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दिशा सालियान केस में नया मोड़: पिता ने आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को भेजा 500 करोड़ का मानहानि नोटिस

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Aaditya Thackeray defamation notice: दिवंगत बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी गलियारों में गर्मा गया है।

दिशा के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) के युवा नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री व NCP (SP) नेता अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपए का लीगल मानहानि नोटिस भेजा है।

सतीश सालियान का आरोप है कि दोनों नेताओं के बयानों से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है और उनकी निष्पक्ष न्याय की मांग को गलत तरीके से “राजनीतिक साजिश” करार दिया जा रहा है।

7 दिनों में सार्वजनिक माफी की मांग

नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख अपने विवादित बयानों को तुरंत वापस लें और अगले 7 दिनों के भीतर मुख्य समाचार पत्रों व टीवी चैनलों के जरिए बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और 500 करोड़ रुपए का हर्जाना वसूलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

क्या हैं पूरे विवाद की वजह?

दिशा सालियान के पिता का कहना है कि वे केवल अपनी बेटी की मौत का सच जानने और न्याय पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

हालांकि, राजनीतिक नेताओं के बयानों से उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए:

* आदित्य ठाकरे का बयान: 16 सितंबर को आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया और मीडिया के सामने कहा कि वे कभी भी दिशा सालियान से नहीं मिले हैं।

उन्होंने पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि राजनीतिक और निजी कारणों से उनका नाम घसीटा जा रहा है।

 * अनिल देशमुख का रुख: 23 मार्च 2025 को अनिल देशमुख ने अपने बयान में इस पूरे मामले को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की एक पूर्वनियोजित साजिश बताया था।

सतीश सालियान के मुताबिक, ऐसे बयानों से ऐसा संदेश जाता है जैसे एक पीड़ित पिता अपनी बेटी के लिए न्याय मांगने के बजाय किसी के राजनीतिक मोहरे के रूप में काम कर रहा हो, जो कि बिल्कुल गलत और अपमानजनक है।

हाईकोर्ट का रुख और CBI की नई FIR

गौरतलब है कि 8 जून 2020 को मुंबई की एक बहुमंजिला इमारत से गिरने के कारण 28 साल की दिशा सालियान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

इसके महज छह दिन बाद यानी 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे।

शुरुआती दौर में मुंबई पुलिस ने दो बार जांच की और इसे आत्महत्या करार दिया था।

 

लेकिन पिता सतीश सालियान ने हार नहीं मानी और बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नए सिरे से जांच और FIR दर्ज करने की मांग की।

बॉम्बे हाईकोर्ट के 2 सितंबर के आदेश का पालन करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 14 सितंबर को इस मामले में नई FIR दर्ज की है।

CBI की इस FIR में आदित्य ठाकरे के अलावा अभिनेता डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रिया चक्रवर्ती और कुछ मेडिकल स्टाफ व पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच करने की बात शामिल है।

हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि FIR में किसी का नाम शामिल होना अपने आप में कोई अपराध साबित नहीं करता; जांच पूरी होने के बाद ही सच सामने आएगा।

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