Monsoon updates india: देश के कई हिस्सों में मानसून ने अपनी रफ्तार बहुत तेज कर दी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सबसे खराब स्थिति महाराष्ट्र की है, जहां पिछले तीन दिनों से मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है।
मुंबई, पालघर और रायगढ़ जिलों में इस बार रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है।
महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन के मुताबिक, पिछले 3-4 दिनों में भारी बारिश और इससे जुड़े हादसों के कारण अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है।

लगातार हो रही बारिश की वजह से मुंबई और पुणे को जोड़ने वाला रेल संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
करजत-लोनावला के बीच भोर घाट इलाके में दो अलग-अलग जगहों पर पहाड़ खिसकने (लैंडस्लाइड) की घटना हुई है।
इस हादसे के चलते रेलवे की तीनों लाइनें ब्लॉक हो गईं, जिसके कारण रेलवे प्रशासन को आनन-फानन में 20 से ज्यादा ट्रेनों को रद्द करना पड़ा।
केवल ट्रेनें ही नहीं, बल्कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी मलबा आ जाने के कारण सड़क यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।

मुंबई में ‘वर्क फ्रॉम होम’ और स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी
मुंबई में मौसम की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
शहर में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण 142 से ज्यादा पेड़ उखड़ कर सड़कों पर गिर गए हैं।
ठाणे इलाके में तेज आंधी और बारिश के कारण एक बड़ा होर्डिंग भी गिर गया।
बिगड़ते हालात को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने बड़ा फैसला लिया है।

सोमवार को मुंबई के सभी सरकारी, प्राइवेट और नगर निगम के स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है।
इसके साथ ही, निजी कंपनियों के कर्मचारियों को घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने की सलाह दी गई है।
गैर-जरूरी और सेमी-गवर्नमेंट ऑफिसों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई है।
BMC की आम जनता से अपील:
- बहुत ज्यादा जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें।
- कमजोर या जर्जर इमारतों, बड़े होर्डिंग्स, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाकर रखें
- अपनी गाड़ियों को भूलकर भी पेड़ों के नीचे पार्क न करें।
- समुद्र तट (बीच) और जलभराव वाले इलाकों की तरफ बिल्कुल न जाएं।
- किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत BMC की हेल्पलाइन नंबर 1916 पर कॉल करें।
- राहत कार्यों के लिए करीब 15 हजार कर्मचारियों को मैदान में उतारा गया है।

जम्मू-कश्मीर में लैंडस्लाइड, गाड़ियों पर गिरा पहाड़
उत्तर भारत में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भारी बारिश के बाद अचानक लैंडस्लाइड हो गई।
पहाड़ से गिरे भारी मलबे की चपेट में आने से सड़क पर खड़ी 6 से 7 गाड़ियां पूरी तरह दब गईं।
स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमें मौके पर मौजूद हैं और मलबे को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश: 23 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मध्य प्रदेश में भी मानसून का तगड़ा असर देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के 23 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट (ऑरेंज और येलो अलर्ट) जारी किया है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट (अति भारी बारिश):
सागर, दमोह, बैतूल, देवास, आलीराजपुर, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और अनूपपुर।
इन जिलों में भारी बारिश की संभावना:
उज्जैन, रतलाम, धार, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और पन्ना।
इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और रीवा सहित कई जिलों में हल्की से तेज बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
बाघ नदी में बह गए वाहन, बिजली गिरने से मौत:
बालाघाट जिले से एक डराने वाला वीडियो सामने आया है, जहां किरनापुर-लांजी मार्ग पर बहने वाली बाघ नदी के उफान में एक कार, जेसीबी और लोडर मशीन ताश के पत्तों की तरह बहती नजर आईं।
बताया जा रहा है कि यहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से एक नया पुल बनाया जा रहा था, जिसका काम कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही थी।
इसके अलावा पांढुर्णा जिले के पगड़ी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 48 साल की महिला सुलोचना तड़ाम की मौत हो गई।
एमपी में बारिश के आंकड़े: जून में सूखा, जुलाई से उम्मीद
पिछले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश हुई।
छिंदवाड़ा में सबसे ज्यादा 3 इंच, जबकि उज्जैन और बालाघाट में सवा 2 इंच पानी गिरा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल जून का महीना थोड़ा सूखा रहा, लेकिन जुलाई में अच्छी बारिश की उम्मीद है।
आमतौर पर पूरे मानसून सीजन की एक तिहाई (लगभग 40%) बारिश अकेले जुलाई के महीने में ही हो जाती है।
उदाहरण के लिए, भोपाल में सीजन की कुल 39 इंच बारिश में से 14 इंच सिर्फ जुलाई में गिरती है, जबकि जबलपुर में जुलाई के दौरान सबसे ज्यादा 17 इंच तक पानी बरसता है।
वर्तमान में राज्य में सामान्य से 6% कम बारिश हुई है। अब तक कुल 6.4 इंच पानी गिरा है, जबकि सामान्य तौर पर 6.8 इंच होना चाहिए था।
राज्य के देवास जिले में अब तक सबसे ज्यादा 14.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 125% अधिक है। वहीं आलीराजपुर में अब तक सबसे कम सिर्फ 1 इंच बारिश दर्ज की गई है।
#Monsoon2026 #MumbaiRains #MaharashtraRain #Landslide #MPRainAlert #WeatherUpdate #BMC #MumbaiTraffic #DisasterManagement
