HomeTrending Newsऑस्कर 2027 की रेस में मराठी फिल्म 'गोंधल': 'धुरंधर' जैसी 33 बड़ी...

ऑस्कर 2027 की रेस में मराठी फिल्म ‘गोंधल’: ‘धुरंधर’ जैसी 33 बड़ी फिल्मों को पछाड़कर बनी भारत की आधिकारिक एंट्री

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

India Gondhal Oscar Entry: भारतीय सिनेमा के लिए एक बेहद खास खबर सामने आई है।

मराठी भाषा की थ्रिलर फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर 2027) में ‘बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ की श्रेणी के लिए भारत की तरफ से आधिकारिक प्रविष्टि (ऑफिशियल एंट्री) चुना गया है।

फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) ने आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान किया है।

इस साल ऑस्कर की दौड़ काफी प्रतिस्पर्धी थी, जिसमें देश भर की विभिन्न भाषाओं से कुल 33 फिल्में शामिल हुई थीं। इन सभी दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए ‘गोंधल’ ने ऑस्कर के मंच पर भारत का नाम रोशन करने का अवसर प्राप्त किया है।

33 फिल्मों की दौड़ में शामिल थीं हिंदी की बड़ी फिल्में

ऑस्कर में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए देश की अलग-अलग भाषाओं की 33 फिल्मों को जूरी के सामने प्रस्तुत किया गया था।

इनमें सबसे अधिक 14 फिल्में हिंदी भाषा की थीं।

इसके अलावा मराठी, तेलुगु और गुजराती भाषा से 4-4 फिल्में, तमिल से 3 फिल्में तथा मलयालम और नागामी भाषा से 1-1 फिल्म इस रेस में शामिल थी।

हिंदी फिल्मों की सूची में ‘धुरंधर’, ‘बॉर्डर 2’, ‘हनुमान अंश’, ‘हक’, ‘120 बहादुर’, ‘तेरा मेरा नाता’, ‘मैं वापस आऊंगा’, ‘ओह माय डॉग’, ‘खूंटा’, ‘धुरंधर द रिवेंज’, ‘गवर्नर’, ‘2020 दिल्ली’, ‘इक्कीस’ और ‘ऑब्सेस’ जैसी बड़ी और चर्चित फिल्में शामिल थीं।

हालांकि, इन सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर की मजबूत दावेदार फिल्मों को पछाड़कर मराठी फिल्म ‘गोंधल’ ने जूरी का दिल जीत लिया।

क्या है फिल्म ‘गोंधल’ की कहानी?

लगभग 2 घंटे के रनटाइम वाली फिल्म ‘गोंधल’ एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, जो ग्रामीण महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, लोक परंपरा और धार्मिक अनुष्ठान ‘गोंधल’ पर आधारित है। इस फिल्म का लेखन और निर्देशन संतोष डावखर ने किया है।

फिल्म की कहानी एक नवविवाहित जोड़े, आनंद और सुमन के घर पर आयोजित होने वाले रात भर चलने वाले पवित्र ‘गोंधल’ अनुष्ठान के इर्द-गिर्द बुनी गई है।

इस धार्मिक और उत्सव भरे माहौल के बीच धीरे-धीरे गांव के लोगों के दबे हुए पुराने विवाद, व्यक्तिगत रंजिशें और राजनीतिक तनाव उजागर होने लगते हैं।

कहानी में नया मोड़ तब आता है जब गांव के पाटिल का बेटा सरजेराव—जो सुमन से शादी न होने के कारण उससे नाराज था—इस शादी को स्वीकार नहीं कर पाता।

देखते ही देखते यह पवित्र पूजा-पाठ और भक्ति का वातावरण एक भयानक क्राइम और सस्पेंस ड्रामा में बदल जाता है।

दिग्गज कलाकार और इलैयाराजा का संगीत

फिल्म में कलाकारों के बेहतरीन अभिनय और दमदार संगीत का संगम देखने को मिलता है।

इसमें किशोर कदम, इशिता देशमुख (सुमन के किरदार में), योगेश सोहणी, निषाद भोईर और सुरेश विश्वकर्मा ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।

फिल्म का संगीत भारतीय संगीत जगत के महान संगीतकार इलैयाराजा ने तैयार किया है, जो फिल्म के सस्पेंस और ड्रामा को एक अलग ऊंचाई पर ले जाता है।

इस फिल्म में बेहतरीन निर्देशन के लिए संतोष डावखर को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में प्रतिष्ठित ‘सिल्वर पीकॉक’ (सर्वश्रेष्ठ निर्देशक) का पुरस्कार भी मिल चुका है।

13 सदस्यीय जूरी ने सर्वसम्मति से लिया फैसला

भारत की आधिकारिक प्रविष्टि का चयन करने के लिए फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 13 सदस्यों की एक विशेष जूरी का गठन किया था।

इस पैनल में पी शेषाद्री, विजय पाटकर, हितू कनोडिया, शांति कुमार, संदीप पराशर, संजय पाटिल, साबू जोसेफ, अनिल थॉमस, विवेक वासवानी, बिजॉन दासगुप्ता, हासन, वासन और तनिष्ठा चटर्जी जैसे भारतीय सिनेमा के जाने-माने दिग्गज शामिल थे।

जूरी के सभी सदस्यों ने सभी प्रविष्टियों की गहराई से समीक्षा करने के बाद ‘गोंधल’ की अनूठी कहानी, सांस्कृतिक गहराई और बेहतरीन मेकिंग को देखते हुए इसे ऑस्कर 2027 के मंच पर भेजने का अंतिम निर्णय लिया।

#Gondhal #Oscars2027 #MarathiCinema #AcademyAwards #IndianCinema #GondhalMovie #Oscars #FFI

- Advertisement -spot_img