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संसद में छिड़ा संग्राम: पूर्व आर्मी चीफ की किताब पर भिड़े राहुल, 8 विपक्षी सांसद पूरे सत्र के लिए सस्पेंड

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MPs Suspended Lok Sabha: संसद के बजट सत्र में इन दिनों गहमागहमी अपने चरम पर है।

मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान सदन के भीतर जमकर नारेबाजी और हंगामा हुआ।

बात यहां तक बढ़ गई कि कुछ सांसदों ने पीठासीन अधिकारी (स्पीकर की कुर्सी) की तरफ कागज के गोले बनाकर उछाले।

इस अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पीकर ने 8 विपक्षी सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित (Suspend) कर दिया है।

किन सांसदों पर गिरी गाज?

निलंबित होने वाले सांसदों में गुरजीत सिंह औजला, अमरिंद्र सिंह राजा वडिंग, हिबी ईडन, किरण रेड्डी, एस. वेंकटेशन, मणिकम टैगोर, प्रशांत यादवराव पडोळे और डीन कुरियाकोस शामिल हैं।

इन सभी पर रूल नंबर 374 के तहत कार्रवाई की गई है, जिसका मतलब है कि अब वे इस बजट सत्र की बाकी कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

राहुल गांधी का भाषण और नरवणे की किताब

हंगामे की शुरुआत तब हुई जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े हुए।

राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख (Ex-Army Chief) एम.एम. नरवणे की एक अप्रकाशित किताब (Unpublished Book) के अंशों का हवाला देना चाहा।

राहुल ने आरोप लगाया कि वे चीन और भारत के बीच सीमा विवाद (लद्दाख मुद्दा) और राष्ट्रीय सुरक्षा पर कुछ जरूरी तथ्य रखना चाहते हैं, लेकिन सरकार उन्हें बोलने नहीं दे रही है।

राहुल गांधी ने सदन में कहा, मैं विपक्ष का नेता हूं, मुझे राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए। पूर्वी लद्दाख में हमारे सैनिक शहीद हुए, चीन के साथ क्या हुआ, ये देश को जानना चाहिए।”

राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दबाव में हैं और सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

सत्ता पक्ष का पलटवार और जेपी नड्डा का बयान

राहुल के आरोपों पर एनडीए के सांसदों ने जमकर विरोध किया।

सदन में शोर इतना बढ़ गया कि कार्यवाही कई बार रोकनी पड़ी।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बाहर आकर विपक्ष को घेरा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वे सिर्फ राजनीति कर रहे हैं।

नड्डा ने अमेरिका द्वारा भारत पर टैरिफ कम करने के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी एक मजबूत नेता हैं और ट्रंप ने भी उनकी तारीफ की है।

उन्होंने विपक्ष के व्यवहार को ‘राष्ट्र विरोधी’ करार दिया।

लोकतंत्र के लिए हास्यास्पद- प्रियंका गांधी

सांसदों के निलंबन और राहुल को बोलने से रोकने पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया।

उन्होंने कहा, यह लोकतंत्र के लिए हास्यास्पद है। सदन चलाना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन यहां सदस्यों की आवाज सुनी ही नहीं जा रही।”

राहुल के समर्थन में सपा, टीएमसी और डीएमके के कुछ सांसदों ने भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से मना कर दिया, जिससे विपक्ष की एकजुटता साफ नजर आई।

क्या हुआ जब पेपर उछाले गए?

मंगलवार दोपहर 2 बजे के करीब जब सदन की कार्यवाही चल रही थी, विपक्षी सांसद वेल (सदन के बीचों-बीच) तक पहुंच गए।

नारेबाजी के बीच कुछ सांसदों ने सदन की मर्यादा लांघते हुए कागज फाड़कर स्पीकर की कुर्सी की तरफ फेंक दिए।

स्पीकर ने इसे सदन की गरिमा का अपमान माना और तुरंत मार्शल बुलाने और सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, जो पास हो गया।

इसके बाद विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के बाहर गांधी प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन किया।

राहुल और प्रियंका गांधी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।

फिलहाल, हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

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