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CJP का संसद मार्ग थाने तक मार्च: आरोपी के कबूलनामे के बाद भी कार्रवाई न होने पर हंगामा

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

CJP Parliament March: 4 सितंबर को राजधानी दिल्ली में  कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट (संसद मार्ग) पुलिस स्टेशन की ओर एक बड़ा विरोध मार्च निकाला।

यह प्रदर्शन CJP कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई में देरी के विरोध में किया गया था।

इस मार्च की अगुवाई CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने की।

मामले ने तब तूल पकड़ा जब आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह कथित तौर पर संजय कुमार पर हमला करने की बात स्वीकार करता दिख रहा है।

 

CJP नेताओं का कहना है कि जब आरोपी खुद वीडियो में जुर्म कबूल कर रहा है, तो दिल्ली पुलिस उसे जेल भेजने के बजाय ढील क्यों दे रही है।

 

क्या है पूरा मामला?

घटना 23 जून की है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था।

आरोप है कि इसी दौरान हिंसा भड़की और स्वतंत्र भारद्वाज नामक शख्स ने नीशू आजाद के पिता संजय कुमार पर जानलेवा हमला कर दिया।

नीशू आजाद का दावा है कि इस हमले में उनके पिता का सिर फूट गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं।

घटना के तुरंत बाद पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन परिवार का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया।

वायरल पॉडकास्ट और ‘सेल्फ डिफेंस’ का दावा

इस विवाद में नया मोड़ तब आया जब सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और ‘सनातनी योद्धा’ के नाम से चर्चित स्वतंत्र भारद्वाज की एक क्लिप वायरल हुई।

क्लिप में स्वतंत्र यह कहते सुने गए कि उन्होंने ही संजय कुमार के सिर पर हमला किया था और उन्हें 60 टांके लगे थे।

उन्होंने यह भी दावा किया कि अपने रसूख के कारण वे कानूनी कार्रवाई से बच निकले।

 

हालांकि, वीडियो के विवादों में आने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी सफाई पेश की।

उनका कहना है कि उन्होंने जो कुछ भी किया, वह आत्मरक्षा (Self-Defense) में किया था। स्वतंत्र का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान 10 से 15 लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया था।

अगर वे अपना बचाव नहीं करते, तो भीड़ उन्हें जान से मार सकती थी।

दिल्ली पुलिस की सफाई और मेडिकल रिपोर्ट

मामले पर उठते सवालों के बीच दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष साफ किया है।

दिल्ली पुलिस (DCP) के मुताबिक, 23 जून को हाथापाई के दौरान संजय कुमार को सिर पर चोट लगी थी, जो आरोपी के हाथ में पहने कड़े (ब्रेसलेट) से लगी थी।

पुलिस ने बताया कि संजय को तुरंत आरएमएल (RML) अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने चोट को ‘साधारण’ (Simple Injury) बताया।

पुलिस ने खोपड़ी फटने या 60 टांके आने के दावों को पूरी तरह से खारिज और भ्रामक बताया है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को मौके से हिरासत में लिया गया था और उन्हें कानूनी नोटिस देकर पूछताछ की जा चुकी है।

पुलिस के अनुसार, जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

 

राहुल गांधी का मिला समर्थन

इस पूरे घटनाक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की एंट्री से मामला और गरमा गया है।

नीशू आजाद ने सोशल मीडिया के जरिए राहुल गांधी से मदद की गुहार लगाई थी।

इसके जवाब में राहुल गांधी ने नीशू को समर्थन देते हुए कहा, “हम तुम्हारे साथ हैं।”

राहुल गांधी ने ‘X’ (ट्विटर) पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि नीशू छात्रों और अपने समुदाय के हक के लिए आवाज उठाती हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय और पुलिस पर आरोपी को बचाने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी के समर्थन के बाद नीशू आजाद ने उम्मीद जताई कि अब उनके परिवार को न्याय मिलेगा और आरोपी को जेल भेजा जाएगा।

CJP नेताओं के कड़े तेवर

प्रदर्शन के दौरान CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास ने पुलिस और प्रशासन पर जमकर भड़ास निकाली।

सौरव दास ने कहा कि जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण था, लेकिन एक आपराधिक सोच वाले समूह ने वहां हिंसा फैलाई।

उन्होंने सवाल किया कि ऐसे लोग खुलेआम घूमकर अपनी गलतियों का जश्न कैसे मना सकते हैं?

वहीं, आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर काम कर रही है और जानबूझकर ढिलाई बरत रही है।

CJP नेताओं ने मांग की है कि वायरल वीडियो को आधार बनाकर आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307) का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

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