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दिल्ली में CJP का बड़ा प्रदर्शन: प्लेन से ही हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके, ध्रुव राठी समेत 600 समर्थक भी पकड़े गए

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Abhijeet Dipke Dhruv Rathee Detained: राजधानी दिल्ली में शनिवार का दिन राजनीतिक और सुरक्षा के लिहाज से बेहद गहमागहमी भरा रहा।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित किए गए बड़े विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड़ में आ गए।

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR (स्पेशल इन्फॉर्मेशन/इन्वेस्टिगेशन रोल) की प्रक्रिया को रोकने की मांग को लेकर बुलाए गए इस प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने धरपकड़ शुरू कर दी।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, वरिष्ठ नेता आशुतोष रांका और सौरव दास जैसे बड़े चेहरों को दिल्ली पहुंचने से पहले फ्लाइट में ही हिरासत में ले लिया गया।

इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें  अभिजीत दीपिके पुलिस से बहस करते हुए दिख हैं।

वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें…

ध्रुव राठी समेत 600 से अधिक समर्थक हिरासत में

कार्रवाई केवल हवाई अड्डे तक सीमित नहीं रही। प्रसिद्ध यूट्यूबर ध्रुव राठी सहित पार्टी के लगभग 600 से अधिक समर्थकों को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से हिरासत में लिया गया है।

इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों से भी कई CJP समर्थकों को हिरासत में लिया गया है।

पार्टी की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने अपना एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि सुबह-सुबह पुलिस उनके घर पहुंच गई।

वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान रत्ना ने बताया, “पुलिस अधिकारियों ने मुझे घर के अंदर ही रहने को कहा और बताया कि उन्हें ऊपर से सख्त आदेश मिले हैं। हम गाड़ी में केवल तीन महिलाएं थीं, लेकिन पुलिस ने हमारी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया।”

छावनी बनी दिल्ली: सड़कों पर कीलें और 38 हजार जवान

प्रदर्शन के चलते पूरी दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 38,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।

* सड़कों पर कीलें और बैरिकेड्स: प्रदर्शनकारियों की गाड़ियों को रोकने के लिए कई जगहों पर सड़कों पर लोहे की कीलें बिछाई गई हैं और भारी बैरिकेडिंग की गई है।

 * सघन चेकिंग अभियान: एमजी रोड (MG Road) सहित दिल्ली की तमाम सीमाओं पर आने-जाने वाले वाहनों और बसों की बारीकी से चेकिंग की जा रही है।

 * लाउडस्पीकर से अपील: महरौली और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए जनता से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।

इंदिरा चौक पर हंगामा: टॉयलेट में छिपे छात्रों को ले गई पुलिस

शनिवार तड़के करीब 6:30 बजे कनॉट प्लेस के पास इंदिरा चौक पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। यहां इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने अभियान चलाया।

कार्रवाई के दौरान पता चला कि कुछ छात्र पुलिस से बचने के लिए सार्वजनिक शौचालयों में छिपे हुए थे।

पुलिस ने वहां से करीब 50 छात्रों को बाहर निकालकर अपनी गाड़ियों में बिठाया।

इस दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस की गाड़ी में बहुत ज्यादा भीड़ होने के कारण एक बच्चे का दम घुटने लगा और वह बेहोश हो गया।

इसके विरोध में छात्रों ने गाड़ी के शीशे और बॉडी को पीटना शुरू कर दिया।

इंदिरा चौक से अब तक 100 से अधिक लोगों को बिना पहचान पत्र या संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में पकड़ा जा चुका है।

सोनम वांगचुक प्रदर्शन में नहीं होंगे शामिल

लद्दाख के प्रमुख पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि वे इस प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बनेंगे।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वे आने वाली भीषण सर्दियों की तैयारियों में व्यस्त हैं।

वांगचुक ने बताया कि उनकी टीम हिमालयी क्षेत्रों में पानी की समस्या से निपटने के लिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाने और ग्लेशियर झील में आने वाली बाढ़ (GLOF) के खतरे को टालने के लिए वैज्ञानिक प्रयोग कर रही है।

यह काम लगभग 200 से अधिक खतरनाक ‘टिकिंग वॉटर बॉम्ब’ (संभावित बाढ़ वाले ग्लेशियर) से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बेहद जरूरी है।

प्रसिद्ध शायर फैज अहमद फैज की पंक्तियों का जिक्र करते हुए वांगचुक ने लिखा—

“और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा,

राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा।”

उन्होंने सभी विपक्षी दलों और नेताओं से एकजुट रहने और समझदारी के साथ काम लेने की अपील की।

दिल्ली में बंद रहेंगी शराब की दुकानें और Metro/Namo Bharat स्टेशन

आम जनता को असुविधा से बचाने और सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने कई पाबंदियां लागू की हैं:

* ड्राय डे (Dry Day): दिल्ली के आबकारी विभाग ने 9 और 10 अक्टूबर को शहर की सभी रिटेल शराब दुकानों (देशी व विदेशी) को बंद रखने का आदेश दिया है। मॉल में मौजूद कुछ दुकानें भी बंद रहेंगी, हालांकि लाइसेंस प्राप्त होटल, क्लब और रेस्टोरेंट में सर्विस चालू रहेगी।

 * नमो भारत स्टेशन बंद: सुरक्षा कारणों से सराय काले खां और न्यू अशोक नगर नमो भारत स्टेशनों को 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक बंद रखा गया है। हालांकि, आनंद विहार से मोदीनगर के बीच ट्रेनें सामान्य रूप से चल रही हैं।

विपक्षी दलों का रुख: कौन साथ, कौन दूर?

CJP ने इस प्रदर्शन के लिए सभी विपक्षी दलों को न्योता भेजा था, लेकिन प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं:

 * आम आदमी पार्टी (AAP) और लेफ्ट: इन दोनों ही दलों ने खुलकर CJP के इस प्रदर्शन का समर्थन किया और इसमें शामिल होने का ऐलान किया।

 * तृणमूल कांग्रेस (TMC): ममता बनर्जी की पार्टी ने मुद्दों का समर्थन तो किया, लेकिन उनके नेताओं के ज़मीनी प्रदर्शन में शामिल होने पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।

 * कांग्रेस की दूरी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने खुद को इस प्रदर्शन से पूरी तरह अलग रखा है। राहुल गांधी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।

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आखिर चुनाव आयोग पर क्यों भड़की है CJP? (4 मुख्य कारण)

CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है। इसके पीछे 4 प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:

* SIR पर 14 बार सवाल:

हाल ही में आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार अपनी लिखित आपत्तियां जताई थीं।

 * वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप:

दोनों चुनाव आयुक्तों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और चुनावी डेटा के सॉफ्टवेयर प्रबंधन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

 * फॉर्म-6 में बदलाव का विरोध:

एक विशेष प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 में SIR से जुड़ा सवाल शामिल किया जा रहा था, जिसका चुनाव आयोग के ही अंदरूनी सदस्यों ने विरोध किया था।

 * कामकाज के बंटवारे में अनिमियतता:

आयोग के अंदर डेटा एक्सेस और जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर कैबिनेट सचिव को पत्र तक लिखा गया था, जिसे नियमों का उल्लंघन बताया गया था।

इन सभी गंभीर आंतरिक विवादों को आधार बनाकर CJP निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने और ज़िम्मेदार अधिकारियों के इस्तीफे की मांग कर रही है।

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