Bhopal Metro Update: भोपाल मेट्रो रेल परियोजना अपने लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच गई है।
अगले सप्ताह होने वाली एक अंतिम सुरक्षा जांच ही अब इसके संचालन के रास्ते में खड़ी है।
अगर सब कुछ ठीक रहा तो, राजधानीवासी नवंबर के आखिरी सप्ताह तक मेट्रो की सवारी का आनंद ले सकेंगे।
सुरक्षा जांच की अंतिम कसौटी पर भोपाल मेट्रो
दरअसल, कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम अगले सप्ताह भोपाल मेट्रो का तीसरा और सबसे निर्णायक निरीक्षण करने आ रही है।
इस टीम में नए कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता भी शामिल हैं, जो बुधवार रात को भोपाल पहुंचे और गुरुवार सुबह से सुभाषनगर स्थित मेट्रो डिपो का निरीक्षण शुरू कर दिया।
शुक्रवार को वे मेट्रो ट्रैक और विभिन्न स्टेशनों का जायजा लेंगे।
यह निरीक्षण इसलिए भी अहम है क्योंकि अक्टूबर में हुए पिछले निरीक्षण में मेट्रो प्रबंधन सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतर पाया था।
सीएमआरएस टीम ने उस समय यात्री सुरक्षा, स्टेशन क्षेत्र और प्रवेश-निकास से जुड़ी कई कमियों की ओर इशारा किया था। तब से ही एमपी मेट्रो प्रबंधन इन कमियों को दूर करने में जुटा हुआ है।

क्या कहती है तैयारी?
मेट्रो प्रबंधन इस बार किसी भी गलती की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता।
मेट्रो के प्रबंध निदेशक एस. कृष्ण चैतन्य खुद मैदान में उतरकर सभी स्टेशनों के काम की समीक्षा कर रहे हैं।
सुरक्षा से जुड़े हर बिंदु पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान डिपो में किसी अनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है ताकि प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए।
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि प्रायोरिटी कॉरिडोर पर कुछ मैदानी काम अभी भी पूरे नहीं हुए हैं।
कुछ स्टेशनों जैसे सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, और रानी कमलापति आदि पर कहीं न कहीं निर्माण कार्य चल रहा है।
प्रबंधन का दावा है कि ये बचे हुए काम कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने में बाधक नहीं हैं।

अब आगे क्या?
सीएमआरएस टीम का यह निरीक्षण पूरा होने के बाद, वह अपनी रिपोर्ट मध्य प्रदेश सरकार को सौंपेगी।
अगर रिपोर्ट सकारात्मक आती है और मेट्रो को ‘ओके टू रन’ की मंजूरी मिल जाती है, तो मेट्रो के कमर्शियल ऑपरेशन का रास्ता साफ हो जाएगा।
ऐसी संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवंबर में ही भोपाल आकर मेट्रो को हरी झंडी दिखा सकते हैं।

लंबा इंतजार अब होगा खत्म
भोपाल मेट्रो का काम साल 2018 में शुरू हुआ था। पहला ट्रायल रन पिछले साल अक्टूबर में हुआ था।
अक्टूबर 2023 में संचालन शुरू होने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन सुरक्षा मानकों पर खरे न उतर पाने और बिहार चुनाव में राजनीतिक नेतृत्व की व्यस्तता के चलते इसमें देरी हुई।
अब उम्मीद की जा रही है कि यह लंबा इंतजार नवंबर में खत्म हो जाएगा और भोपाल की जनता को आधुनिक परिवहन का लाभ मिल सकेगा।


