Ram Mandir CEO Jitendra Mishra: अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय और महत्वपूर्ण बैठक में बड़ा फैसला लिया गया।
भारतीय वायुसेना के पूर्व अधिकारी और पश्चिमी कमान के पूर्व चीफ, रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा देश के उन जांबाज सैन्य अफसरों में शुमार हैं, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय वायुसेना की पश्चिमी कमान का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया था।

देश की सुरक्षा में दशकों तक अतुलनीय सेवाएं देने के बाद, अब वह भगवान श्रीराम के मंदिर परिसर के पूरे प्रशासनिक और प्रबंधकीय कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
5,500 से अधिक आवेदनों में से हुआ चयन
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद की चयन प्रक्रिया बेहद सख्त और पारदर्शी रही।
इस प्रतिष्ठित और जिम्मेदारी भरे पद के लिए देशभर से 5,585 उम्मीदवारों ने आवेदन प्रस्तुत किए थे।
आवेदनों की गहन छानबीन के बाद केवल 16 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करके साक्षात्कार (इन्टरव्यू) के लिए आमंत्रित किया गया।

साक्षात्कार पैनल में देश की प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल थीं, जिनमें रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी प्रमुख थे।
11 और 12 अगस्त को अयोध्या में आयोजित इन इंटरव्यूज के दौरान प्रत्येक उम्मीदवार से लगभग 40 से 50 मिनट तक व्यापक सवाल-जवाब किए गए।
उम्मीदवारों के प्रशासनिक अनुभव, प्रबंधन क्षमता, आपदा नियंत्रण कौशल और धार्मिक कार्यों में उनकी रुचि के साथ-साथ भगवान राम के प्रति उनकी अगाध आस्था और जीवनशैली (जैसे शाकाहार, धार्मिक आचरण आदि) से जुड़े सवाल भी पूछे गए।

इसके बाद चयन समिति ने तीन शीर्ष नामों का पैनल तैयार कर ट्रस्ट को भेजा, जिस पर अंतिम मुहर लगाते हुए ट्रस्ट ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को इस जिम्मेदारी के लिए सर्वसम्मति से चुना।
तीन नए ट्रस्टियों का हुआ मनोनयन, पहली महिला सदस्य मिलीं
सीईओ की नियुक्ति के साथ-साथ ट्रस्ट ने अपने बोर्ड का विस्तार करते हुए तीन नए प्रतिष्ठित ट्रस्टियों को भी शामिल किया है:
* एडवोकेट मदन मोहन पांडेय: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में रामलला विराजमान की ओर से कानूनी लड़ाई लड़ने वाली मुख्य पैरवी टीम के प्रमुख सदस्य रहे हैं।
उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में ऐतिहासिक दलीलें पेश की थीं।
* महेश भागचंदका: दिल्ली के विख्यात उद्योगपति और ‘अशोक सिंघल फाउंडेशन’ के संचालक हैं।
वह स्वर्गीय अशोक सिंघल के निकट संबंधी हैं तथा 2020 के भूमि पूजन और 22 जनवरी 2024 को आयोजित भव्य प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य यजमान की भूमिका निभा चुके हैं।

* निर्मला यादव: उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद की निवासी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से लंबे समय से जुड़ीं समाजसेविका हैं।
निर्मला यादव श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में शामिल होने वाली पहली महिला ट्रस्टी बन गई हैं।
चढ़ावा चोरी विवाद और चंपत राय के इस्तीफे के बाद की बड़ी कार्रवाई
मंदिर प्रशासन में इतना बड़ा ढांचागत बदलाव हाल ही में हुए एक बड़े विवाद के बाद देखा जा रहा है।
7 जून को मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे (कैश और आभूषण) की गिनती के दौरान चोरी का मामला सामने आया था।
उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के बाद, 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।

इस घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 2 जुलाई को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया था।
इसके बाद पूर्व आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था।
विवादों से पार पाने और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए 22 जुलाई की बैठक में 9 संतों की एक ‘धार्मिक समिति’ का गठन किया गया था, जिसके अध्यक्ष ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज बनाए गए थे।
अब एयर मार्शल मिश्रा की स्थायी सीईओ के रूप में नियुक्ति से ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को पेशेवर और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

परिक्रमा, प्रसाद और गर्भगृह के लिए नए फैसले
ट्रस्ट की इस बैठक में मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दो नई विशेष समितियों के गठन का फैसला लिया गया:
* परिक्रमा समिति: यह समिति मंदिर परिसर के चारों ओर साधु-संतों और रामभक्तों की सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित परिक्रमा व्यवस्था का संचालन करेगी।
* प्रसाद समिति: यह समिति रोजाना भक्तों में वितरित होने वाले प्रसाद की गुणवत्ता, स्वच्छता तथा प्रमुख त्योहारों और विशेष तिथियों पर बांटे जाने वाले विशेष भोग और प्रसाद का निर्णय लेगी।
इसके अलावा, अत्यधिक गर्मी और मौसम के प्रभाव को देखते हुए रामलला के गर्भगृह में एयर कंडीशनर (AC) लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
गर्भगृह में 1 टन और 3 टन के दो AC लगाए जाने का प्रस्ताव है, जिसके लिए दीवारों में विशेष तरह से ड्रिलिंग की जाएगी।

धार्मिक समिति के इस प्रस्ताव को भी जल्द ही अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
#RamMandir #Ayodhya #JitendraMishra #RamMandirCEO #AirMarshalJitendraMishra #RamJanmabhoomiTrust #AyodhyaNews #RamMandirUpdates #Deoria
