PM Modi Video Call Captain Smit: आसमान में जब मौत मंडरा रही थी और 174 जानें खतरे में थीं, तब एक भारतीय पायलट के अडिग साहस, सूझबूझ और विश्वास ने एक बहुत बड़े हादसे को टाल दिया।
हम बात कर रहे हैं फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मछार की, जिन्होंने अपनी जान दांव पर लगाकर सैकड़ों लोगों को नया जीवन दिया।
शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल में भर्ती भारतीय पायलट स्मित मछार से करीब 9 मिनट तक वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की और उनकी इस अभूतपूर्व बहादुरी को सलाम किया।

PM मोदी ने कहा- ‘आप पर पूरे देश को गर्व है’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित की सेहत का हाल जाना और उनके हौसले की दिल खोलकर तारीफ की।
PM मोदी ने कहा, “आपके इस साहस और त्वरित सूझबूझ की वजह से सैकड़ों परिवारों की खुशियां कायम रहीं। आज पूरा भारत आपके जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहा है और आपके उत्तम स्वास्थ्य के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा रहा है।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि कैप्टन स्मित का यह कदम पूरी दुनिया में भारत के संस्कारों और नीयत की मिसाल है।

भारत वो देश है जो दूसरों का जीवन छीनने में नहीं, बल्कि दूसरों की रक्षा के लिए अपनी जान दांव पर लगाने में विश्वास रखता है।
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‘अंतिम सांस तक लड़ रहा था, हनुमान चालीसा ने दी शक्ति’
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित बेहद भावुक हो गए। प्रधानमंत्री को अपने सामने देखकर उनकी आंखों से आंसू छलक आए।
उन्होंने रोते हुए कहा, “सर, यह मेरे लिए बहुत बड़े गर्व का क्षण है। मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि देश के प्रधानमंत्री मुझसे इस तरह बात करेंगे।”
आपात स्थिति के उन भयानक पलों को याद करते हुए कैप्टन स्मित ने बताया, “उस वक्त मैं सिर्फ अपनी और अपने यात्रियों की सांसों के लिए लड़ रहा था। शरीर बुरी तरह चोटिल हो चुका था और मैं नीचे गिर गया था। एक क्षण ऐसा आया जब लगा कि सब कुछ खत्म होने वाला है। लेकिन मैं बीते 17 सालों से विमान उड़ा रहा हूं और 11 साल से कैप्टन हूं। आंखें बंद करके भी मुझे अपने प्लेन की एक-एक हलचल समझ आ जाती है। मुझे महसूस हुआ कि विमान तेजी से नीचे गिर रहा है। मैंने खुद से कहा कि यही आखिरी मौका है, और मैंने पूरी ताकत लगाकर दरवाजा खोल दिया।”

जब PM मोदी ने उनसे पूछा कि उस कठिन समय में उनके मन में क्या चल रहा था, तो स्मित ने बेहद सादगी से जवाब दिया, “जब भी मैं किसी संकट में होता हूं, तो हनुमान चालीसा पढ़ता हूं। उस भयावह मंजर के दौरान भी मैं मन ही मन हनुमान चालीसा का जाप कर रहा था। मुझे पूरा विश्वास है कि भगवान ने ही मेरा हाथ थामकर सबको बचाया है।”
संस्कारों को नमन: PM ने माता-पिता को किया प्रणाम
कैप्टन स्मित की बात सुनकर प्रधानमंत्री मोदी ने उनके परिवार के संस्कारों की सराहना की।
PM ने कहा, “आपने जो हनुमान चालीसा की बात कही, उसके लिए मैं आपकी माताजी गीताबेन को प्रणाम करता हूं, जिन्होंने आपको संकट में भी धर्म और धैर्य बनाए रखने के संस्कार दिए। साथ ही आपके पिताजी भूपेंद्रभाई को भी मेरा नमन है।”
प्रधानमंत्री ने बताया कि एक दिन पहले जब उनकी कैप्टन स्मित की पत्नी सोनलबेन से बात हुई, तो वे उनकी मानसिक मजबूती देखकर हैरान रह गए।
इतनी विषम परिस्थिति में भी सोनलबेन बेहद शांत और हिम्मत से बात कर रही थीं।

ट्रम्प और नेतन्याहू ने बताया ‘असली हीरो’
कैप्टन स्मित की इस जांबाजी की गूंज वैश्विक स्तर पर सुनाई दे रही है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें “सच्चा नायक” करार देते हुए कहा कि एक भारतीय पायलट ने अपनी सूझबूझ से 9/11 जैसी भयानक त्रासदी को होने से रोक दिया।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कैप्टन स्मित के पराक्रम को सराहा और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान का हकदार बताया।

UAE के अस्पताल में चल रहा है इलाज, हालत स्थिर
हादसे में गंभीर चोटें आने के बाद कैप्टन स्मित को सऊदी अरब से एयरलिफ्ट करके अबू धाबी (UAE) के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल पहुंचकर उनसे और उनके परिजनों से मुलाकात की।
राजदूत ने बताया कि कैप्टन की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है, उनका इलाज बेहतरीन डॉक्टरों की निगरानी में जारी है और उनका मनोबल बेहद ऊंचा है।
भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है।

13 सालों का अनुभव और 9750 घंटे की उड़ान का रिकॉर्ड
कैप्टन स्मित मछार विमानन क्षेत्र के एक मंजे हुए पेशेवर हैं। फ्लाईदुबई जॉइन करने से पहले वे 11 वर्षों से अधिक समय तक स्पाइसजेट के साथ जुड़े रहे।
उनके पास बोइंग 737 उड़ानों का विशाल अनुभव है और वे 9,750 से अधिक घंटों की सफल उड़ान भर चुके हैं।
इसमें से 6,400 घंटे उन्होंने बतौर पायलट-इन-कमांड बिताए हैं।
वे केवल विमान ही नहीं उड़ाते, बल्कि नए पायलटों को प्रशिक्षित करने और उन्हें गाइड करने का जिम्मा भी संभालते रहे हैं।

इजराइल और गुजरात सरकार करेगी सम्मानित
कैप्टन स्मित के इस ऐतिहासिक कार्य के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिलने जा रहे हैं।
भारत में इजराइल के राजदूत रुवेन अजार ने पुष्टि की है कि इजराइल सरकार कैप्टन स्मित को विशेष रूप से सम्मानित करेगी।
इसके अलावा, उनकी जन्मभूमि गुजरात की सरकार ने भी उन्हें राज्य के प्रतिष्ठित ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से नवाजने का ऐलान किया है।
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