Global Investors Summit: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 (GIS) की तैयारियां जोरों पर हैं।
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए 125 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
जिसमें शहर की सुंदरता, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइटिंग, होटल बुकिंग और अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं।
यह पहली बार है जब भोपाल में समिट हो रही है।
17 साल पहले इसकी शुरुआत हुई थी, तब से अब तक 7 इन्वेस्टर्स समिट हो चुकी है और सातों इंदौर में ही हुई है।
भोपाल को इंटरनेशनल लुक देने की तैयारी
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 और 25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का आयोजन होने जा रहा है।
एमपी की मोहन यादव सरकार मेहमानों के स्वागत पर 125 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया भर से आने वाले उद्योगपतियों की अगुवानी के लिए झीलों की नगरी की खूबसूरती को इंटरनेशल टच दिया जा रहा है।

सरकार द्वारा शहर की प्रमुख सड़कों और रोटरी को संवारने के लिए 110 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
लोक निर्माण विभाग को 65 करोड़, नगर निगम की 22 सड़कों की मरम्मत के लिए 30 से 40 करोड़ और स्मार्ट सिटी योजना पर 5 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहें हैं।
एयरपोर्ट से लेकर वीआईपी रोड तक की लाइटिंग को सुधारा जाएगा और साथ ही शहर के प्रमुख स्थानों को आकर्षक सजावट से संवारा जा रहा है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में उद्योगपतियों का जमावड़ा
भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मुकेश अंबानी, गौतम अडाणी, आनंद महिंद्रा, उदय कोटक, पवन मुंजाल समेत कई दिग्गज उद्योगपति शामिल होंगे।
इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस आयोजन में शिरकत कर सकते हैं।
विदेशी निवेशकों के स्वागत के लिए 50 होटलों में 1500 कमरे बुक किए गए हैं, जिनका किराया 10 हजार से 1 लाख रुपये प्रतिदिन होगा।
विशेष रूप से 100 टेंट वाली टेंट सिटी भी तैयार की गई है।

प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव 23 फरवरी की रात विदेशी मेहमानों के साथ डिनर करेंगे।
24 और 25 फरवरी को भी लंच और डिनर का आयोजन होगा।
जिसमें भारतीय, अंतरराष्ट्रीय और मध्यप्रदेश की पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे।
सरकार का दावा– निवेशकों से मिलेगा प्रदेश को फायदा
मोहन यादव सरकार के इस पहले इंटरनेशनल समिट में दुनिया के साथ देश भर से भी बड़ी औद्योगिक कंपनियां इस समिट में शामिल होने भोपाल आएंगी।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और भोपाल एक वैश्विक आयोजन के लिए तैयार है।
सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक अनुभवों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मध्यप्रदेश सरकार का मानना है कि यह समिट नए उद्योगों और निवेशकों को आकर्षित करेगी।
जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

वहीं, इस भव्य आयोजन को लेकर विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
कांग्रेस का कहना है कि पिछले आयोजनों से प्रदेश की जनता को कोई लाभ नहीं मिला, न ही युवाओं को रोजगार के अवसर मिले।
कांग्रेस ने इसे जनता के पैसों की बर्बादी करार दिया है और सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं।
17 साल से इंदौर रहा ठिकाना इस बार बदला
वाइब्रेंट गुजरात की तर्ज पर मध्य प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की शुरुआत तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2007 में की थी।
इसके बाद हर दो साल में यह आयोजन होता रहा।
मैग्निफिसेंट एमपी के अलावा अब तक सात समिट यहां हो चुकी हैं।
पहले समिट से लेकर सातों समिट इंदौर में ही हुई हैं।
लेकिन, इस बार ठिकाना बदलकर राजधानी भोपाल हो गया है।
गौरतलब है कि 2018 में विधानसभा चुनाव होने कारण समिट नहीं हो पाई थी।
कांग्रेस की सरकार बनी और तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा मैग्निफिसेंट एमपी के नाम आयोजन करवाया गया था।
साल 2020 और 2021 में कोरोना के कारण समिट नहीं हुई थी।
इन्वेस्टर्स समिट के अब तक के आंकड़े –
अब तक हुए इन्वेस्टर्स समिट में निवेश प्रस्ताव (MOU) और निवेश राशि इस प्रकार रही है –
वर्ष | MOU की संख्या | निवेश राशि (लाख करोड़) |
2007 | 102 | 1.20 |
2010 | 109 | 2.35 |
2012 | 425 | 3.50 |
2014 | 3160 | 4.35 |
2016 | 2635 | 5.63 |
2019 | 92 | 0.74 |
2023 | 6220 | 15.42 |