Bank Strike Today: देशभर के सरकारी और कुछ प्रमुख निजी बैंकों के ताले आज बंद रहेंगे।
बैंकों के संयुक्त संगठन ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस’ (UFBU) के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का रास्ता चुना है।
शुक्रवार को हड़ताल होने के तुरंत बाद शनिवार को महीने का दूसरा शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण लगातार तीन दिनों तक शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा।
मध्य प्रदेश में भी इस हड़ताल का बड़ा असर देखा जा रहा है।
प्रदेश की लगभग 7 हजार बैंक शाखाओं में काम पूरी तरह रुक गया है और करीब 40 हजार कर्मचारी व अधिकारी अपने कामकाज का बहिष्कार कर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

भोपाल समेत राज्य के प्रमुख शहरों में बैंककर्मी एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं।
क्या है 5-डे बैंकिंग का विवाद?
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार बैंकों में हर रविवार के अलावा केवल दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी होती है।
बैंक संगठन लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि हर शनिवार को पूर्ण अवकाश घोषित किया जाए।
यूनियनों का कहना है कि 8 मार्च 2024 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनियनों के बीच 12वें द्विपक्षीय समझौते में इस पर सहमति बन चुकी थी।
इस समझौते के तहत कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हुए थे।
IBA ने इस प्रस्ताव को वित्तीय सेवाएं विभाग और वित्त मंत्रालय के पास भेजा, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने इसे अंतिम मंजूरी नहीं दी।

नई PLI स्कीम पर भेदभाव का आरोप
बैंक कर्मचारियों के आक्रोश की दूसरी बड़ी वजह वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) द्वारा जारी नई परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) गाइडलाइंस है।
यूनियनों का आरोप है कि यह स्कीम कर्मचारियों के बीच भेदभाव पैदा करती है।
नई गाइडलाइंस के तहत स्केल IV और उससे ऊपर के वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर 365 दिनों तक के बेसिक पे के बराबर इंसेंटिव मिलेगा, जबकि निचले स्तर के कर्मचारियों और क्लर्क वर्ग को अधिकतम 15 दिनों का बेसिक पे + DA ही दिया जाएगा।
यूनियनों की मांग है कि PLI पूरी तरह बैंक के सामूहिक प्रदर्शन पर आधारित हो और सभी श्रेणियों को एक समान लाभ दिया जाए।

अन्य पुरानी पेंडिंग मांगें
हड़ताल में पेंशनभोगियों के लिए पेंशन अपडेशन, सभी रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता (DA) फॉर्मूला, और नए कर्मचारियों के लिए NPS की जगह पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने जैसी मांगें भी शामिल हैं।
इसके साथ ही क्लर्क और सब-स्टाफ के पदों पर नई भर्तियों की कमी और ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने के मुद्दे पर भी सहमति नहीं बन सकी है।
आम जनता पर असर और विकल्प
तीन दिन लगातार शाखाएं बंद रहने से चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट बनाने और नकद जमा व निकासी जैसे ऑफलाइन काम पूरी तरह प्रभावित होंगे।
हालांकि SBI और PNB जैसे प्रमुख बैंकों ने स्पष्ट किया है कि UPI, ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल ऐप और ATM जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी।

आने वाले दिनों में और गहराएगा संकट
यदि सरकार ने मांगों का समाधान नहीं निकाला तो सितंबर के अंत में 26 से 30 सितंबर तक लगातार 5 दिनों के लिए फिर बैंक बंद रहेंगे।
वहीं, यूनियनों ने 26 अक्टूबर से देशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
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