरी मिल गई है या वह परिवार आयकर दाता (Income Tax Payer) की श्रेणी में आ गया है, तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता।
इसके अलावा, यदि कोई महिला किसी अन्य बड़ी सरकारी पेंशन या वित्तीय सहायता योजना के दायरे में आ गई है, तो उसका नाम भी लाड़ली बहना योजना की सूची से काट दिया गया है।

अगर लिस्ट से नाम कट गया है, तो दोबारा कैसे जोड़ें? (E-KYC की आसान प्रक्रिया)
अगर आप भी इस योजना की लाभार्थी हैं और इस बार लिस्ट में आपका नाम नहीं दिख रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है।
आप अपनी ई-केवाईसी (E-KYC) प्रक्रिया को दोबारा पूरा करके अपना नाम फिर से जुड़वा सकती हैं।
इसके लिए आपको नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करना होगा:
- स्टेप 1: सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर समग्र पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट samagra.gov.in को ओपन करें।
- स्टेप 2: वेबसाइट के होमपेज पर आपको ‘E-KYC’ या ‘समग्र प्रोफाइल अपडेट करें’ का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
- स्टेप 3: अब यहाँ अपनी 9 अंकों की सदस्य समग्र आईडी (Samagra ID) और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करें।
- स्टेप 4: इसके बाद आपकी समग्र आईडी से लिंक मोबाइल नंबर स्क्रीन पर दिखाई देगा। उस नंबर पर OTP (वन टाइम पासवर्ड) भेजने के विकल्प पर क्लिक करें।
- स्टेप 5: आपके मोबाइल पर आए OTP को निर्धारित बॉक्स में भरें और वेरीफाई करें।
- स्टेप 6: इसके बाद अपने पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) की मदद से बायोमेट्रिक या OTP के जरिए अपनी E-KYC प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लें।

महत्वपूर्ण नोट: ई–केवाईसी पूरा होने के बाद अपने नजदीकी ग्राम पंचायत भवन, जनपद पंचायत या वार्ड कार्यालय में जाकर अधिकारियों को इसकी सूचना दें ताकि प्रशासनिक स्तर पर आपका नाम दोबारा एक्टिव किया जा सके।
साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक हो और उसमें डीबीटी (Direct Benefit Transfer) इनेबल हो।
अब तक की किस्तों का पूरा इतिहास (जून 2023 से अब तक)
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई इस योजना में समय-समय पर राशि में भी बढ़ोतरी की गई है।
नीचे दी गई तालिका से समझें कि अब तक कब और कितनी राशि महिलाओं के खातों में भेजी गई है:
- किस्त नंबर | महीना और साल | ट्रांसफर की तारीख | प्रति महीना राशि
- 1st से 2nd: जून 2023 – जुलाई 2023 | हर महीने की 10 तारीख | 1000 रुपए
- 3rd से 14th: अगस्त 2023 – जुलाई 2024 | हर महीने की 5 से 10 तारीख | 1250 रुपए
- 15th अगस्त 2024 | 10 अगस्त 2024 | 1500 रुपए (विशेष रक्षाबंधन उपहार)
- 16th से 29th: सितम्बर 2024 – अक्टूबर 2025 | हर महीने की 10 तारीख के आसपास | 1250 रुपए
- 30th से 37th: नवम्बर 2025 – जून 2026 | हर महीने की 10 से 15 तारीख | 1500 रुपए
- 38th (आगामी) जून/जुलाई 2026 | 10 से 15 तारीख (संभावित) 1500 रुपए

विभाग के कामकाज और तकनीकी बदलावों के कारण पिछले कुछ समय से किस्तों की तारीखों में थोड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं, जिसके चलते महिलाओं में थोड़ा सस्पेंस बना रहता है।
लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार यह साफ कर चुके हैं कि योजना सुचारू रूप से चलती रहेगी और पात्र महिलाओं को उनका हक मिलता रहेगा।
इसलिए यदि आपका नाम कट गया है, तो बिना देरी किए अपने दस्तावेज दुरुस्त करवा लें।
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