Homeन्यूजनालंदा के शीतलाष्टमी मेले में मची भगदड़: 9 की मौत, CM और...

नालंदा के शीतलाष्टमी मेले में मची भगदड़: 9 की मौत, CM और PM ने जताया दुख- मुआवजे का ऐलान

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Bihar Nalanda Temple Stampede बिहार के नालंदा जिले में मंगलवार, 31 मार्च की सुबह एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया।

दीपनगर थाना क्षेत्र के मघड़ा गांव स्थित प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को पूजा-अर्चना के लिए हजारों की भीड़ उमड़ी थी।

लेकिन मंदिर परिसर में मची भगदड़ ने 9 लोगों की जान ले ली, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए।

हादसे के बाद मंदिर और मेला को बंद करवा दिया है। सीएम नीतिश ने मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए हैं।

सरकार ने मृतकों के आश्रितों को 6 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। 

वही केंद्र सरकार ने 2 लाख के मुआवजे की घोषणा की है।

कैसे शुरू हुआ मौत का तांडव?

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, चैत्र मास का आखिरी मंगलवार होने के कारण सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं।

शीतला माता मंदिर की मान्यता है कि यहां चैत्र के मंगलवार को पूजा करने से बीमारियां दूर होती हैं और सुख-शांति आती है। इसी विश्वास के साथ महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भारी संख्या में जमा थे।

हादसे की शुरुआत तब हुई जब मंदिर का गर्भगृह (मुख्य मंदिर) छोटा होने के बावजूद भीड़ को नियंत्रित करने का कोई ठोस इंतजाम नहीं था।

दर्शन की होड़ ने ली 9 की जान

चिलचिलाती गर्मी और उमस के बीच दर्शन की होड़ मची हुई थी।

बताया जा रहा है कि कतार में खड़ी एक महिला को अचानक चक्कर आया और वह गिर पड़ी।

उसे उठाने के प्रयास में पीछे से आ रहे लोगों का दबाव बढ़ गया।

धक्का-मुक्की इतनी तेज हुई कि लोग ताश के पत्तों की तरह एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए।

प्रशासनिक लापरवाही और देरी से पहुंचा बचाव दल

घटनास्थल पर मौजूद लोगों का आरोप है कि इतने बड़े मेले और भीड़ के बावजूद पुलिस सुरक्षा और एंबुलेंस के इंतजाम न के बराबर थे।

मंदिर के भीतर न तो बैरिकेडिंग सही थी और न ही भीड़ को डायवर्ट करने का कोई रास्ता।

भीड़ जब बेकाबू हुई, तो वहां मौजूद मुट्ठी भर सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने रहे।

सबसे शर्मनाक बात यह रही कि हादसे के करीब 40 मिनट बाद पहली एंबुलेंस मौके पर पहुंची।

तब तक स्थानीय लोग और श्रद्धालु खुद ही घायलों को अपने स्तर पर बाहर निकाल रहे थे।

अगर समय पर चिकित्सा सहायता मिल जाती, तो शायद कुछ जानें बचाई जा सकती थीं।

8 महिलाओं की मौके पर ही दम घुटने या दबने से मौत हो गई। जबकि 1 घायल ने अस्पताल जाते वक्त दम तोड़ दिया।

अपनों की तलाश में भटकते परिजन

हादसे के बाद नालंदा के मॉडल अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर का मंजर रूह कंपा देने वाला है।

मृतकों में रीता देवी (50 वर्ष) और रेखा देवी (45 वर्ष) की पहचान हो चुकी है, जबकि बाकी 6 महिलाओं की शिनाख्त की कोशिशें जारी हैं।

अस्पताल के हर वार्ड में लोग पागलों की तरह अपनी मां, पत्नी या बहन को ढूंढ रहे हैं।

पुलिस ने फिलहाल मंदिर परिसर को खाली कराकर सील कर दिया है और आसपास लगने वाले मेले को भी बंद करा दिया गया है।

सरकार की कार्रवाई और मुआवजा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मृतक के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2 लाख और आपदा प्रबंधन से 4 लाख की सहायता राशि देने की सरकार ने घोषणा की है।

सीएम ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि घटना की उच्च स्तरीय जांच की जाए और दोषियों की जवाबदेही तय हो।

पटना कमिश्नर को भी हालात का जायजा लेने के लिए बिहारशरीफ भेजा गया है।

पीएम ने जताया शोक, केंद्र सरकार देगी 2 लाख

पीएम मोदी ने नालंदा हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने घायलों के शीध्र स्वस्थ्य होने की कामना की है।

पीएम राहत कोष से मृतकों के आश्रितों को 2 लाख रुपए देने का ऐलान किया है।

साथ ही सभी घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।

अव्यवस्था के बीच उठते सवाल

यह कोई पहली बार नहीं है जब बिहार के किसी मंदिर में भगदड़ मची हो।

सवाल यह उठता है कि जब प्रशासन को पता था कि चैत्र का आखिरी मंगलवार है और भीड़ लाखों में हो सकती है, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए?

मंदिर के पुजारी और प्रबंधन समिति ने सिर्फ चढ़ावे और दर्शन पर ध्यान दिया, लेकिन सुरक्षा पर नहीं।

फिलहाल, मघड़ा गांव में सन्नाटा है और हवा में सिर्फ सिसकियों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।

#BiharNews #Nalanda #TempleStampede #BiharAccident #NalandaNews #ShitalaMataMandir #BreakingNewsHindi #SafetyFirst

- Advertisement -spot_img