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लाड़ली बहना योजना में 8 महीने में 21 हजार नाम कटे: 3 साल में 6.26 लाख महिलाएं हुईं अपात्र, नए नाम जोड़ने पर लगी रोक

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Ladli Behna Yojana: मध्यप्रदेश सरकार की चर्चित मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में शामिल महिलाओं की संख्या लगातार कम होती जा रही है।

पिछले आठ महीनों में ही 21 हजार से ज्यादा महिलाओं के नाम योजना की सूची से बाहर हो गए हैं। वहीं, योजना शुरू होने के बाद से अब तक करीब 6.26 लाख महिलाओं के नाम कम हो चुके हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी 2026 को लाड़ली बहना योजना में 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार महिलाएं पात्र थीं। सितंबर 2026 तक यह संख्या घटकर 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार 150 रह गई। यानी जनवरी से सितंबर के बीच 21 हजार 150 महिलाएं योजना से बाहर हो गईं।

इससे पहले भी योजना में हितग्राहियों की संख्या में लगातार कमी देखने को मिली है। अक्टूबर 2023 में योजना में 1 करोड़ 31 लाख 35 हजार 985 महिलाएं शामिल थीं। इसके बाद अलग-अलग वजहों से कई महिलाओं के नाम हटाए गए और पात्र हितग्राहियों की संख्या कम होती चली गई।

नए नाम नहीं जुड़ रहे

योजना में महिलाओं की संख्या घटने की एक बड़ी वजह यह भी है कि फिलहाल नए हितग्राहियों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया नहीं चल रही है। यानी एक तरफ पुराने नाम पात्रता की शर्तों के कारण सूची से बाहर हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नए नाम जुड़ नहीं रहे हैं।

योजना की शुरुआत में बड़ी संख्या में महिलाओं ने आवेदन किया था। जांच और आपत्तियों के बाद करीब 2 लाख 18 हजार 858 नाम हटाए गए। इसके बाद पात्र महिलाओं की संख्या 1 करोड़ 29 लाख 5 हजार 457 रह गई थी।

समय के साथ उम्र, मृत्यु और दूसरी पात्रता शर्तों की जांच के चलते यह संख्या और कम होती गई।

60 साल की उम्र पूरी होने पर नाम हट रहा

अधिकारियों के मुताबिक, लाड़ली बहना योजना में अधिकतम उम्र की सीमा 60 साल है। इसलिए जिन महिलाओं की उम्र 60 साल पूरी हो रही है, उनके नाम पात्र हितग्राहियों की सूची से हटाए जा रहे हैं।

इसके अलावा किसी हितग्राही की मृत्यु होने या बाद में उसके अपात्र पाए जाने पर भी योजना का लाभ बंद कर दिया जाता है। इसी वजह से हर महीने या समय-समय पर सूची में बदलाव होता रहता है।

इसका सीधा असर योजना में शामिल कुल महिलाओं की संख्या पर पड़ रहा है। क्योंकि अभी नए हितग्राहियों को जोड़ने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, इसलिए सूची में कमी की भरपाई नहीं हो पा रही है।

1 हजार से शुरू हुई थी राशि

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। उस समय पात्र महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपए दिए जाते थे। सरकार ने आगे चलकर इस राशि को बढ़ाने का फैसला किया।

योजना शुरू होने के करीब चार महीने बाद ही मासिक राशि बढ़ाकर 1,250 रुपए कर दी गई। इसके बाद नवंबर 2025 से इसमें 250 रुपए की और बढ़ोतरी की गई। फिलहाल पात्र महिलाओं के खाते में हर महीने 1,500 रुपए भेजे जा रहे हैं।

सरकार ने योजना की राशि को आगे बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह तक करने का फैसला किया है। यह बढ़ोतरी पांच साल की अवधि में किए जाने की बात कही गई है।

साल के अंत तक और कम हो सकती है संख्या

उम्र और दूसरी पात्रता शर्तों की लगातार समीक्षा के कारण आने वाले महीनों में भी योजना के हितग्राहियों की संख्या घट सकती है। दिसंबर 2026 के अंत तक सूची में और कमी आने की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि योजना बंद हो रही है। पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिलता रहेगा, लेकिन जो महिलाएं उम्र सीमा पार कर चुकी हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो किसी अन्य कारण से पात्रता पूरी नहीं करतीं, उन्हें सूची से हटाया जा रहा है।

फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि योजना में नए नाम नहीं जुड़ रहे हैं और पुराने नाम लगातार कम हो रहे हैं। इसी वजह से जून 2023 में शुरू हुई इस योजना में तीन साल के दौरान हितग्राहियों की कुल संख्या करीब 6.26 लाख घट चुकी है।

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