Ranveer Singh FWICE Ban Removed: एक्टर रणवीर सिंह के लिए बॉलीवुड गलियारे से एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है।
फिल्म ‘डॉन 3’ (Don 3) को लेकर पिछले कुछ समय से चल रहा विवाद अब सुलझता हुआ नजर आ रहा है।
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ जारी किए गए असहयोग निर्देश (Non-Cooperation Directive – NCD) यानी कि ‘बैन’ को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।
FWICE के इस यू-टर्न के बाद अब साफ हो गया है कि रणवीर सिंह पर काम करने को लेकर लगी पाबंदियां खत्म हो चुकी हैं।

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए FWICE के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने मीडिया से कहा कि इस लड़ाई में “न तो कोई जीता है और ना ही कोई हारा है।”
कैसे बदला FWICE का रुख?
यह पूरा मामला तब गरमाया जब हाल ही में रणवीर सिंह ने FWICE द्वारा लगाए गए इस प्रतिबंध के खिलाफ एक कड़ा कानूनी नोटिस (Legal Notice) भेज दिया।
रणवीर सिंह द्वारा मंगलवार को नोटिस भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद FWICE बैकफुट पर आ गया और बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस प्रतिबंध को हटाने का एलान कर दिया।

FWICE के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने बताया कि उन्होंने यह फैसला अकेले नहीं लिया है, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री की अन्य बड़ी संस्थाओं जैसे:
- IMPPA (इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन)
- CINTAA (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन)
- प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया
इन सभी के अनुरोध और हस्तक्षेप के बाद यह कदम उठाया गया है।

संस्था का कहना है कि वे रणवीर के कानूनी नोटिस का जवाब अपने लीगल डिपार्टमेंट के जरिए कानूनी तरीके से देंगे, लेकिन फिलहाल के लिए असहयोग निर्देश को वापस लिया जा रहा है ताकि काम प्रभावित न हो।
क्यों लगा था रणवीर सिंह पर ‘असहयोग निर्देश’ (Ban)?
इस पूरे विवाद की जड़ें फिल्म ‘डॉन 3’ से जुड़ी हैं।
साल 2023 में जब फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की कंपनी ‘एक्सेल एंटरटेनमेंट’ ने ‘डॉन 3’ की घोषणा की थी, तब शाहरुख खान की जगह रणवीर सिंह को नए ‘डॉन’ के रूप में पेश किया गया था।
विवाद की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई, जब रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही।
इस सफलता के बाद रणवीर सिंह ने अचानक ‘डॉन 3’ से अपने कदम पीछे खींच लिए।

फरहान अख्तर का आरोप था कि रणवीर सिंह पिछले तीन साल से इस फिल्म की तैयारी कर रहे थे, लेकिन शूटिंग शुरू होने के ठीक कुछ दिन पहले उन्होंने फिल्म छोड़ दी।
इस साल अप्रैल 2026 में फरहान अख्तर ने इसकी शिकायत FWICE से की।
फरहान का दावा था कि रणवीर के अचानक फिल्म छोड़ने की वजह से मेकर्स को ₹45 करोड़ का भारी-भरकम नुकसान उठाना पड़ा है।
इसके बाद पिछले हफ्ते FWICE ने रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन निर्देश जारी कर दिया, जिसके तहत फेडरेशन से जुड़े करीब 4 लाख कर्मचारी रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करने वाले थे।

रणवीर सिंह और प्रोड्यूसर्स गिल्ड का क्या था स्टैंड?
रणवीर सिंह ने इस पूरे विवाद पर हमेशा गरिमा बनाए रखी। उनकी टीम द्वारा जारी बयान में कहा गया था कि वे ‘डॉन’ फ्रैंचाइज और फिल्म जगत के सभी लोगों का सम्मान करते हैं।
उन्होंने जानबूझकर इस मामले पर चुप्पी साधी हुई थी, क्योंकि उनका मानना है कि प्रोफेशनल और पर्सनल मामलों को परिपक्वता और आपसी सम्मान के साथ ही सुलझाया जाना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने भी दोनों पक्षों के हितों की रक्षा करते हुए एक सौहार्दपूर्ण और बीच का रास्ता निकालने की वकालत की थी।
सभी बड़ी एसोसिएशन का मानना था कि मिल-बैठकर ऐसा फैसला लिया जाना चाहिए जिससे न तो प्रोड्यूसर्स, न ही डायरेक्टर्स और न ही एक्टर्स को कोई नुकसान हो।

आखिरकार चौतरफा दबाव और रणवीर सिंह के कानूनी कदम के बाद FWICE को झुकना पड़ा और अब बॉलीवुड के ‘बाजीराव’ पूरी तरह से बैन से मुक्त हो चुके हैं।
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