Arvind Kejriwal Mamta detained: देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को उस समय स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई, जब वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों और SIR (स्पेशल समरी रिवीजन) के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे प्रमुख राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
जंतर-मंतर पर आयोजित इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पुलिस ने कस्टडी में ले लिया।
इसके अलावा, दिल्ली के अलग-अलग इलाकों जैसे कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर और मिंटो ब्रिज से करीब 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया है।
बैरिकेडिंग टूटी, पथराव और झड़प में कई घायल
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय हिंसक हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने के लिए पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की।
पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर काबू पाने के लिए बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना शुरू किया।
इस धक्का-मुक्की और झड़प के दौरान एक युवक का सिर फट गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
उधर, इम्तियाज अली मार्ग पर आकाशवाणी भवन के पास प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस के रोके जाने पर बैरिकेड पार कर पथराव शुरू कर दिया।
इस पत्थरबाजी में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फ्लाइट के अंदर से CJP फाउंडर गिरफ्तार
इस पूरे विरोध प्रदर्शन का आह्वान CJP (सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस) नामक संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया था।
संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गई हैं।
प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। मुंबई से दिल्ली पहुंची एक फ्लाइट जैसे ही लैंड हुई, पुलिस ने फ्लाइट के अंदर दाखिल होकर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया।
उनके साथ मौजूद CJP के अन्य प्रमुख नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को भी पुलिस अपने साथ ले गई।
हिरासत में लिए जाने के बाद अभिजीत दीपके का एक पूर्व-रिकॉर्डेड वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी गैरमौजूदगी में अब इस आंदोलन की पूरी कमान अजिंक्य शिंदे संभालेंगे।
दादी के निधन और पुलिस के दावों पर सवाल
मामले में उस वक्त नया मोड़ आया जब दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने दावा किया कि हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की सूचना दे दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, अब यह दीपके पर निर्भर करता है कि वे प्रदर्शन का हिस्सा बने रहने के लिए कस्टडी में रहना चाहते हैं या फिर अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र स्थित अपने घर जाना चाहते हैं।
हालांकि, CJP ने पुलिस के इस दावे पर कड़ा एतराज जताया है। संगठन का आरोप है कि दिल्ली पुलिस इस दुखद घटना का इस्तेमाल राजनीति के लिए कर रही है।
CJP का कहना है कि पुलिस न तो अभिजीत दीपके के परिवार को और न ही उनके वकीलों को उनकी सही लोकेशन की जानकारी दे रही है।
CJI के दखल के बाद हिरासत में लिए गए वकील रिहा
प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा महिला अधिवक्ताओं समेत कई वकीलों को हिरासत में लिए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की और आरोप लगाया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे वकीलों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया है।
CJI सूर्यकांत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया।
शहर से बाहर होने के बावजूद उन्होंने अधिकारियों से बात की, जिसके बाद हिरासत में लिए गए सभी वकीलों को छोड़ दिया गया।
CJI ने बाद में मीडिया को बताया कि उनके हस्तक्षेप के बाद सभी अधिवक्ताओं को सुरक्षित रिहा कर दिया गया है।
अनुमति न मिलने के बावजूद हुआ प्रदर्शन
दिल्ली पुलिस का कहना है कि CJP ने प्रदर्शन की अनुमति के लिए बहुत कम समय में आवेदन दिया था।
समय की कमी और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने प्रदर्शन की इजाजत देने से साफ इनकार कर दिया था।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में इकट्ठा हो गए, जिसके चलते पुलिस को यह कड़ा एक्शन लेना पड़ा।
#JantarMantarProtest #ArvindKejriwal #MamataBanerjee #DelhiPolice #CJPProtest #ElectionCommission #VoterListControversy #CJISuryaKant
