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Republic Day Parade: कर्तव्य पथ पर झांकियों का भव्य प्रदर्शन, जानें PM मोदी की बंधेज पगड़ी का महत्व

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Republic Day Parade 2026: भारत ने आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे जोश और गर्व के साथ मनाया।

दिल्ली का ‘कर्तव्य पथ’ उस समय ऐतिहासिक पलों का गवाह बना जब देश की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विरासत एक साथ नजर आईं।

इस साल का गणतंत्र दिवस कई मायनों में अनूठा रहा, जिसमें पहली बार दो विदेशी मुख्य अतिथियों ने शिरकत की।

प्रधानमंत्री का ‘खास लुक’ और संदेश

हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहनावा चर्चा का केंद्र रहा।

पीएम ने राजस्थान की प्रसिद्ध ‘बंधेज’ कला से तैयार मल्टी-कलर पगड़ी पहनी थी।

इस पगड़ी में मरून, गुलाबी, हरा, पीला और नीला रंग शामिल था, जिस पर सुनहरे मोर पंख के डिजाइन बने थे।

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उनके कपड़े डार्क ब्लू कुर्ता और लाइट ब्लू जैकेट भारतीय वायुसेना और नौसेना की वर्दी से प्रेरित थे, जो सेना के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है।

वंदे मातरम् के 150 वर्ष और विशेष थीम

इस साल के समारोह की मुख्य थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र- वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र- आत्मनिर्भर भारत’ रही।

यह वर्ष वंदे मातरम् गीत के 150 साल पूरे होने का उत्सव भी है।

परेड के दौरान 30 अलग-अलग झांकियों के जरिए भारत की विकास यात्रा और समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को दुनिया के सामने पेश किया गया।

परेड के 6 ऐतिहासिक बदलाव

2026 की परेड ने इतिहास के कई पन्ने पलट दिए:

  1. दो मुख्य अतिथि: पहली बार यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन एक साथ मुख्य अतिथि बने।

  2. नारी शक्ति का नेतृत्व: CRPF की पुरुष रेजिमेंट का नेतृत्व एक महिला कमांडर ने किया, जो लैंगिक समानता का बड़ा संदेश है।

  3. हिम योद्धा (एनिमल कंटिंजेंट): परेड में पहली बार भारतीय नस्ल के कुत्ते (मुधोल हाउंड, राजापलायम आदि) और ऊंट-टट्टू शामिल हुए। ये कुत्ते GPS और कैमरों से लैस थे।

  4. ऑपरेशन सिंदूर की झलक: हालिया सैन्य अभियानों में इस्तेमाल हुए ‘इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर’ का सजीव प्रदर्शन किया गया।

  5. अग्निवीर महिला संगीतकार: पहली बार संगीत दस्ते में महिला अग्निवीरों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

  6. लाइव डिस्प्ले: सेना ने युद्ध के मैदान के मॉडल्स का लाइव प्रदर्शन कर अपनी युद्धक क्षमता दिखाई।

हवा और समंदर की ताकत

आसमान में ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ के तहत 29 विमानों ने फ्लाई-पास्ट किया।

इसमें सुखोई, राफेल और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों ने अपनी गति से सबको रोमांचित कर दिया।

वहीं, नौसेना की झांकी में INS विक्रांत और 5वीं शताब्दी के प्राचीन सिला हुआ जहाज ‘INSV कौंडिन्य’ की प्रतिकृति दिखाई गई, जो भारत के प्राचीन और आधुनिक समुद्री कौशल को जोड़ती है।

भारत पर्व और आगे का कार्यक्रम

गणतंत्र दिवस का यह उत्सव आज ही समाप्त नहीं हो रहा है।

लाल किले पर आज से 31 जनवरी तक ‘भारत पर्व’ का आयोजन किया जाएगा।

पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित इस पर्व में देश के अलग-अलग राज्यों के पकवान, हस्तशिल्प और लोक कलाओं का प्रदर्शन होगा, जिसका उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे।

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