New Cab Booking Rules India: अगर आप रोजाना दफ्तर जाने या किसी काम से ओला, उबर, रैपिडो या इनड्राइव जैसी कैब सर्विस का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है।
अक्सर देखा जाता है कि बारिश के मौसम में, ऑफिस टाइमिंग या पीक ऑवर्स में कैब मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है।
ऐसे वक्त में कैब ऐप्स की स्क्रीन पर एक मैसेज चमकने लगता था—’₹20 या ₹50 की टिप जोड़ें और जल्दी गाड़ी पाएं।’
मजबूरी में यात्रियों को जल्दी राइड कन्फर्म कराने के चक्कर में यह अतिरिक्त पैसा (एडवांस टिप) देना पड़ता था।

लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। केंद्र सरकार ने इस तरह की मनमानी पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
सरकार का कड़ा रुख: ऐप्स से हटाएं एक्स्ट्रा पेमेंट के ऑप्शन
केन्द्रीय परिवहन मंत्रालय ने सभी राइड-हेलिंग (कैब और बाइक टैक्सी) कंपनियों को कड़े निर्देश दिए हैं।
सरकार का साफ कहना है कि कैब बुक करते समय किसी भी ग्राहक से जबरन या लालच देकर एक्स्ट्रा पैसे वसूलना पूरी तरह गलत है।

कंपनियों को तुरंत प्रभाव से अपने मोबाइल ऐप्स से ‘एडवांस टिप’, ‘एड-ऑन’ और ‘जल्दी गाड़ी मिलने के चांस बढ़ाएं’ जैसे सभी फीचर्स और प्रॉम्प्ट हटाने का हुक्म दिया गया है।
सरकार के पास लंबे समय से शिकायतें आ रही थीं कि कैब कंपनियां अपने ऐप्स का डिजाइन इस तरह बना रही हैं जिससे ग्राहकों को लगता है कि बिना एक्स्ट्रा टिप दिए ड्राइवर उनकी राइड स्वीकार नहीं करेगा।
उपभोक्ता संरक्षण कानून (Consumer Protection Act) के तहत इसे ग्राहकों को गुमराह करना और अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) माना गया है।

क्या कहते हैं मोटर व्हीकल एग्रीगेटर नियम?
परिवहन मंत्रालय ने अपनी गाइडलाइंस का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि टिप हमेशा सफर खत्म होने के बाद दी जाती है, न कि बुकिंग के समय। नियम के मुताबिक:
* टिप पूरी तरह स्वैच्छिक है: यात्री अपनी मर्जी से ड्राइवर की सर्विस और व्यवहार से खुश होकर सफर खत्म होने पर टिप दे सकता है।
* कमीशन पर रोक: ड्राइवर को जो भी टिप मिलती है, उसकी 100% राशि सीधे ड्राइवर के खाते में जानी चाहिए। कंपनियां इस टिप में से एक भी रुपया कमीशन के रूप में नहीं काट सकतीं।
* बुकिंग के वक्त टिप का कोई प्रावधान नहीं: राइड कन्फर्म करने के लिए टिप को शर्त बनाना नियमों का उल्लंघन है।

ऐप्स में करने होंगे बड़े बदलाव
सरकार के इस आदेश के बाद ओला, उबर, इनड्राइव और रैपिडो जैसी कंपनियों को अपने ऐप के यूजर इंटरफेस और बुकिंग एल्गोरिदम में बड़े बदलाव करने होंगे।
अब बुकिंग स्क्रीन पर कोई भी ऐसा ऑप्शन या पॉप-अप नहीं दिखाया जा सकेगा जो अप्रत्यक्ष रूप से भी यात्री पर एक्स्ट्रा पैसे देने का दबाव बनाए।
यदि कोई कैब कंपनी इन नियमों की अनदेखी करती है या आदेश का पालन नहीं करती है, तो उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय और परिवहन मंत्रालय उन पर भारी जुर्माना लगा सकता है और सख्त कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है।

आम यात्रियों को कितना फायदा?
इस फैसले से देश के करोड़ों कैब यूजर्स को सीधा फायदा पहुंचेगा।
अक्सर बारिश या ट्रैफिक के वक्त यात्रियों से 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक एक्स्ट्रा एडवांस टिप के नाम पर वसूल लिए जाते थे।
नए नियम लागू होने के बाद यात्रियों की जेब पर बेवजह का बोझ नहीं पड़ेगा।
क्या अब बिल्कुल टिप नहीं दे पाएंगे?
ध्यान देने वाली बात यह है कि सरकार ने टिप देने की प्रथा को बंद नहीं किया है, बल्कि ‘एडवांस टिप’ पर रोक लगाई है।
अगर आप ड्राइवर के काम से खुश हैं, तो सफर पूरा होने के बाद ऐप के जरिए या नकद में अपनी इच्छा अनुसार टिप दे सकते हैं।

सरकार का मकसद केवल बुकिंग के समय यात्रियों से होने वाली एक्स्ट्रा वसूली को रोकना है।
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