Railway Diwali Bonus 2026: केंद्र सरकार ने दिवाली के त्योहार से ठीक पहले आम जनता और सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं।
इस बैठक में जहां एक तरफ 11 लाख से भी ज्यादा रेलवे कर्मचारियों को दिवाली बोनस देने का ऐलान किया गया है, वहीं दूसरी तरफ सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पेंशन योजनाओं के नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं।

इसके अलावा, कांग्रेस शासन के समय से चली आ रही तीन प्रमुख पेंशन योजनाओं के नाम से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम हटाकर ‘प्रधानमंत्री’ कर दिया गया है।
रेलवे कर्मचारियों की चमकी किस्मत: मिलेगा 78 दिन का बोनस
सरकार ने रेलवे के करीब 11.40 लाख पात्र कर्मचारियों को 78 दिन का ‘प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस’ (PLB) देने को मंजूरी दे दी है।
इस फैसले की जानकारी देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस बोनस को बांटने में केंद्र सरकार के खजाने से लगभग 2,009 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

आपको कितना बोनस मिलेगा? (कैलकुलेशन का तरीका):
बोनस की गणना के लिए सरकार ने महीने की अधिकतम सैलरी की सीमा 7,000 रुपये तय की है।
इस हिसाब से अगर गणित लगाएं, तो हर पात्र कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपये तक का बोनस मिलेगा।
* हिसाब का फॉर्मूला: (7,000 \times 12 \times 78) \div 365 = 17,951 रुपये।
हालांकि, यह अधिकतम रकम है और हर कर्मचारी को मिलने वाला पैसा उसकी सेवा और नियमों के आधार पर तय होगा।
रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे कर्मचारी दिन-रात, धूप-छांव और त्योहारों के दौरान भी लगातार पटरियों, इंजनों और वर्कशॉप में मुस्तैदी से काम करते हैं।
उनकी इसी कड़ी मेहनत और समर्पण का सम्मान करने के लिए यह फैसला लिया गया है।

दिव्यांग पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव: अब जन्म से ही मिलेगी आर्थिक मदद
कैबिनेट का दूसरा सबसे बड़ा और संवेदनशील फैसला दिव्यांगजनों से जुड़ा है। सरकार ने दिव्यांग पेंशन के नियमों को बेहद आसान और व्यापक बना दिया है:
* दिव्यांगता की सीमा घटी:
पहले सिर्फ उन्हीं लोगों को पेंशन का लाभ मिलता था, जो 80% तक दिव्यांग होते थे। अब इस सीमा को घटाकर 40% कर दिया गया है।
यानी अब 40% दिव्यांगता वाले लोग भी सरकारी मदद के हकदार होंगे।
* उम्र की पाबंदी खत्म:
अब दिव्यांगजनों को पेंशन के लिए सालों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत बच्चे के जन्म से ही उसे पेंशन का लाभ मिलने लगेगा।
* पेंशन की रकम: 0 से 79 साल की उम्र तक के दिव्यांगजनों को हर महीने ₹375 और 80 साल से ऊपर के बुजुर्ग दिव्यांगों को ₹625 की आर्थिक सहायता मिलेगी।
सरकार अगले तीन महीनों के भीतर इस नई व्यवस्था और पात्रता से जुड़ी पूरी गाइडलाइन जारी कर देगी।
यह बदलाव ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ के तहत किया गया है।

बदल गए पेंशन योजनाओं के नाम: इंदिरा गांधी की जगह जुड़ा ‘प्रधानमंत्री’
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) का नाम बदलकर अब ‘प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना’ कर दिया है।
इसके साथ ही, इसके तहत चलने वाली प्रमुख पेंशन योजनाओं के नामों से ‘इंदिरा गांधी’ शब्द हटा दिया गया है:
पुराना नाम | नया नाम
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP)- प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना- प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना- प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना- प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना
- राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना- प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना

योजना का बैकग्राउंड:
आपको बता दें कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई थी।
इसका मुख्य मकसद देश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना है। इस पूरी योजना का खर्च केंद्र सरकार उठाती है।
इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय विधवा पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन योजनाएं अगले 5 सालों तक इसी तरह जारी रहेंगी।
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