Datia By-election MP: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव अब बेहद दिलचस्प और हाई-प्रोफाइल हो चुका है।
सोमवार को नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन दतिया की सड़कों पर भारी राजनीतिक हलचल देखने को मिली।
बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ही दलों ने इस सीट को अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है।
यही वजह रही कि दोनों पार्टियों के शीर्ष नेता अपने-अपने उम्मीदवारों का हौसला बढ़ाने और जनता के बीच शक्ति प्रदर्शन करने खुद दतिया पहुंचे।

सुबह से ही दतिया में सियासी पारा चढ़ा हुआ था।
दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया।
इस चुनावी मुकाबले को जीतने के लिए जहां एक तरफ नामांकन के जरिए ताकत दिखाई गई, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने अपने 40 सबसे असरदार नेताओं (स्टार प्रचारकों) की सूची जारी कर इरादे साफ कर दिए हैं।

एक ही दिन में दोनों दिग्गजों का नामांकन
सोमवार का दिन दतिया के लिए राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का गवाह बना।
सुबह करीब 11:30 बजे कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
घनश्याम सिंह का साथ देने के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जैसे बड़े चेहरे मौजूद रहे।
इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने भी कांग्रेस को अपना समर्थन दिखाते हुए मौजूदगी दर्ज कराई।

ठीक इसके कुछ घंटों बाद, दोपहर करीब 2:30 बजे बीजेपी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने अपना पर्चा भरा।
आशुतोष तिवारी के नामांकन के दौरान खुद सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और दतिया के कद्दावर नेता व पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा मौजूद रहे।
दोनों दलों के इस भारी हुजूम ने साफ कर दिया है कि दतिया की लड़ाई कांटे की होने वाली है।

बीजेपी ने चली ‘सोशल इंजीनियरिंग’ की चाल, 40 स्टार प्रचारक मैदान में
दतिया सीट को हर हाल में अपने पाले में करने के लिए बीजेपी ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत 40 स्टार प्रचारकों की सूची तैयार की है।
11 जुलाई को प्रदेश संगठन द्वारा केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई यह सूची सोमवार सुबह सार्वजनिक हो गई।
इस लिस्ट में राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा खुद चुनाव प्रचार की कमान संभालते नजर आएंगे।

दिल्ली की राजनीति में सक्रिय मध्य प्रदेश के बड़े चेहरों को भी इस काम में लगाया गया है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और वीरेंद्र कुमार खटीक को दतिया में पार्टी का माहौल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
इनके अलावा मध्य प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम—जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल—के साथ-साथ कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और राकेश सिंह जैसे सीनियर कैबिनेट मंत्री भी दतिया में वोट मांगते नजर आएंगे।

ग्वालियर-चंबल के समीकरणों पर फोकस
चूंकि दतिया ग्वालियर-चंबल संभाग के अंतर्गत आता है, इसलिए बीजेपी ने यहाँ के स्थानीय और जातीय समीकरणों (सोशल इंजीनियरिंग) को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम इस सूची में शामिल होना यह बताता है कि क्षेत्र में उनका प्रभाव पार्टी के लिए कितना जरूरी है।
इसके साथ ही अंचल के बड़े नेताओं जैसे प्रद्युम्न सिंह तोमर, एदल सिंह कंसाना, नारायण सिंह कुशवाहा, सुमित्रा वाल्मीकि और शैतान सिंह पाल को भी इस सूची में जगह दी गई है, ताकि हर वर्ग के मतदाताओं को रिझाया जा सके।

अब देखना यह होगा कि नामांकन के इस भारी शक्ति प्रदर्शन और दिग्गजों की फौज के बीच दतिया की जनता किस पर अपना भरोसा जताती है।
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