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14 मई के बाद थम जाएंगी शहनाइयां, 36 दिनों तक नहीं बजेगा बैंड-बाजा; जानें क्या है वजह?

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Long Break on Weddings: अगर आपके घर में भी साल 2026 में किसी की शादी  की योजना बन रही है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है।

साल 2026 ज्योतिषीय गणनाओं के लिहाज से शादियों के लिए थोड़ा ‘मुश्किल’ रहने वाला है।

पूरे देश में मई महीने के मध्य के बाद मांगलिक कार्यों पर एक लंबा विराम लगने जा रहा है।

पंडितों की मानें तो 14 मई 2026 के बाद सीधे 36 दिनों तक कोई भी विवाह मुहूर्त उपलब्ध नहीं होगा।

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क्यों लग रहा है 36 दिनों का लंबा ब्रेक?

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल ज्येष्ठ अधिकमास पड़ रहा है। यह 17 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगा।

ज्योतिष शास्त्र में अधिकमास को ‘मलमास’ या ‘पुरुषोत्तम मास’ भी कहा जाता है।

इस महीने में सूर्य की कोई संक्रांति नहीं होती, जिस कारण विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

14 मई को आखिरी मुहूर्त के बाद सीधे 19 जून को शहनाइयां बजना शुरू होंगी।

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सिर्फ अधिकमास ही नहीं, ये 3 बड़ी रुकावटें भी हैं 

पंडितों के अनुसार, साल 2026 में शादियों के कम होने के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

1. अधिकमास: मई से जून के बीच एक महीने का ब्रेक।

2. गुरु तारा अस्त: बृहस्पति (गुरु) ग्रह को विवाह का कारक माना जाता है। 16 जुलाई से 8 अगस्त के बीच गुरु तारा अस्त रहेगा, जिससे शुभ कार्य नहीं हो पाएंगे।

3. देव शयन (चातुर्मास): 25 जुलाई से भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाएंगे। इसके बाद चार महीनों तक शादियों पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।

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जून और जुलाई का वेडिंग कैलेंडर

36 दिनों के लंबे इंतजार के बाद 19 जून से बाजार में दोबारा रौनक लौटेगी।

जून में 19 से 29 तारीख तक लगातार विवाह के योग बन रहे हैं। हालांकि, जुलाई में समय बहुत कम मिलेगा।

जुलाई की शुभ तारीखें इस प्रकार हैं: 1, 2, 6, 7, 8, 11 और 12।

इसके बाद देवशयनी एकादशी के कारण ब्रेक लग जाएगा।

Neeraj Chopra Wedding

साल के अंत में कब होंगी शादियां?

जुलाई के बाद लोगों को सीधा नवंबर का इंतजार करना होगा।

देव उठनी एकादशी के बाद नवंबर के अंत में मुहूर्त दोबारा शुरू होंगे।

  • नवंबर मुहूर्त: 20, 21, 22, 24, 25, 26 और 30 तारीख।
  •  दिसंबर मुहूर्त: 1 से 6 दिसंबर और फिर 9 से 12 दिसंबर तक।

12 दिसंबर के बाद एक बार फिर मलमास (पौष मास) शुरू हो जाएगा, जिससे साल के अंत में फिर से ब्रेक लग जाएगा।

Kiara Advani and Sidharth Malhotra Wedding

बुकिंग के लिए मचेगी होड़

मुहूर्त कम होने का सीधा असर आम जनता की जेब और व्यवस्थाओं पर पड़ने वाला है।

भोपाल जैसे शहरों में 13 और 14 मई को ही 300 से ज्यादा शादियां होने का अनुमान है।

जब मुहूर्त कम होते हैं, तो होटलों, गार्डन, हलवाई और बैंड वालों की बुकिंग मिलना काफी मुश्किल हो जाता है।

ऐसे में सलाह दी जा रही है कि जिन्हें 2026 में विवाह करना है, वे समय रहते अपनी बुकिंग पक्की कर लें।

क्या होता है अधिकमास?

अक्सर लोग पूछते हैं कि ये अधिकमास हर तीन साल में क्यों आता है?

दरअसल, सूरज और चांद के कैलेंडर में तालमेल बिठाने के लिए ऐसा होता है।

अंग्रेजी कैलेंडर (सौर वर्ष) 365 दिन का होता है और हिंदी कैलेंडर (चंद्र वर्ष) 354 दिन का।

हर साल जो 11 दिनों का अंतर बचता है, वह तीन साल में 33 दिन यानी करीब एक महीने का हो जाता है।

इसी अंतर को ठीक करने के लिए हर तीसरे साल एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है।

 

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2026 शादियों के लिए ‘भागदौड़’ वाला साल रहेगा।

शुभ दिनों की कमी के कारण इस साल शादियां कुछ ही तारीखों में सिमट कर रह जाएंगी।

इसलिए, अपनी तैयारी आज से ही शुरू कर दें!

डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणनाओं पर आधारित है। किसी भी शुभ कार्य से पहले अपने पारिवारिक पुरोहित या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

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