IRCTC money laundering case: IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और लारा प्रोजेक्ट्स समेत कुल 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय (Charges Frame) कर दिए हैं।
हालांकि, इसी मामले में सबूतों के अभाव के चलते अदालत ने 7 अन्य सह-आरोपियों को बरी कर दिया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस पूरे मामले में कुल 16 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

कोर्ट के इस फैसले के बाद अब मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को तय की गई है।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी: पद के दुरुपयोग और अवैध कमाई का शक
सुनवाई के दौरान विशेष जज विशाल गोगने ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल के दौरान अपने पद का गलत इस्तेमाल करने और अपराध से आय (Proceeds of Crime) अर्जित करने का एक मजबूत शक बनता है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पटना स्थित उस कीमती जमीन का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से फायदा उठा रहे हैं।

आरोप है कि जब लालू यादव वर्ष 2004 से 2009 के बीच केंद्रीय रेल मंत्री थे, तब उनके इशारे पर यह जमीन बेनामी कंपनियों के जरिए बेहद कम कीमत पर उनके परिवार के पक्ष में ट्रांसफर की गई थी।
क्या है पूरा IRCTC होटल घोटाला?
यह पूरा मामला आईआरसीटीसी के तहत आने वाले रांची और पुरी के दो सरकारी होटलों के रखरखाव और टेंडर देने में हुई वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और ED का आरोप है कि प्राइवेट कंपनियों (सुजाता होटल्स) को नियमों को ताक पर रखकर अनुचित फायदा पहुंचाते हुए होटल पट्टे (Lease) पर दिए गए और बदले में लालू परिवार को पटना में करोड़ों की बेनामी संपत्ति दिलवाई गई।

निचली अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में दी थी चुनौती
इससे पहले लालू परिवार ने निचली अदालत के भ्रष्टाचार से जुड़े आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
सीबीआई ने इस चुनौती याचिका का कड़ा विरोध करते हुए अदालत में कहा है कि उनके पास इस घोटाले से जुड़े कई अहम दस्तावेज और पुख्ता सबूत मौजूद हैं।
अदालत का मानना है कि इस पूरे टेंडर सौदे की साजिश लालू यादव की जानकारी में रची गई थी।

राजनीतिक साजिश- आरजेडी का पलटवार
दूसरी तरफ, आरजेडी और लालू प्रसाद यादव ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे केंद्र सरकार की राजनीतिक साजिश करार दिया है।
लालू परिवार का कहना है कि टेंडर पूरी पारदर्शिता से जारी किए गए थे और उन्हें केवल राजनीतिक द्वेष के चलते फंसाया जा रहा है।

अब 3 अक्टूबर से शुरू होने वाली अदालती कार्यवाही पर पूरे देश की निगाहें टिकी रहेंगी।
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