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मध्य प्रदेश में 5 दिन बंद रहेंगे बैंक: कैश जमा, निकासी और चेक क्लियरेंस पर लगेगा ब्रेक

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

MP 5 day bank strike: अगर आप मध्य प्रदेश में रहते हैं और बैंक की शाखा जाकर कैश जमा करने, पैसे निकालने या चेक क्लियर कराने जैसी कोई जरूरी बैंकिंग प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है।

राज्य के करीब 40 हजार बैंक अधिकारी और कर्मचारी एक बार फिर हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं।

इस वजह से प्रदेश की लगभग 7,000 बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।

अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई भी जरूरी काम निपटाना है, तो उसे 23 सितंबर से 25 सितंबर (बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार) के बीच ही पूरा कर लें।

इसके बाद 26 सितंबर से लेकर 30 सितंबर तक लगातार 5 दिनों के लिए आमने-सामने (In-person) होने वाले बैंकिंग कामकाज में बड़ी रुकावट आने वाली है।

छुट्टी और हड़ताल का पूरा कैलेंडर

बैंकिंग सेवाओं में यह रुकावट लगातार आ रही छुट्टियों और हड़ताल का मिला-जुला नतीजा है।

आइए समझते हैं कि आने वाले दिनों में बैंक क्यों और कब-कब बंद रहेंगे:

* 23 से 25 सितंबर (बुधवार से शुक्रवार): इन तीन दिनों में सभी बैंक शाखाएं पूरी तरह खुली रहेंगी और सामान्य तरीके से कामकाज होगा।

 * 26 सितंबर (शनिवार): महीने का चौथा शनिवार होने के कारण बैंकों में नियमित साप्ताहिक अवकाश रहेगा।

 * 27 सितंबर (रविवार): साप्ताहिक रविवार की छुट्टी रहेगी।

 * 28 से 30 सितंबर (सोमवार से बुधवार): यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर करीब 40 हजार बैंककर्मी 3 दिनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे।

यानी शनिवार और रविवार की 2 दिन की छुट्टियों के तुरंत बाद 3 दिन की हड़ताल जुड़ने से लगातार 5 दिन तक बैंक शाखाओं में ताले लटके नजर आ सकते हैं।

कौन-कौन सी सेवाएं होंगी प्रभावित?

इस 5-दिवसीय रुकावट के दौरान बैंक शाखाओं के भीतर होने वाले लगभग सभी काम ठप पड़ सकते हैं।

 * कैश जमा और निकासी: शाखाओं के काउंटर से नकदी निकालने या जमा करने की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।

 * चेक क्लियरेंस: चेक जमा करने और उनकी क्लियरिंग प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है।

 * ड्राफ्ट और बैंक पासबुक अपडेट: नए डिमांड ड्राफ्ट बनवाने या पासबुक प्रिंट कराने जैसे काम नहीं हो पाएंगे।

 * लोन और अकाउंट ओपनिंग: शाखा स्तर पर नए खाते खोलने या लोन वेरिफिकेशन से जुड़े काम रुके रहेंगे।

डिजिटल बैंकिंग पर क्या असर पड़ेगा?

हालांकि, नेट बैंकिंग, यूपीआई (UPI), मोबाइल बैंकिंग और एटीएम (ATM) सेवाएं चालू रहने की उम्मीद है।

लेकिन ध्यान रहे कि लगातार 5 दिन बैंक बंद रहने से कई एटीएम में कैश खत्म होने की समस्या खड़ी हो सकती है।

इसलिए अपनी जरूरत के हिसाब से पहले ही नकद राशि की व्यवस्था करके रखना समझदारी होगी।

बैंक कर्मचारी क्यों जा रहे हैं हड़ताल पर?

बैंक कर्मचारियों का यह प्रदर्शन मुख्य रूप से 5-डे बैंकिंग वीक (5-Day Work Week) लागू करने की मांग को लेकर है।

इस आंदोलन की अगुवाई बैंकों के केंद्रीय संगठन ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस’ (UFBU) कर रहा है।

मुख्य मांगें क्या हैं?

* हर शनिवार छुट्टी: वर्तमान नियम के तहत बैंकों में सिर्फ दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है।

यूनियनों की मांग है कि केंद्र सरकार और भारतीय बैंक संघ (IBA) सभी शनिवार को अवकाश घोषित करें और 5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करें।

* काम के समय में बदलाव का प्रस्ताव: यूनियनों का तर्क है कि शनिवार की छुट्टी की भरपाई के लिए वे सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने के लिए तैयार हैं।

इससे बैंक के कुल कार्यघंटों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

* स्केल-IV लागू करना: कर्मचारियों के प्रमोशन और सैलरी स्ट्रक्चर से जुड़े स्केल-IV को लागू करने की भी मांग शामिल है।

UFBU के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा के मुताबिक, सरकार और बैंक प्रबंधन के साथ इस मुद्दे पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है।

इसके बावजूद 5-डे वीक की जायज मांग को लंबे समय से अटका कर रखा गया है।

सरकार की ओर से कोई ठोस फैसला न आने के कारण कर्मचारियों को मजबूरन हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ रहा है।

तीन चरणों में आंदोलन, अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

यूनियनों ने अपने इस विरोध प्रदर्शन को तीन अलग-अलग चरणों में बांट रखा है।

इससे पहले 27 अगस्त को कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन किया था।

वहीं, सितंबर महीने की शुरुआत में (11 से 13 सितंबर) भी छुट्टियों और विरोध के चलते काम प्रभावित हुआ था।

अब 28 से 30 सितंबर की हड़ताल इसी आंदोलन का दूसरा बड़ा चरण है।

यूनियनों का साफ कहना है कि अगर इस 3-दिवसीय हड़ताल के बाद भी उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे तीसरे चरण में देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं।

हड़ताल से पहले विरोध दर्ज कराने के लिए कर्मचारी धरने और प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

आम जनता के लिए सलाह

लगातार छुट्टियों और फिर हड़ताल के चलते 23 से 25 सितंबर के बीच बैंक शाखाओं में आम दिनों के मुकाबले ज्यादा भीड़ उमड़ सकती है।

किसी भी तरह की परेशानी, कतार और देरी से बचने के लिए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि:

* अपनी आपातकालीन जरूरतों के लिए जरूरी कैश पहले ही निकालकर रख लें।

 * चेक से जुड़ा कोई भुगतान है, तो उसे शुक्रवार 25 सितंबर से पहले ही प्रोसेस करवा लें।

 * शाखा जाने के बजाय ज्यादा से ज्यादा डिजिटल माध्यमों जैसे यूपीआई, नेट-बैंकिंग और मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल करें।

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